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MSME संकट पर थरूर का वार: कांग्रेस सांसद का दावा- व्यवस्था फेल, सरकार आंकड़े छिपा रही; 38% मामले अब भी लंबित

Mon, 23 Mar 2026 10:32 PM IST
Pavan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Pavan Updated Mon, 23 Mar 2026 10:32 PM IST
सार

शशि थरूर द्वारा उठाए गए मुद्दे एमएसएमई क्षेत्र के लिए एक अहम चुनौती को उजागर करते हैं। सरकारी तंत्रों की प्रभावशीलता और पारदर्शिता में सुधार की आवश्यकता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि एमएसएमई को समय पर भुगतान मिले और वे देश की अर्थव्यवस्था में अपना योगदान निर्बाध रूप से जारी रख सकें।

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Tharoor attacks MSME crisis: Congress MP claims system fails, govt is hiding data; 38% of cases still pending
कांग्रेस सांसद शशि थरूर - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने हाल ही में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के समक्ष आ रही विलंबित भुगतान की गंभीर समस्या पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सरकारी तंत्रों की प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि मंत्रालय इस मुद्दे की गंभीरता को स्वीकार तो करता है, लेकिन बकाया राशि के कुल अनुमान को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करने में विफल रहता है, जिससे समस्या के पैमाने को छिपाया जा रहा है।
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MSME समाधान पोर्टल और ODR पोर्टल की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिन्ह
शशि थरूर ने एमएसएमई समाधान पोर्टल को एक प्रभावी तंत्र के रूप में उद्धृत किए जाने पर भी असहमति जताई। उन्होंने अपने विश्लेषण में बताया कि इसी पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 38% मामले अभी भी अनसुलझे हैं, जो एक महत्वपूर्ण लंबितता का संकेत देता है। यह स्थिति और भी चिंताजनक तब हो जाती है जब हाल ही में लॉन्च किए गए ऑनलाइन विवाद समाधान (ODR) पोर्टल का उल्लेख किया जाता है। इस पोर्टल को एक तेज और प्रभावी समाधान के रूप में पेश किया गया था, लेकिन इसके प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए गए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 14,814 मामलों में से केवल 26 ही हल हुए हैं। यह आंकड़ा ODR पोर्टल की वास्तविक उपयोगिता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।


संस्थागत तंत्रों के प्रदर्शन में कमी और आगे का रास्ता
कांग्रेस सांसद ने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा संस्थागत तंत्रों के स्पष्ट रूप से कम प्रदर्शन को संबोधित करने की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि एमएसएमई को प्रगति करने में सक्षम बनाने के लिए प्रभावी निवारण की दिशा में एक स्पष्ट मार्ग तैयार किया जाना चाहिए। विलंबित भुगतान न केवल एमएसएमई की वित्तीय व्यवहार्यता और नकदी प्रवाह को प्रभावित करते हैं, बल्कि उनके विकास और संचालन को भी बाधित करते हैं।

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विलंबित भुगतान का एमएसएमई पर प्रभाव
विलंबित भुगतान एमएसएमई क्षेत्र के लिए एक पुरानी और कष्टदायक समस्या रही है। यह छोटे व्यवसायों की कार्यशील पूंजी को गंभीर रूप से प्रभावित करता है, जिससे उन्हें अपने दैनिक संचालन, कच्चे माल की खरीद और कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करने में कठिनाई होती है। यदि यह स्थिति बनी रहती है, तो यह एमएसएमई की उत्तरजीविता और विकास क्षमता को गंभीर रूप से खतरे में डाल सकती है।

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