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डीपफेक तस्वीरों से परेशान श्रुति हासन: खटखटाया अदालत का दरवाजा, बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिया फोटो हटाने का आदेश

Thu, 03 Sep 2026 08:13 PM IST
Sunil Mehrotra सुनील मेहरोत्रा
Updated Thu, 03 Sep 2026 08:13 PM IST
सार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अभिनेत्री श्रुति हासन के व्यक्तित्व और निजता संबंधी अधिकारों के संरक्षण को लेकर दायर मुकदमे पर अंतरिम आदेश जारी करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को उनकी आपत्तिजनक और डीपफेक सामग्री हटाने का निर्देश दिया है। श्रुति हासन ने कुल 18 पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए फर्जी अकाउंट्स चलाने वालों की पहचान उजागर करने की भी गुहार लगाई है।

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Shruti Haasan troubled by deepfake images Approaches court Bombay High Court orders removal of photos
श्रुति हासन - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को निर्देश देते हुए कहा है कि वे मशहूर अभिनेत्री श्रुति हासन से जुड़ी उन सभी आपत्तिजनक सामग्रियों को तुरंत हटाएं, जो उनकी गरिमा और निजता के अधिकार का हनन करती हैं। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने साफ तौर पर माना कि अभिनेत्री ने अपने ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ यानी व्यक्तित्व संबंधी अधिकारों की सुरक्षा के लिए अदालत के सामने एक बेहद मजबूत और ठोस पक्ष रखा है।

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न्यायमूर्ति माधव जामदार ने जारी किया अंतरिम आदेश
यह अंतरिम आदेश न्यायमूर्ति माधव जामदार ने श्रुति हासन द्वारा दायर एक वाणिज्यिक मुकदमे पर सुनवाई करते हुए जारी किया। श्रुति हासन ने इस याचिका के जरिए बिना किसी अनुमति के उनके नाम, फोटो, चेहरे और आवाज का गलत इस्तेमाल करने वाली संस्थाओं और अज्ञात लोगों से 15 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है। अभिनेत्री का आरोप है कि इंटरनेट और सोशल मीडिया पर उनकी सहमति के बिना उनके नाम और पहचान से जुड़े उत्पाद बेचे जा रहे हैं। इसके साथ ही एआई और डीपफेक तकनीक की आड़ में उनकी बेहद आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो तैयार कर इंटरनेट पर प्रसारित किए जा रहे हैं।
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एआई और डीपफेक के जरिए चेहरे के दुरुपयोग का आरोप
अदालत में पेश की गई याचिका में कहा गया है कि कुछ अज्ञात लोगों ने एआई और डीपफेक तकनीक का गलत इस्तेमाल करते हुए श्रुति हासन के चेहरे को अश्लील वीडियो और तस्वीरों पर जोड़ दिया है। इस फर्जी और अनधिकृत सामग्री के प्रसार की वजह से अभिनेत्री को समाज में काफी बदनामी का सामना करना पड़ा है और उन्हें भारी मानसिक तनाव से भी गुजरना पड़ा है।
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बिना अनुमति नाम, आवाज और चेहरे के इस्तेमाल पर आपत्ति
श्रुति हासन ने स्पष्ट किया है कि कोई भी व्यक्ति उनकी इजाजत के बिना उनके नाम, हस्ताक्षर, आवाज और चेहरे का इस्तेमाल कर व्यावसायिक मुनाफा नहीं कमा सकता। उन्होंने कॉपीराइट कानून के तहत कलाकारों को मिलने वाले नैतिक अधिकारों का भी हवाला दिया है। अभिनेत्री का कहना है कि उनकी फिल्मों के क्लिप्स को गलत तरीके से काट-छांटकर और संदर्भ से अलग इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे उनकी साख और छवि को गहरा नुकसान पहुंच रहा है।


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18 पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई
श्रुति हासन ने यह कानूनी कदम ई-कॉमर्स कंपनियों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, मर्चेंडाइज विक्रेताओं और अज्ञात आरोपियों समेत कुल 18 पक्षों के खिलाफ उठाया है। उन्होंने अदालत से मांग की है कि इस तरह की आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार पर हमेशा के लिए पूरी तरह रोक लगाई जाए। इसके साथ ही उन्होंने फर्जी अकाउंट्स संचालित करने वाले लोगों के नाम और पते उजागर करने की भी मांग की है, ताकि उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।

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