{"_id":"5d7fbc3e8ebc3e93b147bb7a","slug":"those-who-are-opposing-hindi-as-the-national-language-do-not-love-the-country-says-biplab-kumar-deb","type":"story","status":"publish","title_hn":"जो लोग राष्ट्रभाषा के तौर पर हिंदी का विरोध कर रहे, उन्हें देश से प्यार नहीं : सीएम बिप्लब कुमार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
जो लोग राष्ट्रभाषा के तौर पर हिंदी का विरोध कर रहे, उन्हें देश से प्यार नहीं : सीएम बिप्लब कुमार
Mon, 16 Sep 2019 10:15 PM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला
Published by: आसिम खान
Updated Mon, 16 Sep 2019 10:15 PM IST
विज्ञापन
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब (फाइल फोटो)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने सोमवार को दावा किया कि जो लोग राष्ट्रभाषा के तौर पर हिंदी का विरोध कर रहे हैं, वो देश से प्यार नहीं करते हैं। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वह अंग्रेजी के खिलाफ नहीं हैं अथवा हिंदी थोपने की कोशिश नहीं कर रहे हैं।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कहा, राष्ट्रभाषा के तौर पर जो लोग हिंदी का विरोध कर रहे हैं, ये वो लोग हैं जिनके मन में देश के लिए प्यार नहीं है। मैं राष्ट्रभाषा के तौर पर हिंदी का समर्थन करता हूं क्योंकि देश में अधिकतर लोग हिंदी बोलते हैं। उन्होंने कहा कि यदि अंग्रेजों ने 200 वर्षों तक भारत में शासन नहीं किया होता, तो देश में आधिकारिक कार्यों में अंग्रेजी का कोई इस्तेमाल नहीं होता ।
विज्ञापन
आधिकारिक भाषा अधिनियम 1963 के अनुसार केंद्र सरकार और संसद के लिए हिंदी और अंग्रेजी आधिकारिक भाषा है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा शनिवार को दिए गए बयान का समर्थन करते हुए देब ने कहा, औपनिवेशिक शासन के प्रति निष्ठा के कारण, अंग्रेजी कई लोगों के लिए प्रतिष्ठा का प्रतीक बन गई है। गौरतलब है कि शाह ने कहा था कि एक भाषा के रूप में हिंदी पूरे देश को एकजुट कर सकती है।
विज्ञापन