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भारत और चीन के बीच में अभी लद्दाख में चल रहे तनाव को लेकर जिंदा है उम्मीद

Thu, 03 Dec 2020 09:55 PM IST
गौरव पाण्डेय शशिधर पाठक, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Thu, 03 Dec 2020 09:55 PM IST
सार

  • इस बार बर्फीली हवाओं का झोंका सहने के लिए तैयार है सैन्यबल
  • दोनों देशों के सैन्य व कूटनीतिक अधिकारियों के बीच जल्द होगी वार्ता
  • विदेश मंत्रालय के पास बताने के लिए इसके सिवाय कुछ भी नहीं

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there is hope in ongoing border tension in Ladakh between India and China
भारत चीन गतिरोध - फोटो : iStock

विस्तार

मई 2020 से भारत और चीन के बीच में लद्दाख क्षेत्र में सीमा को लेकर जारी तनातनी अभी आगे भी बने रहने के आसार हैं। दोनों देशों के बीच में इस मामले को हल करने, सीमा पर सेना को पीछे ले जाने तथा शांति और सौहार्द कायम करने के लिए सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर प्रयास जारी है। जल्द ही दोनों देशों के सैन्य और कूटनीतिक मामलों के अधिकारी अगले दौर की बातचीत करेंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव के पास इसके सिवा बताने के कुछ नहीं है। 

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इस मामले में सेना मुख्यालय के अफसरों का मानना है कि फिलहाल सेना को वहां बर्फीले तूफान में सीना तानकर खड़े रहना है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने इस बारे में केवल इतना कहा कि आगे जो भी डेवलपमेंट होंगे, मीडिया से इसका साझा किया जाएगा। कुल मिलाकर स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बनी हुई है। सेना मुख्यालय के वर्तमान और पूर्व अफसर भी अभी चीन के साथ समस्या के समाधान को लेकर कुछ कह पाने की स्थिति में नहीं है।
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1962 के बाद का सबसे बड़ा तनाव और सैन्य तैनाती
1962 के युद्ध के बाद भारत और चीन के बीच में यह सबसे बड़ी सैन्य तनातनी है। पांच मई से लेकर अब तक तीन बार दोनों देशों के सैनिकों में हिंसक झड़प भी हो चुकी है। भारत ने सुरक्षा की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम मोर्चे पर 50 हजार सैनिकों की तैनाती कर रखी है। पैंगोंग त्सो क्षेत्र में नौसेना के विशेष कमांडो मार्कोस, सेना के पैरा कमांडो और वायुसेना का भी विशेष कमांडो दस्ता सतर्क रखा गया है। भारत की यह तैनाती चीन की भारी भरकम सैन्य तैनाती के जवाब में है। वायुसेना के पूर्व अधिकारी वाइस एयर मार्शल एनबी सिंह का कहना है कि उन्हें भी हाल-फिलहाल में इस समस्या का कोई समाधान नजर नहीं आ रहा है। इसमें समय लग सकता है। इसकी एक बड़ी वजह चीन का अड़ियल रवैया है।
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भारत लगातार बढ़ा रहा है अपनी सामरिक ताकत
चीन के तनातनी के बीच भारत लद्दाख क्षेत्र में लगातार सामरिक ताकत बढ़ा रहा है। सैनिकों के लिए बर्फीली हवाओं, माइनस 40 डिग्री तक जाने वाले तापमान को देखते हुए उनके लिए टेंट, केरोसिन तेल, स्टोव, स्नो सूट आदि के इंतजाम किए गए हैं। सैन्य स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने सैनिकों को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए विशेष ध्यान दिया है। आर्मी सप्लाई कोर के एक पूर्व सैन्य कमांडर का कहना है कि समय कम था, लेकिन सेना ने अपनी ऑपरेशनल क्षमता में काफी इजाफा कर लिया है। एएससी ने खाद्य सामग्री समेत अन्य जरूरी सामानों की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली है। सूत्र का कहना है कि अब लग रहा है कि जम्मू-कश्मीर सीमा की तरह लंबे समय तक लद्दाख में सैन्य तैनाती का निर्णय लेना पड़ सकता है।

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