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तीसरी लहर का खतरा: इंडोनेशिया में एक सप्ताह में 100 से ज्यादा बच्चों की मौत, बढ़ी चिंता

Mon, 26 Jul 2021 04:18 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Mon, 26 Jul 2021 04:18 PM IST
सार

तीसरी लहर की आशंका के बीच इंडोनेशिया में एक हफ्ते में 100 से ज्यादा बच्चों की मौत ने डरा दिया है। इससे भारत में भी चिंता पैदा हो गई है। 
 

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Threat of third Corona wave: more than 100 children die in a week in Indonesia, increased concern
डेल्टा प्लस - फोटो : pixabay

विस्तार

इंडोनेशिया में बीते एक सप्ताह में 100 से ज्यादा बच्चों की कोरोना के डेल्टा वैरिएंट से संक्रमित होने के बाद मौत होने से तीसरी लहर का खतरा नजर आने लगा है। हालांकि भारत में सरकार तीसरी लहर व बच्चों पर खतरे को लेकर सशंकित नहीं है, लेकिन इंडोनेशिया से मिली खबर ने चिंता पैदा कर दी है। 

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तीसरी लहर ने दे दी दस्तक?
इंडोनेशिया में डेल्टा वैरिएंट गत एक माह से कहर बरपा रहा है। वहां महीने भर से हर सप्ताह 100 से अधिक बच्चों की मौत हो रही है। इनमें कई बच्चों की उम्र पांच साल से कम है। यह विश्व के अन्य देशों के मुकाबले काफी ज्यादा है। इससे आशंका जताई जाने लगी है कि क्या वहां तीसरी लहर ने दस्तक दे दी है? 
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अब तक 800 बच्चों की मौत, संक्रमण दर 12.5 फीसदी
इंडोनेशिया में कोरोना के अब तक 30 लाख संक्रमित मिले हैं। इनमें से 12. 5 फीसदी बच्चे हैं। अब तक 83 हजार से ज्यादा की मौत हुई है। पूर्वी एशियाई देश में महामारी शुरू होने के बाद से 800 बच्चे मारे जा चुके हैं। इनमें से अधिकांश बच्चों की मौत पिछले माह हुई है। 
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स्वास्थ्य मंत्रालय जारी कर चुका गाइड लाइन
इधर, भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बच्चों में कोरोना को लेकर गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। हालांकि सरकार का कहना है कि बच्चों में कोरोना या डेल्टा वैरिएंट का खतरा ज्यादा होने के कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं हैं, लेकिन यदि बच्चे संक्रमित होते हैं तो उनमें हल्के लक्षण होते हैं। वे संक्रमण का सामना कर लेते हैं। दूसरी ओर चिकित्सकों का कहना है कि तीसरी लहर में बच्चों को खतरा है। अभी बच्चों के लिए देश में वैक्सीन के ट्रायल चल रहे हैं, इसलिए जब तक वैक्सीन बनने के बाद उन्हें लग नहीं जाती, तब तक उनमें संक्रमण का खतरा रहेगा। हालांकि भारत बायोटेक की बच्चों की वैक्सीन जल्द तैयार होने की उम्मीद है। दिल्ली एम्स में उसके अग्रिम चरण के परीक्षण चल रहे हैं। 


सितंबर तक आएंगे एम्स में ट्रायल के नतीजे
दिल्ली एम्स में 2 से 6 साल के बच्चों को कोवाक्सिन की दूसरी खुराक अगले सप्ताह से लगाई जाएगी।  6 से 12 और 12 से 18 साल के बच्चों को दूसरी खुराक लग गई है। सितंबर तक ट्रायल के परिणाम आने की उम्मीद है। एम्स प्रशासन के मुताबिक, बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार श्रेणियों में अलग करके तीन चरणों में ट्रायल किया जा रहा है। पहले 12-18 वर्ष के आयु वर्ग में परीक्षण शुरू किया गया था, उसके बाद 6-12 वर्ष में ट्रायल हुआ। 

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