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Maharashtra: ठाणे में अस्पताल कर्मचारियों पर हमले मामले में नौ को दो साल की जेल, 10 हजार का जुर्माना भी लगाया

Sat, 05 Oct 2024 03:13 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: श्वेता महतो Updated Sat, 05 Oct 2024 03:13 PM IST
सार

एक चिकित्सा अधिकारी द्वारा दर्ज मामले में बताया गया कि यह घटना 20 जुलाई 2013 की है। एक मरीज को ठाणे सिविल अस्पताल में मृत लाया गया था। मरीज को मृत घोषित किए जाने के बाद उसके रिश्तेदारों ने डॉक्टरों पर समय से कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया

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Thane court sentences nine persons to imprisonment for attack on hospital staff news in hindi
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महाराष्ट्र में ठाणे की एक अदालत ने सरकारी चिकित्सा कर्मचारियों पर हमला करने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में नौ लोगों को दो साल की सजा सुनाई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एएन सिरसीकर ने बताया कि आरोपी एक मृत रिश्तेदार के इलाज से असंतुष्ट था। उसने एक गैंग बनाई और मेडिकल स्टाफ पर हमला किया। इसके साथ ही आरोपी ने अस्पताल की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया। 
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एक चिकित्सा अधिकारी द्वारा दर्ज मामले में बताया गया कि यह घटना 20 जुलाई 2013 की है। एक मरीज को ठाणे सिविल अस्पताल में मृत लाया गया था। अतिरिक्त लोक अभियोजक आरजी क्षीरसागर ने बताया कि मरीज को मृत घोषित किए जाने के बाद उसके रिश्तेदारों ने डॉक्टरों पर समय से कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया और उनपर हमला कर दिया। उन्होंने अस्पताल की संपति की भो नुकसान पहुंचाया। कार्यवाही के दौरान, अदालत ने लोक सेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि चिकित्सा पेशेवरों को हिंसा या धमकी के डर के बिना अपने कर्तव्यों का पालन करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
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जज ने कहा, "एक लोक सेवक समाज का सेवक होता है और उसे सामाजिक सुरक्षा की आवश्यकता होती है, जिससे कि वह अपने कर्तव्य के पालन में हताश न हो जाए। जनता को यह सुनिश्चित करना होगा कि चिकित्सा अधिकारी बिना किसी डर के सेवा कर सकें। सभी आरोपी मुंब्र इलाके के रहने वाले हैं।" अदालत ने उन्हें दो साल की सजा के साथ उनपर 10000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में एक आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने के कारण उसे बरी कर दिया गया, जबकि एक अन्य आरोपी की सुनवाई के दौरान ही मौत हो गई थी, जिसके कारण उसके खिलाफ मामला समाप्त कर दिया गया था।
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