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आतंकी की अर्जी, परिवार से बात करा दो...
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Tue, 24 Jan 2017 02:15 PM IST
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इलाहाबाद के नैनी सेंट्रल जेल में सोमवार को विशेष न्यायाधीश प्रेमनाथ ने राम जन्मभूमि पर हुए आतंकी हमले के मुकदमे की सुनवाई की। इस दौरान जेल में बंद हमले के आरोपी आतंकी इरफान ने अर्जी देकर परिवारवालों से फोन पर बात कराने की मांग की है। हालांकि, कोर्ट ने इस मामले में कोई निर्णय नहीं लिया है। मुकदमे की अगली सुनवाई 29 जनवरी होगी।
एडीजीसी गुलाब चंद्र अग्रहरि ने बताया कि अभियोजन के गवाह विवेचक केएन दुबे से बचाव पक्ष ने जिरह पूरी ली है। इनकी गवाही समाप्त हो गई है। अगले गवाह अभिसूचना के एसपी अजीत कुमार सिन्हा को गवाही के लिए तलब किया गया है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता शमसुल हसन ने बताया कि आरोपी अजीज को आंख के ऑपरेशन कराने और आशिक इकबाल के हड्डी में दर्द व पाइल्स का इलाज कराने के लिए कोर्ट ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया है।
इसी मामले के आरोपी डॉ. इरफान ने अर्जी देकर कहा है कि उसके परिवारवालों से फोन पर उसकी बात कराई जाए। उसकी ओर से तर्क दिया गया कि यह सुविधा अन्य बंदियों को प्राप्त है, लेकिन जेल प्रशासन उसकी बात उसके परिवार से नहीं करा रहा है। हालांकि, कोर्ट ने इस मामले पर जेल अधीक्षक को कोई निर्देश नहीं दिया है।
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एडीजीसी गुलाब चंद्र अग्रहरि ने बताया कि अभियोजन के गवाह विवेचक केएन दुबे से बचाव पक्ष ने जिरह पूरी ली है। इनकी गवाही समाप्त हो गई है। अगले गवाह अभिसूचना के एसपी अजीत कुमार सिन्हा को गवाही के लिए तलब किया गया है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता शमसुल हसन ने बताया कि आरोपी अजीज को आंख के ऑपरेशन कराने और आशिक इकबाल के हड्डी में दर्द व पाइल्स का इलाज कराने के लिए कोर्ट ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया है।
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इसी मामले के आरोपी डॉ. इरफान ने अर्जी देकर कहा है कि उसके परिवारवालों से फोन पर उसकी बात कराई जाए। उसकी ओर से तर्क दिया गया कि यह सुविधा अन्य बंदियों को प्राप्त है, लेकिन जेल प्रशासन उसकी बात उसके परिवार से नहीं करा रहा है। हालांकि, कोर्ट ने इस मामले पर जेल अधीक्षक को कोई निर्देश नहीं दिया है।
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