उम्मीद की किरण: गैर संक्रामक रोगों से मौतें घटीं, पर कोरोना से स्वास्थ्य सेवाओं की मांग बढ़ी
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने मंगलवार को माना कि कोरोना महामारी के कारण देश की स्वास्थ्य सेवाएं भारी दबाव में हैं, लेकिन गैर संक्रामक रोगों से मौतें घटना उम्मीद की किरण है।
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि कोविड- 19 महामारी के कारण देश में स्वास्थ्य सेवाओं की मांग अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है। हमारे स्वास्थ्य संस्थान व कर्मचारी वर्तमान में महामारी को नियंत्रित करने के प्रयासों की बड़ी चुनौती झेल रहे हैं। इसके साथ ही देश ने गैर संक्रामक रोगों (एनसीडी) से होने वाली मौतों को रोकने में कामयाबी पाई है।
बकौल डॉ. हर्षवर्धन देश के स्वास्थ्य तंत्र के कायांतरण की जरूरत है। कोई भी इलाज से वंचित न रहे, यह लक्ष्य पाने के लिए उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सभी संबद्ध पक्षों से आह्वान किया कि वे इस दिशा में कदम बढ़ाएं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एनसीडी डेटा से हमारे लिए उम्मीद की किरण नजर आई है। विश्व में होने वाली 70 फीसदी मौतें एनसीडी से होती हैं, लेकिन भारत में यह औसत करीब 63 फीसदी है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा किए गए निवेश की बदौलत वर्ष 2015 से 2019 के बीच प्रति 10 हजार व्यक्तियों पर होने वाली मौतों का आंकड़ा 503 से घटकर 490 पर आ गया है।
COVID-19 outbreak has placed unprecedented demand on the health system. Our health facilities & workforce are currently inundated with a plethora of activities related to controlling the pandemic: Union Health Minister Dr Harsh Vardhan pic.twitter.com/T0QxM7ec7F
— ANI (@ANI) May 25, 2021