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कांग्रेस में नहीं आने वाला कोई सीताराम केसरी, पार्टी ने जताया नेहरू खानदान पर भरोसा

Mon, 10 Jun 2019 09:45 PM IST
अमर शर्मा जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Mon, 10 Jun 2019 09:45 PM IST
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There is no one like sitaram kesri in Congress, party has expressed confidence in Nehru family
राहुल गांधी - फोटो : अमर उजाला
लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस पार्टी में विचार-मंथन का दौर जारी है। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की जो प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, उसे देखकर नहीं लगता कि कांग्रेस में सीताराम केसरी जैसा कोई नेता सामने आकर पार्टी संभालने की हिम्मत दिखाएगा। पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता कांग्रेस को भंवर की स्थिति से बाहर निकालने के लिए एक बार फिर नेहरु खानदान पर ही भरोसा जता रहे हैं। पार्टी नेताओं ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से साफ तौर पर कह दिया है कि जो भी हो, राहुल गांधी ही पार्टी की कमान संभालेंगे। राहुल की मदद के लिए कांग्रेस वर्किंग कमेटी 15-20 नेताओं की एक कमेटी गठित कर सकती है। इसके अलावा एक कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त करने की भी चर्चा है। इस सप्ताह एके एंटनी, पी.चिदंबरम, आनंद शर्मा, अहमद पटेल और गुलाम नबी आजाद सहित कई वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे। 
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जून के प्रथम सप्ताह में भी पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने सोनिया और राहुल से बातचीत की है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का दावा है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ही बने रहेंगे। पार्टी में अभी तक ऐसा कोई नेता सामने नहीं आया है, जिसकी छवि मजबूत जननेता की हो और वह सभी को स्वीकार्य भी हो। सोनिया गांधी के अत्यंत करीब कहे जाने वाले एक वरिष्ठ नेता ने पार्टी में चल रहे संकट को लेकर विभिन्न राज्यों के पार्टी अध्यक्षों और दूसरे नेताओं से बातचीत की है। सभी ने एकमत से राहुल गांधी के नेतृत्व पर ही विश्वास जताया है। 
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वरिष्ठ नेता के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष ने वर्किंग कमेटी की बैठक में ही नहीं, बल्कि इसके बाहर भी उन्होंने बड़े साफ तौर पर अपनी बात रखी है कि कोई दूसरा नेता कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व करने के लिए आगे आ सकता है। कांग्रेस में 1996 जैसी स्थिति नहीं है। हालांकि उस दौरान पार्टी को 140 सीट मिली थी। आज पार्टी दो अंकों की संख्या को पार नहीं कर सकी। तब नरसिम्हाराव पार्टी अध्यक्ष थे। सीताराम केसरी ने पार्टी की हार पर कई तरह के सवाल उठा दिए थे। इसके बाद केसरी को पार्टी अध्यक्ष की कमान सौंप दी गई। 1998 में केसरी ने गुजराल सरकार से समर्थन वापस ले लिया। दोबारा से लोकसभा चुनाव हुए, जिसमें कांग्रेस को 141 सीट मिली। सीडब्लूसी ने सीताराम केसरी को अध्यक्ष पद से हटा दिया और सोनिया गांधी को पार्टी की कमान सौंप दी।
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कांग्रेस पार्टी में इन उपायों पर हो रहा है विचार

There is no one like sitaram kesri in Congress, party has expressed confidence in Nehru family
राहुल गांधी - फोटो : अमर उजाला
सीडब्लूसी पहले ही कह चुकी है कि पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी हैं। उन्हें इस बात की पूरी छूट दे दी गई है कि वे अपने तरीके से पार्टी संगठन में बदलाव करें। पार्टी नेता का कहना है कि मौजूदा स्थितियों में सोनिया-राहुल-प्रियंका के अलावा कोई दूसरा ऐसा नेता नहीं है जो भाजपा का मुकाबला कर सके। साथ ही उसकी जनता में स्वीकार्यता भी हो। कई नेताओं ने सोनिया गांधी का नाम पार्टी अध्यक्ष पद के लिए आगे किया, लेकिन खुद राहुल गांधी इसके समर्थन में नहीं थे। उन्होंने कहा था कि गांधी परिवार से बाहर का कोई व्यक्ति अध्यक्ष बनता है तो ठीक रहेगा।  सीडब्लूसी की बैठक के बाद राहुल गांधी कई दिनों तक किसी नेता से नहीं मिले, लेकिन अब वे बात कर रहे हैं। 

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने यह बात साफ कर दी है कि पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ही रहेंगे। हां, उनकी मदद के लिए एक टीम गठित की जा सकती है। वे एक-दो व्यक्ति भी हो सकते हैं और दर्जनभर नेता भी। इसका प्रारूप तैयार किया जा रहा है। प्रियंका गांधी अभी यूपी पर ही फोकस करेंगी। हालांकि कुछ प्रदेशों के नेतृत्व से यह आवाज निकलकर आई थी कि पार्टी की कमान प्रियंका गांधी को सौंप दी जाए। इसके पीछे वजह यह बताई गई कि वे राहुल के मुकाबले लोगों के साथ कहीं बेहतर तरीके से संवाद करती हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान यूपी और दूसरे राज्यों में प्रियंका को खासी लोकप्रियता मिली थी।

राहुल को गुमराह करने वाले नेताओं पर लटकी है तलवार

कांग्रेस पार्टी में इन दिनों अध्यक्ष पद के अलावा कुछ और भी चल रहा है। ऐसे नेताओं पर तलवार लटकी है, जिन्होंने किसी भी तरह से राहुल गांधी को गुमराह करने का प्रयास किया है। टिकटों के वितरण से लेकर चुनाव प्रचार तक पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने राहुल को जो भी सलाह या सुझाव दिए, उनकी रिपोर्ट तैयार हो रही है। पार्टी ने जब इस बाबत कई नेताओं से उनके सुझाव मांगे तो उन्होंने एक-दूसरे के खिलाफ जमकर भड़ास निकालनी शुरू कर दी।

किस नेता ने कौन सी जिद्द की या इस्तीफे की धमकी दी, ये सब बातें अब निकलकर सामने आ रही हैं। यही वजह है कि पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला कई बार कह चुके हैं कि राहुल गांधी अपने तरीके से कांग्रेस संगठन में बदलाव कर सकते हैं। अगर राहुल गांधी इस रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हैं तो कांग्रेस के दर्जनभर वरिष्ठ नेता मुख्यधारा से हट सकते हैं।
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