Boiler Blast: ‘धमाके से मेरी जिंदगी पलट गई, तीन माह पहले ही पत्नी की नौकरी लगी थी’, मृतक महिला के पति का दर्द
मृतक महिला के पति ने बताया कि मुझे दो महिलाओं के शव दिखाए गए। मुझे इन शवों को पहचानने के लिए कहा गया। इस दौरान मेरी नजर एक महिला की अंगूठी पर पड़ी। यह देख में सन्न हो गया क्योंकि यह मेरी पत्नी रिद्धि अमित खानविलकर का शव था।
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मुझे फोन आया, मुझसे शास्त्री नगर अस्पताल में आने के लिए कहा गया। मैं वहां गया तो हैरान रह गया। यह कहना है कि उस पति का जिनकी पत्नी का डोंबिवली बॉयलर ब्लास्ट में निधन हो गया। बता दें, गुरुवार को डोंबिवली में स्थित अमुदान केमिकल्स फैक्ट्री में ब्लास्ट हो गया था। हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में शामिल एक महिला के पति अमित खानविलकर ने अपनी आपबीती सुनाई…
मेरी पत्नी अमुदान केमिकल्स में ही काम करती थी। मैं हादसे के वक्त अपने घर पर था। मानपाड़ा इलाके में हमारा घर है। मुझे हादसे की जानकारी मिली। मैंने तुरंत अपनी पत्नी को कॉल किया। कॉल में संपर्क नहीं हो पाया। मैंने अपने दोस्तों से बात की। मैं पत्नी की तलाश के लिए वहां जाने ही वाला था कि तभी मुझे एक कॉल आया। उस तरफ से किसी ने कहा कि आप शास्त्री नगर अस्पताल आ जाएं। मैं घबरा कर अस्पताल पहुंचा। यहां मुझे दो महिलाओं के शव दिखाए गए। मुझे इन शवों को पहचानने के लिए कहा गया। इस दौरान मेरी नजर एक महिला की अंगूठी पर पड़ी। यह देख में सन्न हो गया क्योंकि यह मेरी पत्नी रिद्धि अमित खानविलकर का शव था। अमित ने बताया कि हमारा 12 साल का एक बेटा है। वह तीन महीने पहले ही कंपनी के लेखा विभाग में भर्ती हुई थी। अमित पालघर के एक लैब में काम करते हैं। उनका कहना है कि विस्फोट के कारण मेरी दुनिया उलट-पुलट हो गई है।
दूसरे शव की हुई पहचान
इसके अलावा, दूसरे शव की पहचान रोहिणी कदम के रूप में हुई है। रोहिणी के परिजनों ने उनके शव की पहचान की। रोहिणी अपने माता-पिता और भाई-बहनों के साथ मानपाड़ा के अजदे गांव में रहती थी। रोहिणी के परिजनों का कहना है कि रोहिणी और रिद्धि ने बिना किसी गलती के अपनी जान गंवा दी।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
पुलिस ने फैक्ट्री के मालिक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। एफआईआर में मालिकों/निदेशकों मालती प्रदीप मेहता, मयाल प्रदीप मेहता और अन्य निदेशकों, प्रबंधन कर्मचारियों और अधिकारियों के नाम हैं, जो फैक्ट्री की देखरेख कर रहे थे। एफआईआर के अनुसार, अधिकारियों ने रसायनों के मिश्रण और भंडारण में सावधानी नहीं बरती, वह भी यह जानते हुए कि छोटी सी चूक से विस्फोट हो सकता है। विस्फोट के लगभग 12 घंटे बाद, ठाणे जिले में मानपाड़ा पुलिस ने शुक्रवार को लगभग 1.50 बजे एफआईआर दर्ज की गई।