फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   threat of target killing increasing in Jammu Kashmir Know government plan to save Kashmiri Pandits

Kashmiri Pandit: घाटी में बढ़ रहा टारगेट किलिंग का खतरा, कश्मीरी पंडितों को बचाने के लिए सरकार की योजना क्या?

Sun, 16 Oct 2022 11:15 PM IST
Shashidhar Pathak शशिधर पाठक
Updated Sun, 16 Oct 2022 11:15 PM IST
विज्ञापन
सार
शोपियां में आतंकियों ने गोली मारकर कश्मीरी पंडित पूरन कृष्ण भट्ट की हत्या कर दी। घाटी में टारगेट किलिंग की यह पहली वारदात नहीं है। इससे पहले भी कई लोगों को निशाना बनाकर उनका कत्ल किया गया है। 
loader
threat of target killing increasing in Jammu Kashmir Know government plan to save Kashmiri Pandits
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

श्रीनगर से लौटकर: शोपियां में आतंकियों ने गोली मारकर कश्मीरी पंडित पूरण कृष्ण भट्ट की हत्या कर दी। घाटी में टारगेट किलिंग की यह पहली वारदात नहीं है। इससे पहले भी कई लोगों को निशाना बनाकर उनका कत्ल किया गया है। अब सवाल यह उठता है कि कश्मीरी पंडितों को बचाने के लिए केंद्र सरकार के पास क्या योजना है? 

क्या कहते हैं उप-राज्यपाल?

जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रहे बदलाव पर उप राज्यपाल मनोज सिन्हा कड़ी नजर बनाए हुए हैं। उनका कहना है कि राज्य में आ रहे बदलाव और अमन की बहाली को खुद ही महसूस किया जा सकता है। कश्मीर में बढ़ा पर्यटन ही इसकी गवाही दे रहा है। आप अमरनाथ यात्रा की सफलता से लेकर हर पहलू पर इसे परख सकते हैं। 

'संवेदनशीलता दिखाए केंद्र'

राज्य सरकार से ताल्लुक रखने वाले सरकारी अधिकारी जहूर कहते हैं कि पिछले दो-तीन साल में सरकार ने आवाम की सहूलियतों पर काफी ध्यान दिया है। हालांकि, रातों रात सबकुछ नहीं बदल सकता। अवाम का भरोसा हासिल करने में वक्त लगता है। कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा के सवाल पर जहूर बोले कि यह आफत तो राजनीतिक दलों ने जानबूझकर मोल ली है। 90 के दशक को छोड़ दें तो पिछले काफी साल से सब साथ रह रहे थे। अब इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश हो रही है तो इसके खतरे भी बढ़ेंगे। सरकार को यहां संवेदनशीलता बरतनी चाहिए।

घाटी में लगातार बढ़ रही चुनौती

इस मामले में शीर्ष अधिकारी कहते हैं कि संवेदनशील मसले बताए नहीं जाते, लेकिन चुनौती लगातार बढ़ रही है। डीआईजी स्तर के एक अधिकारी ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव की तैयारियां चल रही हैं। परिसीमन का काम पूरा हो चुका है। हालांकि, सीमा पार के आतंकी संगठन कभी नहीं चाहेंगे कि कश्मीर में शांति बहाल हो। चुनाव हों। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भी अपने टारगेट में बदलाव ला रही है। ऐसे में कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा सवालों के दायरे में है। सूत्रों का कहना है कि सीमा पार से घुसपैठ रुकने के बाद ही कश्मीरी पंडित सुरक्षित हो पाएंगे। 

महिला अधिकारी के कंधे पर बड़ी जिम्मेदारी

श्रीनगर के सीआरपीएफ हेडक्वॉर्टर में तैनात आईजी चारू सिन्हा पहली महिला अफसर हैं, जिन्हें इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई। चारू सिन्हा का रिकॉर्ड भी काफी अच्छा है। सीआरपीएफ (आपरेशन) की कमान संभाल रहे आईजी एमएस भाटिया भी कुछ समय पहले ही घाटी में तैनात हुए हैं। भाटिया अच्छे स्ट्रैटजी प्लानर हैं। घाटी में जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ तालमेल बनाकर सुरक्षा कवर देने की मुख्य जिम्मेदारी सीआरपीएफ के ही पास है। 

पिछले साल से टारगेट पर कश्मीरी पंडित

राज्य में सुरक्षा के हालात पर काम कर रहे सुरक्षा बलों और खुफिया सूत्रों के पास अच्छे इनपुट नहीं हैं। उन्हें पता है कि कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा बड़ी चुनौती के रूप में सामने आ रही है। हालांकि, उन्हें भरोसा है कि जल्द ही सब ठीक हो जाएगा। पिछले दो दशक से जम्मू-कश्मीर पर काम कर रहे एक अधिकारी ने बताया कि आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद सुरक्षा बलों ने सघन अभियान चलाया था। पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले के बाद सुरक्षा बलों ने सीमा से लेकर घाटी तक आतंकवाद की रीढ़ तोड़ दी है। वहीं, वरिष्ठ अधिकारी ने यह माना कि अक्तूबर 2021 से टारगेट किलिंग की घटनाएं बढ़ी हैं। पिछले साल आतंकियों ने बिंदरू मेडिकेट के मालिक माखन लाल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घाटी में इस तरह की अब तक पांच वारदात हो चुकी हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed