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अहमदाबाद: लाशों से पटे श्मशान, कैथोलिक कर रहे अंत्येष्टि कराने पर विचार
Fri, 16 Apr 2021 03:48 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, अहमदाबाद।
एजेंसी, अहमदाबाद।
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 16 Apr 2021 03:48 AM IST
सार
- समुदाय का कहना है कि विशेष परिस्थिति में ऐसे धार्मिक क्रियाकलापों की मनाही नहीं है
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श्मशान घाट पर शव को उतारते परिजन (file photo)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोरोना संक्रमण से मृतकों की तादात बढ़ने के कारण श्मशान घाट लाशों से अटे पड़े हैं। अंतिम संस्कार में काफी परेशानी आ रही है। असाधारण संकट के इस दौर में अहमदाबाद के कैथोलिक चर्च ने अपने अनुयायियों से कोरोना के मृतकों के अंतिम संस्कार करने पर विचार करने को कहा है। शहर के पारसी समुदाय के लोगों ने भी ऐसी ही अपील की है। गौरतलब है कि सामान्य परिस्थिति में दोनों ही समुदायों में ऐसे धार्मिक क्रियाकलापों की मनाही है।
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अहमदाबाद के बिशप एथनॉसियस रत्ना स्वामी ने 12 अप्रैल को इस संबंध में पत्र जारी कर अनुयायियों को कोरोना से मृतकों का दाह संस्कार कराने को कहा था। पत्र में कहा गया था कि मौजूदा हालात ने चर्चों के सामने मृतकों के गरिमापूर्ण अंतिम संस्कार की चुनौती खड़ी कर दी है। पत्र में ईसाई कब्रिस्तान की जमीन भी कम होने की बात कही गई है।
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सूत्रों के मुताबिक दिल्ली चकला के पास बिलादीबाग कब्रिस्तान करीब 50 फीसदी भर गया है। फिर भी कैथोलिक नियम ऐसी परिस्थिति में यहां दाह संस्कार की अनुमति देता है। संस्कार के बाद उनकी अस्थियों को पूरी श्रद्धा के साथ सुरक्षित रखा जाएगा।
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उन्होंने कहा कि कोरोना की मौजूदा लहर किसी को भी नहीं बख्श रही है। इसी तरह पारसी समुदाय भी आगे आकर अंत्येष्टि कराने की बात कही है। समुदाय के पुजारी अंजुमन वकील ने कहा कि यहां दाह संस्कार का विकल्प केवल कोरोना के मृतकों के लिए है।