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Maharashtra: तीन दशक बाद परिवार से मिली 80 वर्षीय महिला, बेटे की मौत से लगा था झटका; घर छोड़कर हो गई थी लापता
Wed, 22 Jan 2025 12:15 PM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शुभम कुमार
Updated Wed, 22 Jan 2025 12:15 PM IST
सार
अहमदनगर जिले से लापता हुई 80 वर्षिय महिला आखिरकार तीस साल बाद अपने परिवार से मिली। अस्पताल के अधिक्षत ने बताया कि महिला दुख से पीड़ित थी और अपने बेटे का नुकसान को बर्दाश्त नहीं कर पाई, इसलिए वह व्यथित अवस्था में अपना घर छोड़कर लापता हो गई थी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : एएनआई
विस्तार
महाराष्ट्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले की 80 साल की महिला जो 30 साल पहले अपने घर से लापता हो गई थी, जिन्हें ठाणे मानसिक अस्पताल के कर्मचारियों ने उनके परिवार से मिलवाया।
बता दें कि महिला के 13 साल के बेटे की 30 साल पहले इमली के पेड़ पर चढ़ने के दौरान बिजली के झटके से मौत हो गई थी। इस दुखद घटना से महिला इतनी प्रभावित हुई कि वह घर छोड़कर कहीं चली गई और नासिक पहुंची।
अस्पताल के डॉक्टर ने दी जानकारी
महिला की स्थिति को लेकर ठाणे मानसिक अस्पताल के अधीक्षक डॉ. नेताजी मुलिक ने बताया कि महिला दुख से पीड़ित थी और अपने बेटे का नुकसान को बर्दाश्त नहीं कर पाई, इसलिए वह व्यथित अवस्था में अपना घर छोड़कर लापता हो गई।
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नासिक में कई सालों तक भटकती रही महिला
डॉ. मुलिक ने बताया कि घर छोड़कर लापता होने के बाद महिला नासिक पहुंच गई। जहां वो कई सालों तक भटकती रही। इसके बाद दो साल पहले नासिक पुलिस ने उनकी बिगड़ती शारीरिक और मानसिक स्थिति को देखते हुए ठाणे मानसिक अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में महिला का इलाज किया गया और जब उसकी स्थिति में सुधार हुआ तो अस्पताल कर्मचारियों ने महिला का परिवार ढूंढने की कोशिश शुरू की।
डॉ. मुलिक ने बताया कि महिला के परिवार वालों को खोजने का काम अस्पताल और उसके कर्मचारियों के लिए चुनौतीपूर्ण था क्योंकि महिला की यादें बहुत हद खत्म हो गई थीं। हालांकि, धीरे-धीरे अस्पताल के कर्मचारियों ने अहमदनगर के बारे में सुराग जुटाए और वहां पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद महिला के रिश्तेदारों का पता चला और 17 जनवरी को वे महिला से 30 साल बाद मिल पाए। डॉ. मुलिक ने कहा कि परिवार को फिर से एक साथ देखना उनके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है।
महिला के परिवार ने अस्पताल का जताया आभार
साथ ही महिला के परिवार ने अस्पताल और कर्मचारियों को धन्यवाद किया। परिवार वालों ने कहा कि अस्पताल की टीम की देखभाल और समर्पण से वे बहुत प्रभावित हुए। अब महिला को उसके परिवार के पास वापस अहमदनगर भेज दिया गया है।
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बता दें कि महिला के 13 साल के बेटे की 30 साल पहले इमली के पेड़ पर चढ़ने के दौरान बिजली के झटके से मौत हो गई थी। इस दुखद घटना से महिला इतनी प्रभावित हुई कि वह घर छोड़कर कहीं चली गई और नासिक पहुंची।
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अस्पताल के डॉक्टर ने दी जानकारी
महिला की स्थिति को लेकर ठाणे मानसिक अस्पताल के अधीक्षक डॉ. नेताजी मुलिक ने बताया कि महिला दुख से पीड़ित थी और अपने बेटे का नुकसान को बर्दाश्त नहीं कर पाई, इसलिए वह व्यथित अवस्था में अपना घर छोड़कर लापता हो गई।
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नासिक में कई सालों तक भटकती रही महिला
डॉ. मुलिक ने बताया कि घर छोड़कर लापता होने के बाद महिला नासिक पहुंच गई। जहां वो कई सालों तक भटकती रही। इसके बाद दो साल पहले नासिक पुलिस ने उनकी बिगड़ती शारीरिक और मानसिक स्थिति को देखते हुए ठाणे मानसिक अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में महिला का इलाज किया गया और जब उसकी स्थिति में सुधार हुआ तो अस्पताल कर्मचारियों ने महिला का परिवार ढूंढने की कोशिश शुरू की।
डॉ. मुलिक ने बताया कि महिला के परिवार वालों को खोजने का काम अस्पताल और उसके कर्मचारियों के लिए चुनौतीपूर्ण था क्योंकि महिला की यादें बहुत हद खत्म हो गई थीं। हालांकि, धीरे-धीरे अस्पताल के कर्मचारियों ने अहमदनगर के बारे में सुराग जुटाए और वहां पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद महिला के रिश्तेदारों का पता चला और 17 जनवरी को वे महिला से 30 साल बाद मिल पाए। डॉ. मुलिक ने कहा कि परिवार को फिर से एक साथ देखना उनके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है।
महिला के परिवार ने अस्पताल का जताया आभार
साथ ही महिला के परिवार ने अस्पताल और कर्मचारियों को धन्यवाद किया। परिवार वालों ने कहा कि अस्पताल की टीम की देखभाल और समर्पण से वे बहुत प्रभावित हुए। अब महिला को उसके परिवार के पास वापस अहमदनगर भेज दिया गया है।