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सवाल: टीएमसी ने पूछा, अधिकारियों व केंद्रीय बलों के लिए कोविड निगेटिव रिपोर्ट जरूरी क्यों नहीं
Fri, 30 Apr 2021 03:35 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Fri, 30 Apr 2021 03:35 AM IST
सार
- टीएमसी पार्टी ने मतगणना के लिए चुनाव आयोग की ओर से जारी दिशा-निर्देश पर उठाए सवाल
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टीएमसी (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग के उस फैसले पर हैरानी जताई है, जिसमें उसने उम्मीदवारों और उनके एजेंटों को मतगणना कक्ष में प्रवेश के लिए कोविड निगेटिव रिपोर्ट को आवश्यक कर दिया है। वहीं यह नियम मतगणना में लगे अधिकारियों और केंद्रीय बलों पर लागू नहीं होगा। पार्टी ने चुनाव आयोग को दिए एक पत्र में यह भी कहा कि इस फैसले से उन हजारों केंद्रीय बलों का जीवन और स्वास्थ्य में खतरे में पड़ेगा जो मतगणना कक्षों के बाहर तैनात होंगे।
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तृणमूल कांग्रेस ने पत्र में कहा कि मतगणना कक्ष में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों, चुनाव एजेंट और मतगणना एजेंट के लिए कोरोना की नेगेटिव रिपोर्ट को जरूरी किया गया है। ऐसी रिपोर्ट प्रस्तुत करने वाले उम्मीदवारों, चुनाव एजेंट व मतगणना एजेंट ही मतगणना हाल में प्रवेश कर सकेंगे। यह हैरानी वाली बात है कि चुनाव अधिकारियों के लिए ऐसा कोई प्रावधान नहीं किया गया।
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पार्टी ने कहा कि दो मई को मतगणना केंद्रों के बाहर 23-24 हजार केंद्रीय पुलिस बल के जवान तैनात होंगे। स्तब्ध करने वाली बात यह है कि जारी दिशा-निर्देशों में इन सुरक्षा बलों के लिए पीपीई किट के इस्तेमाल और कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट सौंपने का कोई नियम नहीं है। इससे इनके जीवन और स्वास्थ्य को खतरा पैदा होगा। पार्टी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग केंद्रीय बलों की सुरक्षा को लेकर लापरवाह बन रहा है। उसने यह मांग भी की है कि ईवीएम के वोटों की गिनती से पहले डाक मतपत्रों की गिनती पूरी की जाए।
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मतगणना के लिए आयोग की ओर से जारी निर्देश
चुनाव आयोग की ओर बुधवार को जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि प्रत्याशी या उनके एजेंटों को कोविड-19 की निगेटिव रिपोर्ट दिखाए बिना उन कक्षों में प्रवेश नहीं मिलेगा जहां दो मई को मतगणना होगी। या फिर प्रत्याशी या उनके एजेंट जिन्हें कोरोना टीकों की दोनों खुराकें लग चुकी हों वह मतगणना कक्ष में प्रवेश कर सकेंगे। जांच रिपोर्ट मतगणना शुरू होने के समय से 48 घंटे पहले की नहीं होनी चाहिए।
हालांकि उम्मीदवारों को अपने पहले एजेंट के जांच में संक्रमित होने पर दूसरा नाम देने की अनुमति होगी। जिला निर्वाचन अधिकारी उम्मीदवारों और उनके एजेंटों की कोरोना जांच करवाएंगे। दो मई को चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनाव में पड़े मतों की गिनती होगी। देश में बढ़ते कोरोना मामलों के बीच जारी इस निर्देश में मतगणना के दौरान केंद्रों के बाहर भीड़ के जमा होने पर रोक रहेगी।