{"_id":"5e4d92b98ebc3ef296359bc2","slug":"ten-lakh-fine-for-buying-and-selling-of-embryos-if-repeated-again-then-12-years-in-jail","type":"story","status":"publish","title_hn":"भ्रूण खरीदने-बेचने पर 10 लाख जुर्माना, फिर वैसा किया तो 12 साल जेल","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
भ्रूण खरीदने-बेचने पर 10 लाख जुर्माना, फिर वैसा किया तो 12 साल जेल
Thu, 20 Feb 2020 01:26 AM IST
Mohit Mudgal
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Thu, 20 Feb 2020 01:26 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
देश में भ्रूण खरीदने बेचने वालों को सरकार कड़ी सजा के दायरे में लाई है। जो चिकित्सक या गैर पेशेवर लोग यह काम करेंगे, उन पर पहली बार में 10 लाख रुपये का जुर्माना लगेगा। दोबारा ऐसा करने पर 12 साल कारावास की सजा दी जाएगी। इसके लिए केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को सहायक प्रजनन तकनीक नियमन विधेयक 2020 पारित किया।
विज्ञापन
इसके तहत इस क्षेत्र में देश में काम कर रहे सभी क्लीनिक और चिकित्सकों का एक रजिस्टर भी बनाया जाएगा ताकि गैर-कानूनी काम करने वालों पर नियंत्रण किया जा सकेगा। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने दावा किया कि यह विधेयक महिलाओं को प्रजनन अधिकार प्रदान करेगा। लिंग परीक्षण करवाने वालों पर भी सख्ती की जाएगी।
विज्ञापन
ईरानी ने बताया कि यह विधेयक संसद में पारित होने के बाद जो युगल, महिलाएं व डोनर सहायक प्रजनन तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं, उनके लिए प्रोटोकॉल तय होंगे। एक राष्ट्रीय बोर्ड बनाया जाएगा, जो इस तकनीक पर काम कर रहे क्लीनिक, चिकित्सकों व अन्य लोगों की निगरानी करेगा। प्रदेशों में राज्य बोर्ड बनेंगे।
विज्ञापन
जरूरी इसलिए हुआ
आज भारत इस तकनीक का बड़ा केंद्र बन चुका है। नि:संतान दंपत्ति इसके जरिए अपनी पीड़ा दूर कर रहे हैं। दुनिया भर से लोग भारत आकर इस तकनीक का उपयोग कर रहे हैं। लेकिन कई मानवीय और नैतिक प्रश्न भी बच्चों के जन्म की प्रक्रिया और खुद बच्चों व महिलाओं को लेकर पैदा हो रहे हैं। उनके शोषण के मामले भी सामने आए हैं।
ऐसे में बच्चों को अभिभावकों से किसी जैविक बच्चे जितने अधिकार दिलाने, महिलाओं के बीमा, भ्रूण लिंग परीक्षण पर रोकथाम जैसे कदम इस विधेयक के कानून बनने के बाद उठाए जा सकेंगे।