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कोरोना का खतरा हवाई जहाज में ज्यादा या रेस्तरां में इसकी कोई तुलना नहीं: रिपोर्ट
Mon, 02 Nov 2020 02:13 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 02 Nov 2020 02:13 AM IST
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कोरोना वायरस
- फोटो : ANI
कोरोना वायरस महामारी ने लोंगों को हिला कर रख दिया, शायद ही कोई ऐसा सेक्टर हो जो कोविड से प्रभावित न हुआ हो। ऐसे में लोगों की मदद करने के लिए दुनियाभर के बड़े संस्थान कोरोना वायरस पर लगातार रिसर्च कर रहे हैं।
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हाल ही के एक अध्ययन में दावा किया गया है कि कोरोना महामारी के दौरान हवाई यात्रा की तुलना में भोजन करना और किराने की खरीदारी अधिक खतरनाक हो सकती है।
लेकिन कुछ वैज्ञानिकों ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर हवाई यात्रा के दौरान और रेस्तारां में मास्क पहनने और सामाजिक दूर करने के मानदंडों का ठीक से पालन किया जाता है तो इसकी तुलना करना काफी कठिन हो जाएगा।
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अमेरिका में हार्वर्ड टी एच चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के वैज्ञानिकों का कहना है कि उच्च दक्षता वाले पार्टिकुलेट एयर से बने हवाई जहाजों में वेंटिलेशन सिस्टम लगातार हवा की आपूर्ति को प्रसारित और ताजा करता है जो कोविड 19 के कणों को 99 प्रतिशत से अधिक छानता है।
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वहीं, अमेरिका में मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर अर्नोल्ड बार्नेट सहित शोधकर्ताओं का कहना है एचईपीए फिल्टर हवाई जहाजों में प्रभावी रूप से कार्य नहीं कर सकते जैसा कि रिपोर्ट से पता चलता है।
एक समाचार एजेंसी से बात करते हुए प्रोफेसर बार्नेट ने बताया कि एचईपीए फिल्टर काफी अच्छे हैं। लेकिन अमेरिकी एयरलाइंस के सुझाव के अनुसार प्रभावी नहीं हैं। फिल्टर काफी नहीं है, इन फिल्टरों के होने के बावजूद ट्रांसमिशन के कई उदाहरण हैं।
उनका कहना है कि संक्रमण फैलना सांस लेने, बोलने और खांसने या छींकने के अलावा दूसरे यात्री तक वायरस कैसे पहुंचता है उस पर निर्भर करता है। साथ ही कहा कोई भी प्रक्रिया कोविड -19 के लिए पूरी तरह से समझ में नहीं आती है।