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'किसान संसद' में दो दिन से चल रही एपीएमसी एक्ट पर चर्चा, अन्नदाता भी नहीं निकल पा रहे कोई हल
Tue, 27 Jul 2021 05:38 PM IST
Harendra Chaudhary
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Tue, 27 Jul 2021 05:38 PM IST
सार
किसान संसद में चौथे दिन पंजाब, हरियाणा के अलावा केरल, महाराष्ट्र और तेलगांना के किसानों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा कई राज्यों के पूर्व अफसर भी किसानों को अपना समर्थन देने के लिए धरना स्थल पर पहुंचे...
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जंतर मंतर पर किसान संसद
- फोटो : Amar Ujala (File)
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विस्तार
नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान संसद जंतर-मंतर पर जारी है। लगातार दूसरे दिन भी किसान संसद में आवश्यक वस्तु संशोधन अधिनियम 2020 एपीएमसी पर चर्चा हुई, लेकिन किसान संगठन भी इसका कोई हल नहीं निकाल सके। मंगलवार शाम को केंद्र सरकार के इस कानून के खिलाफ किसान संसद में प्रस्ताव पास किया गया। इसके बाद संसद को स्थगित कर दिया गया।
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दिल्ली में होती बारिश, जलजभराव और ट्रैफिक जाम के चलते किसान संसद की शुरुआत करीब डेढ़ घंटे देरी हुई। पहले सत्र में किसानों ने एपीएमसी एक्ट की चर्चा को ही जारी रखा। इसमें करीब 25 से ज्यादा किसानों ने हिस्सा लिया। लंच के बाद दूसरे सत्र में फिर से इसी विषय पर चर्चा हुई। जिसमें करीब 30 किसानों ने भाग लिया। शाम साढ़े चार बजे संसद में सरकार के इस कानून के खिलाफ प्रस्ताव पारित किए गए।
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किसानों ने अमर उजाला से कहा कि बारिश के चलते सड़कों पर ट्रेफिक बढ़ गया था इससे हमें धरनास्थल पहुंचने में देरी हो गई। इस कारण किसान देरी से शुरू हुई। शाम को भी सड़कों पर बढ़ते जाम के कारण संसद की कार्यवाही को जल्दी खत्म कर दिया गया ताकि सभी किसान समय से बॉर्डर पर पहुंच सकें। मंगलवार को भी एपीएमसी एक्ट पर चर्चा हुई और सरकार के खिलाफ प्रस्ताव पारित किए गए।
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किसान संसद में चौथे दिन पंजाब, हरियाणा के अलावा केरल, महाराष्ट्र और तेलगांना के किसानों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा कई राज्यों के पूर्व अफसर भी किसानों को अपना समर्थन देने के लिए धरना स्थल पर पहुंचे।