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केंद्र सरकार को बड़ा झटका - सुप्रीम कोर्ट ने वेदांता और वीडियोकॉन के पक्ष में दिए गए अवार्ड को बरकरार रखा
Thu, 17 Sep 2020 07:46 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 17 Sep 2020 07:46 AM IST
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supreme court
- फोटो : पीटीआई
केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने बुधवार को विदेशी मध्यस्थता न्यायाधिकरण द्वारा वेदांता लिमिटेड और वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड के पक्ष में मिले अनुबंध को बरकरार रखा है।
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वेदांता व वीडियोकॉन को ये अनुबंध वर्ष 2000 से 2007 के बीच आंध्र प्रदेश तट से राववा तेल और गैस क्षेत्रों को विकसित करने के लिए दिए गए थे। इसके तहत दोनों कंपनियों को सरकार से 19.8 करोड़ डॉलर के बजाय 47.6 करोड़ डॉलर की वसूली करने की इजाजत दी गई थी।
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शीर्ष अदालत ने दिल्ली हाईकोर्ट के 19 फरवरी के उस फैसले को चुनौती देने वाली केंद्र सरकार की याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि सरकार, मध्यस्थता कार्यवाही में प्रक्त्रिस्यात्मक खामियां बताने में असफल रही है।
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जस्टिस एस अब्दुल नजीर, जस्टिस इंदु मल्होत्रा और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की पीठ ने अपने फैसले में कहा है कि केंद्र सरकार यह साबित करने में विफल रही कि ये अनुबंध किस तरह से न्याय की मूल धारणाओं के विपरीत है और किस तरह से भारत की जन नीति का उल्लंघन है।
पीठ ने कहा कि हमारा मानना है कि इस मामले में भारत की जन नीति का उल्लंघन नहीं हुआ और न ही यह न्याय की मूल धारणा के विपरीत है। इनके साथ ही शीर्ष अदालत ने 17 जून और 22 जुलाई को यथास्थिति के अंतरिम आदेशों को वापस ले लिया।