फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Three Criminal bills: S Jaishankar said colonial era law has come to an end

Jaishankar: 'औपनिवेशिक काल के कानून का अंत', संसद में नए तीन आपराधिक विधेयकों की मंजूरी पर बोले जयशंकर

Fri, 22 Dec 2023 09:43 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आदर्श शर्मा Updated Fri, 22 Dec 2023 09:43 PM IST
सार

तीन आपराधिक विधेयकों के पारित होने पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इसे देश के उद्भव के लिए उपनिवेशवाद से मुक्ति में मील का पत्थर कहा है।

विज्ञापन
Three Criminal bills: S Jaishankar said colonial era law has come to an end
एस जयशंकर (फाइल फोटो) - फोटो : Twitter

विस्तार

संसद से तीन आपराधिक विधेयकों के पारित होने पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को सराहना की है। इस दौरान उन्होंने कहा कि औपनिवेशिक काल के कानूनों को बदलने और भारत के उद्भव के लिए उपनिवेशवाद से मुक्ति में मील का पत्थर कहा है। उन्होंने कहा कि कानूनी, पुलिस और जांच प्रणालियों को अद्यतन करने से कमजोर लोगों के लिए सुरक्षा बढ़ती है। संगठित अपराध और आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी प्रतिक्रिया की सुविधा भी मिलती है।
विज्ञापन


ये तीनों बिल नए युग की शुरुआत- अमित शाह
तीन आपराधिक विधेयक - भारतीय न्याय (द्वितीय) संहिता विधेयक, भारतीय नागरिक सुरक्षा (द्वितीय) संहिता विधेयक, और भारतीय साक्ष्य (द्वितीय) विधेयक - संसद के दोनों सदनों से पारित किए गए, जो दंड संहिता (आईपीसी), दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) और साक्ष्य अधिनियम की जगह लेंगे। बता दें संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान तीन विधेयकों को पेश किया गया था। चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में कहा कि यह एक नए युग की शुरुआत है क्योंकि इन विधेयकों का उद्देश्य न्याय देना है न कि सजा देना। इससे पहले, पीएम मोदी ने भी इन विधेयकों के पारित होने की सराहना की थी और इसे भारतीय इतिहास में एक 'वाटरशेड मोमेंट' कहा था। साथ ही उन्होंने कहा था कि ये सुधार के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का एक प्रमाण है।
विज्ञापन


औपनिवेशिक युग के कानून का अंत- पीएम मोदी
विधेयकों के पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023, भारतीय न्याय संहिता, 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 का पारित होना हमारे इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण है। ये विधेयक औपनिवेशिक युग के कानूनों के अंत का प्रतीक हैं। जनता पर केंद्रित कानूनों के साथ एक नए युग की शुरुआत होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed