Kashmir: 'कश्मीर की आवाम अमन चाहती है और सरकार उसके दुख दर्द के साथ है'
सीआरपीएफ के सीनियर अधिकारी का कहना है कि अभी अमरनाथ यात्रा के आंकड़े भी आने दीजिए। ये इस साल नया रिकार्ड बनाएंगे। यात्रा शुरू हुए 27 दिन हुए हैं और तीन लाख 70 हजार लोगों ने बर्फानी बाबा का दर्शन किया।
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श्रीनगर में सिनेमा हाल खुल रहे हैं। एतिहासिक चौराहा लाल चौक से 33 साल बाद शिया मुसलमानों ने मुहर्रम का जुलूस निकाला। उन्हें यह इजाजत उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने दी थी। इंडियन एयर लाइंस के पूर्व सीनियर पायलट कैप्टव कपिल रैना कहते हैं कि यह प्रमाण है कि कश्मीर घाटी के लोग अमन चाहते हैं। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा के सचिवालय के अधिकारी कहते हैं कि मुहर्रम के जुलूस की इजाजत देना कोई आसान काम नहीं था। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जिया उल हक के इशारे पर 80 के दशक के उत्तरार्ध में कश्मीर को टारगेट किया गया था। 1990 में हिंसा के बाद मुहर्रम के जुलूस को रोका गया था। लेकिन इस साल यह जुलूस निकला और सब ठीक है।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के चेहरे पर बदल रही कश्मीर की फिजां के भाव साफ दिखाई देते हैं। निजी मुलाकात में कहते हैं कि आकर देख तो जाइए। देखिए कश्मीर में कैसे शांति बहाल हो रही है। लोग-बाग विश्वास के साथ रह रहे हैं। सैलानी आ रहे हैं और सबकुछ बदल रहा है। मनोज सिन्हा के दावे को जब स्थानीय निवासी वसीम लोन से साझा कीजिए तो वह भी हां, में हां मिलाते हैं। वसीम लोन कहते हैं कि सरकार आवाम के साथ खड़ी है। उप राज्यपाल खुद यहां समारोह और कार्यक्रम में देखे जाते हैं। आम जनता को उसके अधिकार मिल रहे हैं। इसलिए कश्मीर में बदलाव दिखाई दे रहा है।
कश्मीर बदल रहा है, लोगों का भरोसा बढ़ा रहा है
सचिवालय के सूत्र का कहना है कि उप राज्यपाल ने मुहर्रम के जुलूस की इजाजत देने से पहले सुरक्षा बलों, प्रशासनिक अधिकारियों समेत सभी से उनकी राय ली थी। हमें भरोसा था कि श्रीनगर की आवाम अमन चाहती है। सरकार उसके दु:ख दर्द में हर पली साथ खड़ी है। इसलिए जुलूस की अनुमति देने में कोई बड़ा संकोच नहीं था। यह भी काबिले गौर है कि जब जुलूस निकला तो इसमें 8 ताजिये निकले। हजारों लोग इसमें शामिल हुए। श्रीनगर के मेयर जुनैद मट्टू और जिला मजिस्ट्रेट मोहम्मद एजाज खुद को रोक नहीं पाए। वह शिया मुसलमानों का साथ देने के लिए आगे आए और जुलूस में भाग लिया।
सीआरपीएफ के सीनियर अधिकारी का कहना है कि अभी अमरनाथ यात्रा के आंकड़े भी आने दीजिए। ये इस साल नया रिकार्ड बनाएंगे। यात्रा शुरू हुए 27 दिन हुए हैं और तीन लाख 70 हजार लोगों ने बर्फानी बाबा का दर्शन किया। अभी यह यात्रा 31 अगस्त तक चलेगी। डा. परवेज कहते हैं कि जिस तरह से लोगों ने बाहर निकलना शुरू किया है, श्रीनगर से दिल्ली और दिल्ली से श्रीनगर आने-जाने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है, वह काफी बड़ा संदेश दे रही है।
विदेशी सैलानी से लेकर सिलेब्रिटी तक सब आ रहे हैं श्रीनगर
उप राज्यपाल और श्रीनगर के डीसी कार्यालय के अधिकारी कहते हैं कि अब तो बड़ी संख्या में विदेशी लोगों का भी अमरनाथ यात्रा में आने का कार्यक्रम बन रहा है। इस बार भी कई देशों के श्रद्धालुओं ने बर्फानी बाबा के दर्शन किए हैं। बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल और सारा अली खान ने भी बर्फानी बाबा के दर्शन किए तो अमेरिका, मलयेशिया समेत कुछ देशों के भी श्रद्धालु आए।
नुसरुल हक कहते हैं कि जब अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालु आते हैं कि तो उनमें से काफी संख्या में लोग श्रीनगर और आस-पास के क्षेत्रों में घूमने जाते हैं। इससे कश्मीर के स्थानीय लोगों की अर्थव्यवस्था को काफी बल मिलता है। कैप्टन रैना कहते हैं कि श्रीनगर में आदि जगद्गुरू शंकराचार्य द्वारा स्थापित भगवान शिव के मंदिर में भी श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। पिछले दो साल बारामूला, कुपवाड़ा, अनंतनाग, त्राल समेत तमाम क्षेत्रों से सरकार के पास आम जन मानस के खुश रहने की सूचनाएं आ रही है।