फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   that is how Abu Huzaifa has been radicalising and recruiting Indian Youths Online

आईएस मॉड्यूल: इस तरह 'अबु हुफैजा' भारतीय युवाओं को ऑनलाइन बनाता था शिकार

Fri, 28 Dec 2018 09:38 AM IST
अंकुर श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अंकुर श्रीवास्तव Updated Fri, 28 Dec 2018 09:38 AM IST
विज्ञापन
that is how Abu Huzaifa has been radicalising and recruiting Indian Youths Online
अमरोहा में एनआई की छापेमारी के दौरान की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को जिस आईएस मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है उसे 'अबु हुफैजा' अल बकिस्तानी ऑनलाइन नियंत्रित किया करता था। वह लगभग दो दर्जन भारतीय युवाओं को विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित कर रहा था। सूत्रों के अनुसार यह मॉडल दक्षिण-पूर्व एशिया के युवाओं को आईएस में शामिल करने के लिए बरगलाता करता था।

विज्ञापन


फेसबुक पर शुरुआती संपर्क के बाद युवाओं को थ्रीमा और टेलिग्राम के क्लोज ग्रुप चैट में जोड़ा जाता था। खुफिया एजेंसी के सूत्रों ने कहा कि इस हैंडल की गहन जांच करने के बाद यह बात पता चली है कि हुफैजा एक ट्रेन पाकिस्तानी नागरिक है जो भारतीय युवाओं को बरगलाने का काम कर रहा था। हो सकता है कि वह इस काम को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए अंजाम दे रहा हो। 
विज्ञापन


'अबु हुफैजा' का हैंडल विभिन्न जांच एजेंसियों की जांच और ऑपरेशन में सामने आया है। जिसमें तेलंगाना की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट भी शामिल है जिसने बुधवार के ऑपरेशन के लिए महत्वपूर्ण जानकारी मुहैया करवाई थी। इस बात की कई सूत्रों ने पुष्टि की है। एक अधिकारी ने कहा, 'यह हैंडल असमान्य रूप से पिछले साल तब सक्रिय हुआ जब ऑनलाइन आईडी यूसुफ अल हिंदी अचानक गायब हो गई। इंडियन मुजाहिद्दीन से बगावत करके आईएस के खोरासन मॉड्यूल में शामिल होने वाला शफी अरमार इस हैंडल को संचालित और भारतीय युवाओं को इसमें शामिल करने का काम करता था।' 
विज्ञापन
विज्ञापन


अरमार जोकि कर्नाटक के भटकल से था, माना जाता है कि पिछले साल सीरिया में उसकी मौत हो गई है। अनुमान है कि उसने 1000 युवाओं को प्रेरित किया है, जिसमें ज्यादातर दक्षिण एशिया से हैं। वह युवाओं को सीरिया आकर लड़ने के लिए कहता था। उसका भाई सुल्तान अरमार 2016 में हुई ड्रोन स्ट्राइक में मारा गया था। एक बार अल हिंदी का हैंडल गायब हुआ, युवाओं को कट्टरपंथ की तरफ आकर्षित करने की कई कोशिशे की गईं।


हालांकि असल परेशानी तब शुरू हुई जब 'अबु हुफैजा' का हैंडल विभिन्न प्लेटफॉर्म पर दिखने लगा और सफलतापूर्वक युवाओं का ब्रेनवॉश कर रहा था। भारतीय जांच एजेंसी ने अक्तूबर में हुफैजा के हैंडल को ट्रैक करना शुरू किया। जिसे कि कई प्रॉक्सी सर्वर के जरिए संचालित किया जा रहा था। सूत्रों ने बताया कि लगभग एक दर्जन उत्तर भारतीय एजेंसी के रडार पर थे क्योंकि वह इस हैंडल से जुड़े हुए थे और जिहादी प्रोपेगैंडा का हिस्सा बन गए थे। यह हैंडल ज्यादातर आपराधिक छवि वाले लोगों की तलाश में रहता था और उन्हें मॉड्यूल में महत्वपूर्ण पद देता था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed