{"_id":"6359732734e2233d146b3bb9","slug":"there-is-not-a-single-mosquito-in-hiware-bazar-a-village-in-india-and-eighty-people-are-millionaires","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharashtra: भारत के एक गांव में नहीं है एक भी मच्छर, पढ़ें हिवरे बाजार की दिलचस्प कहानी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Maharashtra: भारत के एक गांव में नहीं है एक भी मच्छर, पढ़ें हिवरे बाजार की दिलचस्प कहानी
Wed, 26 Oct 2022 11:19 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 26 Oct 2022 11:19 PM IST
सार
महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले का एक गांव हिवरे बाजार इसमें 305 परिवार रहते हैं। जहां 80 लोग करोड़पति लोग हैं। कभी यह गांव सूखे से पीड़ित था, यहां भी 1990 के दशक में 90 फीसदी लोग गरीब थे।
विज्ञापन
mosquito
- फोटो : istock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत में हर साल मच्छरों से होने वाली बीमारियों के कारण हजारों की संख्या में लोग अपनी जान गवां देते हैं। लेकिन अगर आपको यह पता चले कि भारत में एक ऐसा भी गांव है कि जहां एक भी मच्छर नहीं है साथ ही अगर आप उस गांव में एक मच्छर पकड़ते हैं तो आपको 400 रुपये का इनाम दिया जाएगा, तो आप कैसा अनुभव करेंगे। चलिए, आपको सुनाते हैं महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के गांव हिवरे बाजार की दिलचस्प कहानी।
महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले का एक गांव हिवरे बाजार इसमें 305 परिवार रहते हैं। जहां 80 लोग करोड़पति लोग हैं। कभी यह गांव सूखे से पीड़ित था, यहां भी 1990 के दशक में 90 फीसदी लोग गरीब थे, लेकिन इस गांव के लोगों ने अपने दम पर गांव की तस्वीर बदल कर रख दी है।
गांव के मैनेजमेंट ने बदली किस्मत
बताया जाता है कि 80-90 के दशक में हिवरे बाजार गांव भयंकर सूखे से जूझ रहा था, लोग पानी तक के लिए मोहताज हो गए थे। वहीं कुछ लोग अपने परिवार के साथ पलायन कर गए थे। फिर गांव के लोगों ने साथ मिलकर एक 1990 में 'ज्वाइंट फॉरेस्ट मैनेजमेंट कमेटी' बनाई, जिसका उद्देश्य था गांव में कुएं खोदना और पेड़ लगाना।
विज्ञापन
इसके बाद काम शुरू हो हुआ लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और श्रमदान किया। वहीं इस काम को करने के लिए महाराष्ट्र एम्प्लायमेंट गारंटी स्कीम के तहत फंड मिला। इससे गांव के लोगों की काफी मदद हुई। खास बात यह रही कि आज जिस गांव में पानी खत्म हो गया था आज हिवरे बाजार में जलस्तर 30-35 फीट पर आ गया है।
पानी बचाने के लिए किया ये उपाय
पानी बचाने के लिए हिवरे बाजार के लोगों ने गांव में उन फसलों को बैन कर दिया, जिनको उगाने में ज्यादा पानी की जरूरत होती है जैसे धान, गन्ना और ज्वार आदि की खेती। वहीं आलू और प्याज के खेती शुरू कर दी। इससे लोग खूब पैसे कमाते हैं, वहीं लोग अब बारिश का इंतजार नहीं करते हैं, बल्कि कम पानी से उगने वाली फसल की खेती करते हैं। जिससे किसानों को काफी लाभ हुआ है और उनकी कमाई बढ़ी है।
हिवरे बाजार के निवासी पोपट राव ने बताया कि गांव में 305 परिवार हैं और करीब 1250 लोग हैं, इनमें से 80 लोग ऐसे हैं जो करोड़पति हैं। 50 से ज्यादा परिवारों की वार्षिक आय 10 लाख रुपये से ज्यादा है।
विज्ञापन
महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले का एक गांव हिवरे बाजार इसमें 305 परिवार रहते हैं। जहां 80 लोग करोड़पति लोग हैं। कभी यह गांव सूखे से पीड़ित था, यहां भी 1990 के दशक में 90 फीसदी लोग गरीब थे, लेकिन इस गांव के लोगों ने अपने दम पर गांव की तस्वीर बदल कर रख दी है।
विज्ञापन
गांव के मैनेजमेंट ने बदली किस्मत
बताया जाता है कि 80-90 के दशक में हिवरे बाजार गांव भयंकर सूखे से जूझ रहा था, लोग पानी तक के लिए मोहताज हो गए थे। वहीं कुछ लोग अपने परिवार के साथ पलायन कर गए थे। फिर गांव के लोगों ने साथ मिलकर एक 1990 में 'ज्वाइंट फॉरेस्ट मैनेजमेंट कमेटी' बनाई, जिसका उद्देश्य था गांव में कुएं खोदना और पेड़ लगाना।
विज्ञापन
इसके बाद काम शुरू हो हुआ लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और श्रमदान किया। वहीं इस काम को करने के लिए महाराष्ट्र एम्प्लायमेंट गारंटी स्कीम के तहत फंड मिला। इससे गांव के लोगों की काफी मदद हुई। खास बात यह रही कि आज जिस गांव में पानी खत्म हो गया था आज हिवरे बाजार में जलस्तर 30-35 फीट पर आ गया है।
पानी बचाने के लिए किया ये उपाय
पानी बचाने के लिए हिवरे बाजार के लोगों ने गांव में उन फसलों को बैन कर दिया, जिनको उगाने में ज्यादा पानी की जरूरत होती है जैसे धान, गन्ना और ज्वार आदि की खेती। वहीं आलू और प्याज के खेती शुरू कर दी। इससे लोग खूब पैसे कमाते हैं, वहीं लोग अब बारिश का इंतजार नहीं करते हैं, बल्कि कम पानी से उगने वाली फसल की खेती करते हैं। जिससे किसानों को काफी लाभ हुआ है और उनकी कमाई बढ़ी है।
हिवरे बाजार के निवासी पोपट राव ने बताया कि गांव में 305 परिवार हैं और करीब 1250 लोग हैं, इनमें से 80 लोग ऐसे हैं जो करोड़पति हैं। 50 से ज्यादा परिवारों की वार्षिक आय 10 लाख रुपये से ज्यादा है।