{"_id":"5a51eeb04f1c1b4f198b5562","slug":"tirumala-tirupati-devasthanam-issued-notices-to-44-non-hindu-employees-before-removing","type":"story","status":"publish","title_hn":"तिरुमाला मंदिर से निकाले जाएंगे 44-गैर हिन्दू कर्मचारी, सरकार देगी दूसरी नौकरी","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
तिरुमाला मंदिर से निकाले जाएंगे 44-गैर हिन्दू कर्मचारी, सरकार देगी दूसरी नौकरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 07 Jan 2018 03:35 PM IST
विज्ञापन
आंध्र प्रदेश के तिरुमाला में भगवान वेंकटेश्वर का मंदिर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आंध्र प्रदेश के तिरुमाला में भगवान वेंकटेश्वर के मंदिर का प्रबंधन करने वाले तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने 44 गैर-हिन्दू कर्मचारियों को निकालने की तैयारी कर ली है। हालांकि इन कर्मचारियों को निकालने से पहले नोटिस जारी कर सफाई मांगी गई है।
साल 1989 तक TTD में कर्मचारियों को रखे जाने के संबंध में कोई प्रतिबंध नहीं था। हालांकि 2007 में नियम लाया गया कि गैर-हिन्दुओं को नौकरी पर नहीं रखा जाएगा। इसके पीछे तर्क दिया गया कि तिरुमाला तिरुपति किसी भी ऐसे शख्स को मंदिर में आने की अनुमति नहीं देता जो भगवान में विश्वास ही ना रखता हो। इसके लिए उन्हें एक घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करना पड़ता था कि वह भगवान बालाजी में विश्वास रखते हैं।
हाल ही में टीटीडी के सतर्कता और प्रवर्तन प्रमुख रवि कृष्णा ने एक रिपोर्ट सब्मिट कर बताया कि मंदिर में 44 गैर-हिन्दू पुरुष व महिलाएं काम करती हैं। इनमें से 39 को साल 1989 से 2007 के बीच नियुक्त किया गया था। अब टीटीडी की योजना इन कर्मचारियों को आंध्र प्रदेश सरकार की अन्य विभागों में नौकरी पर रखने की है। बता दें कि इसी मंदिर की एक महिला कर्मचारी का वीडियो समाने आया था जिसमें वो चर्च में प्रार्थना कर रही है। इसके बाद गैर-हिन्दुओं की इस मंदिर में नियुक्ति के मामले ने तूल पकड़ लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
साल 1989 तक TTD में कर्मचारियों को रखे जाने के संबंध में कोई प्रतिबंध नहीं था। हालांकि 2007 में नियम लाया गया कि गैर-हिन्दुओं को नौकरी पर नहीं रखा जाएगा। इसके पीछे तर्क दिया गया कि तिरुमाला तिरुपति किसी भी ऐसे शख्स को मंदिर में आने की अनुमति नहीं देता जो भगवान में विश्वास ही ना रखता हो। इसके लिए उन्हें एक घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करना पड़ता था कि वह भगवान बालाजी में विश्वास रखते हैं।
विज्ञापन
हाल ही में टीटीडी के सतर्कता और प्रवर्तन प्रमुख रवि कृष्णा ने एक रिपोर्ट सब्मिट कर बताया कि मंदिर में 44 गैर-हिन्दू पुरुष व महिलाएं काम करती हैं। इनमें से 39 को साल 1989 से 2007 के बीच नियुक्त किया गया था। अब टीटीडी की योजना इन कर्मचारियों को आंध्र प्रदेश सरकार की अन्य विभागों में नौकरी पर रखने की है। बता दें कि इसी मंदिर की एक महिला कर्मचारी का वीडियो समाने आया था जिसमें वो चर्च में प्रार्थना कर रही है। इसके बाद गैर-हिन्दुओं की इस मंदिर में नियुक्ति के मामले ने तूल पकड़ लिया।
विज्ञापन