Congress On PM Modi: 'सरकार ने कायरतापूर्ण तरीके से चीन के सामने घुटने टेक दिए', कांग्रेस का पीएम मोदी पर हमला
कांग्रेस पार्टी ने पीएम मोदी के चीन के राष्ट्रपति से मुलाकात को लेकर निशाना साधा है। जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा- पीएम मोदी ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग से कहा कि भारत और चीन दोनों आतंकवाद के शिकार हैं। अगर यह तथाकथित हाथी का तथाकथित ड्रैगन के आगे झुकना नहीं है, तो फिर क्या है?
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कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बातचीत के बाद सोमवार को सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस ने सरकार पर कायरतापूर्ण तरीके से घुटने टेकने और आत्मसमर्पण करने का आरोप लगाया। पार्टी ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान-चीन की जुगलबंदी पर मोदी की चुप्पी को राष्ट्र विरोधी बताया।
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जयराम रमेश ने एक्स पर किया पोस्ट
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि भारत लंबे समय से चीन पर आतंकवाद के मुद्दे पर दोहरे मानदंड और दोहरी भाषा अपनाने का आरोप लगाता रहा है। उन्होंने एक पोस्ट में कहा, अब प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग से कहा कि भारत और चीन दोनों आतंकवाद के शिकार हैं। अगर यह तथाकथित हाथी का तथाकथित ड्रैगन के आगे झुकना नहीं है, तो फिर क्या है?
लंबे समय से भारत, चीन पर आतंकवाद के मुद्दे पर “दोहरे मानदंड” और “दोहरी भाषा” अपनाने का आरोप लगाता रहा है।
अब प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग से कहा कि भारत और चीन दोनों आतंकवाद के शिकार हैं। अगर यह तथाकथित हाथी का तथाकथित ड्रैगन के आगे झुकना नहीं है, तो फिर क्या है?…— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) September 1, 2025
'चीन-पाकिस्तान की जुगलबंदी पर नहीं बोले पीएम'
जयराम रमेश ने कहा, इससे भी ज्यादा राष्ट्र-विरोधी बात यह है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन और पाकिस्तान की जुगलबंदी के बारे में प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बातचीत में एक शब्द तक नहीं कहा, जबकि इसका खुलासा खुद भारतीय सेना के शीर्ष अधिकारियों ने किया था। स्वघोषित 56 इंच सीने वाले नेता अब पूरी तरह से बेनकाब हो चुके हैं। उन्होंने 19 जून, 2020 को चीन को क्लीन चिट देकर राष्ट्रहित के साथ विश्वासघात किया। अब, 31 अगस्त, 2025 भी तियानजिन में उनके कायरतापूर्ण दंभ के लिए बदनामी के दिन के रूप में याद किया जाएगा।
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तियानजिन घोषणा पत्र में पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र
बता दें कि चीन के तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का घोषणापत्र जारी किया गया है। इस घोषणा पत्र में पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई है और हमले के दोषियों और प्रायोजकों को न्याय के कटघरे में लाने की प्रतिबद्धता जताई गई है। सदस्य देशों ने आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता की पुष्टि की। घोषणा पत्र में आतंकवादी, अलगाववादी और उग्रवादी समूहों को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करने के प्रयासों की निंदा की गई।