त्रिपुरा में भारी बारिश के चलते बाढ़ और भूस्खलन से हाहाकार मचा है। इसके चलते राज्य में 22 लोगों की मौत हो गई। जबकि दो लोग लापता हो गए हैं। बाढ़ और भूस्खलन को देखते हुए बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। इसके चलते अब तक 65,400 लोगों ने 450 राहत शिविरों में शरण ली है। एनडीआरएफ की चार टीमें बचाव अभियान में राज्य की सहायता कर रही हैं। वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने त्रिपुरा के सीएम से बात करके हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। वहीं राज्य सरकार ने अगले आदेश तक सभी स्कूल बंद करने का एलान किया है।
Tripura Landslide: त्रिपुरा में भूस्खलन और बाढ़ से हाहाकार; 22 लोगों की मौत, अमित शाह ने की सीएम साहा से बात
अब तक 65,400 लोगों ने 450 राहत शिविरों में शरण ली है। एनडीआरएफ की चार टीमें बचाव अभियान में राज्य की सहायता कर रही हैं।
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राज्य सरकार के मुताबिक रविवार से हो रही भारी बारिश के चलते राज्य की सभी बड़ी नदियों में जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया। इससे कई इलाकों में बाढ़ आ गई। इससे पहले राजस्व विभाग के सचिव बृजेश पांडेय ने बताया था कि पूर्वोत्तर राज्य में करीब 17 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। पांडेय ने कहा कि 2,032 स्थानों पर भूस्खलन की खबरें आईं, जिनमें से 1,789 स्थानों को साफ कर दिया गया है, जबकि अन्य स्थानों पर बहाली का काम जारी है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने गोमती और दक्षिण त्रिपुरा जिलों में फंसे लोगों को निकालने के लिए दो हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराए हैं।
सरकार ने पश्चिम त्रिपुरा और सिपाहीजला जिले में भारी बारिश को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, असम राइफल्स समेत केंद्रीय अर्धसैनिक बल प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत अभियान में जुटे हैं। सरकार ने भारी बारिश को देखते हुए लोगों को बाहर न निकलने और सतर्कता बरतने के लिए भी कहा है।
बाढ़ के चलते राज्य में 65,400 लोगों ने 450 राहत शिविरों में शरण ली है। बचाव अभियान में लगीं टीमें लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में लगी हुईं हैं। लोगों की मदद की जा रही है। उन्हें हर संभव सहायता मुहैया कराई जा रही है। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री मानिक साहा ने बताया कि राज्य में आई बाढ़ काफी भीषण है। हम स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं। सभी जिला अधिकारियों को प्रभावित लोगों को हर संभव मदद मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हमने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से सहायता मांगी थी। उन्होंने एनडीआरएफ की चार अतिरिक्त टीमों को राज्य में बचाव अभियान में सहयोग करने के लिए भेजा है।
त्रिपुरा में आई बाढ़ की स्थिति को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने त्रिपुरा के सीएम मानिक साहा से बात की। इस दौरान उन्होंने राज्य को केंद्र की ओर से हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने एनडीआरएफ की टीमों के साथ बोट और हेलीकॉप्टर राज्य की सहायता के लिए भेजे हैं। नरेंद्र मोदी सरकार संकट की घड़ी में त्रिपुरा में रहने वाले अपने भाई बहनों के साथ है।
Due to the current flood situation, it has been decided that all educational institutions, including Government, Government-aided, and private(Schools, Colleges and State-run universities) will remain closed until further notice. A formal notification will be issued shortly:… pic.twitter.com/WlsRWuzvuL
त्रिपुरा में अगले आदेश तक बंद रहेंगे स्कूल
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री मानिक साहा ने कहा कि राज्य में सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी (स्कूल, कॉलेज और राज्य संचालित विश्वविद्यालय) सहित सभी शैक्षणिक संस्थान अगली सूचना तक बंद रहेंगे। इस बारे में जल्द ही अधिसूचना जारी होगी।