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CJP: 'यह राजनीति नहीं, युवाओं की नाराजगी की आवाज', कॉकरोच जनता पार्टी पर BJP की सहयोगी TDP ने क्यों कहा ऐसा?
Mon, 25 May 2026 01:23 PM IST
रिया दुबे
अमरावती, पीटीआई
अमरावती, पीटीआई
Published by: रिया दुबे
Updated Mon, 25 May 2026 01:23 PM IST
सार
एनडीए के सहयोगी दल टीडीपी के नेता पल्ला श्रीनिवास राव ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी को सिर्फ राजनीति के नजरिए से नहीं देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह युवाओं की नाराजगी, बेरोजगारी और व्यवस्था को लेकर बढ़ती निराशा की आवाज है।
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पल्ला श्रीनिवास राव क्या बोले?
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
एनडीए सहयोगी टीडीपी ने सोमवार को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) विवाद को लेकर बड़ा बयान दिया। पार्टी के आंध्र प्रदेश अध्यक्ष पल्ला श्रीनिवास राव ने कहा कि सीजेपी को केवल राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे देश के युवाओं की निराशा और भावनाओं के रूप में समझने की जरूरत है।
पल्ला श्रीनिवास राव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा शासन देना होना चाहिए, जिससे युवाओं को यह महसूस न हो कि उनके साथ धोखा हुआ है, बल्कि उनकी उम्मीदें पूरी हो रही हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू लगातार युवाओं के भविष्य, रोजगार और आर्थिक विकास पर ध्यान दे रहे हैं।
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टीडीपी नेता ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल युवाओं की चिंताओं का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आलोचना सुनना कमजोरी नहीं, बल्कि परिपक्व नेतृत्व की निशानी है।
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की कथित टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। अदालत की सुनवाई के दौरान कॉकरोच और पैरासाइट जैसे शब्दों को लेकर विवाद हुआ था। बाद में सीजेआई ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी फर्जी डिग्री लेकर कानूनी पेशे में आने वाले लोगों के संदर्भ में थी, जिसे गलत तरीके से पेश किया गया।
इसके बाद शुरू हुआ यह व्यंग्यात्मक मंच अब बेरोजगारी, पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं की नाराजगी जैसे मुद्दों पर मीम्स और तीखी राजनीतिक टिप्पणियों के जरिए चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।
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टीडीपी नेता ने क्या कहा?
सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी के अकाउंट पर प्रतिबंध लगाए जाने के कुछ दिनों बाद टीडीपी नेता ने कहा कि युवाओं की आकांक्षाओं, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और आर्थिक दबावों को लेकर जो भावनाएं सामने आ रही हैं, लोकतांत्रिक सरकारों को उन्हें गंभीरता से सुनना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को सोशल मीडिया पर उभर रहे ऐसे रुझानों को देखकर नीतियों में जरूरी बदलाव और सुधार करने चाहिए।
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पल्ला श्रीनिवास राव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा शासन देना होना चाहिए, जिससे युवाओं को यह महसूस न हो कि उनके साथ धोखा हुआ है, बल्कि उनकी उम्मीदें पूरी हो रही हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू लगातार युवाओं के भविष्य, रोजगार और आर्थिक विकास पर ध्यान दे रहे हैं।
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सरकार को किन क्षेत्रों पर ध्यान देने की जरूरत?
उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार रोजगार सृजन, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, औद्योगिक विकास और विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं पर काम कर रही है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि सोशल मीडिया अब अनियंत्रित मंच बनता जा रहा है और विदेशी प्रभाव की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, लेकिन हर आलोचना को राष्ट्रविरोधी गतिविधि नहीं माना जाना चाहिए।टीडीपी नेता ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल युवाओं की चिंताओं का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आलोचना सुनना कमजोरी नहीं, बल्कि परिपक्व नेतृत्व की निशानी है।
कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर विवाद
दरअसल, कॉकरोच जनता पार्टी नाम का व्यंग्यात्मक डिजिटल प्लेटफॉर्म हाल ही में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। इसका एक्स अकाउंट 21 मई को भारत में बंद कर दिया गया था। इसके बाद 'कॉकरोच इज बैक' नाम से एक नया हैंडल सामने आया, जिसकी टैगलाइन थी- 'कॉकरोच मरते नहीं'।यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की कथित टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। अदालत की सुनवाई के दौरान कॉकरोच और पैरासाइट जैसे शब्दों को लेकर विवाद हुआ था। बाद में सीजेआई ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी फर्जी डिग्री लेकर कानूनी पेशे में आने वाले लोगों के संदर्भ में थी, जिसे गलत तरीके से पेश किया गया।
इसके बाद शुरू हुआ यह व्यंग्यात्मक मंच अब बेरोजगारी, पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं की नाराजगी जैसे मुद्दों पर मीम्स और तीखी राजनीतिक टिप्पणियों के जरिए चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।
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