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Bomb Threats: विमानों में बम की धमकी देने वाले 'नो फ्लाइट लिस्ट' में होंगे शामिल, सुरक्षा को लेकर सरकार सख्त
Wed, 16 Oct 2024 05:13 PM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शुभम कुमार
Updated Wed, 16 Oct 2024 05:13 PM IST
सार
Bomb Threat: देशभर में विमानों और एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की फर्जी धमकियों को लेकर केंद्र सरकार एक्शन में आती हुई दिख रही है। जहां सरकार ने विमानों में बढ़ते खतरे को देखते हुए स्काई मार्शल की संख्या को दोगुना करने का फैसला लिया है।
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विमान
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
देशभर में इन दिनों लगातार से एयरपोर्ट और विमानों को बम से उड़ाने की धमकियां में बढ़ोतरी हो रही है। जो कि केंद्र सरकार के लिए एक चुनौती के तौर पर बन गई है। इसी बीच केंद्र सरकार ने केंद्र सरकार ने देशभर के हवाई अड्डों से आने वाली उड़ानों में स्काई मार्शल की संख्या दोगुनी करने का फैसला लिया है। इस मामले में गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी है कि एयरपोर्ट और विमानों में बढ़ते खतरे के आकलन और खुफिया एजेंसियों से इनपुट मिलने के बाद स्काई मार्शल की संख्या दोगुनी करने का फैसला लिया गया है।
72 घंटों में 12 फ्लाइट्स को धमकी
बात अगर पिछले तीन दिनों की करें तो अब तक कुल 12 विमानों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता सातवें आसमान पर चली गई है। हालांकि जांच में सभी धमकियां झूठी पाई गई हैं, लेकिन सरकार अब इस मामले में एक्शन मोड पर आती हुई नजर आ रही है। जिसको लेकर बुधवार को गृह मंत्रालय ने फर्जी बम धमकियों पर नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) और नागरिक उड्डयन मंत्रालय(MoCA)के साथ चर्चा की। जानकारी के अनुसार BCAS के साथ MoCA के गहन चर्चा में निर्णय लिया गया कि एजेंसियां साथ मिलकर धमकी देने वालों की पहचान कर उन्हें नो-फ्लाई लिस्ट में शामिल करने किया जाएगा।
इसके साथ ही चर्चा के बारे में अधिकारी ने आगे बताया कि फिया रिपोर्ट के आधार पर संवेदनशील श्रेणी में जोड़े गए नए अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर एयर मार्शलों के नए बैच को तैनात किया जाएगा। विमान सुरक्षा एजेंसियों के साथ कई सारी बैठकों के बाद यह फैसला लिया गया। बता दें कि विमानों में बम की धमकी वाले फर्जी संदेशों को लेकर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
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संसदीय समीति के सामने भी उठा मुद्दा
एयरपोर्ट और विमानों में भेजे गए कई सारे फर्जी धमकी भरे संदेशों के मुद्दे को लेकर बुधवार को संसदीय समीति में भी गर्माहट दिखी। इस मामले में सांसदों के सवाल का जवाब देते हुए नागरिक उड्डयन सचिव नागरिक उड्डयन सचिव वुमलुनमंग वुलनाम ने बताया कि आरोपियों की पहचान की जा रही है। इसको लेकर एजेंसियां कार्रवाई कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जांचकर्ताओं ने कुछ जानकारी एकत्र की है और कार्रवाई कर रहे हैं। वे इस तरह के फर्जी संदेशों के कुछ अन्य मामलों पर भी काम कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने मामले की चल रही जांच के कारण सूचना की संवेदनशीलता का हवाला देते हुए अधिक विवरण साझा करने से इनकार कर दिया।
क्या होता है स्काई मार्शल?
एयरपोर्ट और विमानों में दोगुना किए जाने वाले स्काई मार्शल की बात करें तो आतंकवाद विरोधी और अपहरण विरोधी उपायों में विशेषज्ञता रखने वाली राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की एक इकाई को मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय मार्गों और कुछ संवेदनशील घरेलू मार्गों पर स्काई मार्शल को तैनात किया जाता है। स्काई मार्शल सशस्त्र सादे कपड़ों में सुरक्षा अधिकारी होते हैं जो यात्री विमानों पर यात्रा करते हैं। बता दें कि भारत में स्काई मार्शल या फ्लाइट मार्शल की शुरुआत 1999 में कंधार में एयर इंडिया की फ्लाइट IC 814 के अपहरण के बाद भविष्य में अपहरण को रोकने के लिए की गई थी।
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72 घंटों में 12 फ्लाइट्स को धमकी
बात अगर पिछले तीन दिनों की करें तो अब तक कुल 12 विमानों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता सातवें आसमान पर चली गई है। हालांकि जांच में सभी धमकियां झूठी पाई गई हैं, लेकिन सरकार अब इस मामले में एक्शन मोड पर आती हुई नजर आ रही है। जिसको लेकर बुधवार को गृह मंत्रालय ने फर्जी बम धमकियों पर नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) और नागरिक उड्डयन मंत्रालय(MoCA)के साथ चर्चा की। जानकारी के अनुसार BCAS के साथ MoCA के गहन चर्चा में निर्णय लिया गया कि एजेंसियां साथ मिलकर धमकी देने वालों की पहचान कर उन्हें नो-फ्लाई लिस्ट में शामिल करने किया जाएगा।
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इसके साथ ही चर्चा के बारे में अधिकारी ने आगे बताया कि फिया रिपोर्ट के आधार पर संवेदनशील श्रेणी में जोड़े गए नए अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर एयर मार्शलों के नए बैच को तैनात किया जाएगा। विमान सुरक्षा एजेंसियों के साथ कई सारी बैठकों के बाद यह फैसला लिया गया। बता दें कि विमानों में बम की धमकी वाले फर्जी संदेशों को लेकर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
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संसदीय समीति के सामने भी उठा मुद्दा
एयरपोर्ट और विमानों में भेजे गए कई सारे फर्जी धमकी भरे संदेशों के मुद्दे को लेकर बुधवार को संसदीय समीति में भी गर्माहट दिखी। इस मामले में सांसदों के सवाल का जवाब देते हुए नागरिक उड्डयन सचिव नागरिक उड्डयन सचिव वुमलुनमंग वुलनाम ने बताया कि आरोपियों की पहचान की जा रही है। इसको लेकर एजेंसियां कार्रवाई कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जांचकर्ताओं ने कुछ जानकारी एकत्र की है और कार्रवाई कर रहे हैं। वे इस तरह के फर्जी संदेशों के कुछ अन्य मामलों पर भी काम कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने मामले की चल रही जांच के कारण सूचना की संवेदनशीलता का हवाला देते हुए अधिक विवरण साझा करने से इनकार कर दिया।
क्या होता है स्काई मार्शल?
एयरपोर्ट और विमानों में दोगुना किए जाने वाले स्काई मार्शल की बात करें तो आतंकवाद विरोधी और अपहरण विरोधी उपायों में विशेषज्ञता रखने वाली राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की एक इकाई को मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय मार्गों और कुछ संवेदनशील घरेलू मार्गों पर स्काई मार्शल को तैनात किया जाता है। स्काई मार्शल सशस्त्र सादे कपड़ों में सुरक्षा अधिकारी होते हैं जो यात्री विमानों पर यात्रा करते हैं। बता दें कि भारत में स्काई मार्शल या फ्लाइट मार्शल की शुरुआत 1999 में कंधार में एयर इंडिया की फ्लाइट IC 814 के अपहरण के बाद भविष्य में अपहरण को रोकने के लिए की गई थी।