फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   The advice of his teacher for President Ramnath Kovind

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को उनके टीचर की सलाह

Fri, 21 Jul 2017 11:58 AM IST
BBC
BBC Updated Fri, 21 Jul 2017 11:58 AM IST
विज्ञापन
The advice of his teacher for President Ramnath Kovind
रामनाथ कोविंद के शिक्षक सुमन निगम - फोटो : BBC

नवनिर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को उनके कानपुर के डीसी लॉ कॉलेज के अध्यापक सुमन निगम ने एक सुझाव दिया है। निगम चाहते हैं कि उनके शिष्य सबसे पहले गौ रक्षा के नाम पर होने वाली कथित हत्याओं पर लगाम लगाएं। साथ ही निगम का यह भी कहना है कि कोविंद को सरकार को वैसे सुझाव देने चाहिए जिससे सबका भला हो।

विज्ञापन


सुमन निगम ने निगम ने बीबीसी से कहा, "इसके अलावा इस सरकार के कई और फैसले देश के लिए ठीक नहीं है। एक ताजा उदाहरण है जीएसटी। गरीब आदमी, जैसे सब्जी बेचने वाला भी इसके दायरे में आ गया है। कोविंद को सरकार को अच्छे सुझाव देने चाहिए जिससे सबका भला हो। मुझे उम्मीद है कोविंद जाति, धर्म से ऊपर उठ कर वैसे कदम उठाएंगे जिससे हर आदमी सुखी होगा।"
विज्ञापन


कोविंद ने स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई कानपुर से की है। उन्होंने कानपुर के डीएवी कॉलेज से बी. कॉम की डिग्री हासिल की। उसके बाद जुलाई, 1966 में उन्होंने डीसी लॉ कॉलेज में दाखिला लिया। निगम कहते हैं, "उन दिनों लॉ की पढ़ाई दो साल की होती थी। मैं उस दौरान कोविंद का अध्यापक था।" निगम 88 साल के हैं और कानपुर के सिविल लाइन्स मोहल्ले में रहते हैं। ज्यादा उम्र की वजह से बहुत ज्यादा लोगों से मिलते नहीं हैं। निगम के अनुसार कॉलेज में सैकड़ों छात्र थे। वे किसी को भी नहीं पहचानते थे। लेकिन एक छोटी सी घटना की वजह से वो कोविंद को पहचानने लगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

The advice of his teacher for President Ramnath Kovind
रामनाथ कोविंद

निगम कहते हैं, "हुआ यूं की अटेंडेंस का जो रजिस्टर था उसमे कोविंद की जगह गोविन्द चढ़ गया था और वह काफी दिनों तक रहा। फिर एक दिन ये बात सामने आई। भूल सुधार किया गया और रजिस्टर में गोविन्द को कोविंद किया गया। उसके बाद से कोविंद मेरी नजरों में आ गए।" उनके अनुसार कोविंद लॉ कॉलेज में शुरू से ही दूसरे छात्रों से अलग थे और उनमे पढ़ाई के प्रति लगन बहुत ज्यादा थी।

निगम ने कहा, "मैं क्लास में लेक्चर दिया करता था। डिक्टेट नहीं करता था। कोविंद के अलावा कोई दूसरा छात्र उन नोट्स को अपनी कॉपी में लिखता नहीं था। कोविंद रोज कॉलेज आया करते थे। कॉलेज की लाइब्रेरी में लाइब्रेरियन से महंगी किताबें देने के लिए मिन्नतें करते थे और फिर वह उन किताबों से नोट्स बनाया करते थे।"

लॉ की पढ़ाई पूरी करने के बाद निगम और कोविंद के बीच संपर्क नहीं रहा। जब कोविंद बिहार के राज्यपाल बने तो निगम को ध्यान आया की वो उन्हीं के छात्र थे। वे कहते हैं, "भारतीय जनता पार्टी में कुछ गलत लोग आ गए हैं, और भारतीय जनता पार्टी की ही सरकार है। उन गलत लोगों की वजह से कुछ गलत निर्णय लिए गए हैं जिससे सरकार की छवि खराब हो रही है। कोविंद को ये सब ठीक करना चाहिए।"

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed