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Temple Attacks: PM मोदी ने उठाया ऑस्ट्रेलिया में मंदिरों पर हमले का मुद्दा, जानें इन घटनाओं के बारे में सबकुछ

Fri, 10 Mar 2023 04:37 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Fri, 10 Mar 2023 04:37 PM IST
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सार
शुक्रवार को हैदराबाद हाउस में PM मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष अल्बानीज के साथ एक प्रेसवार्ता को संबोधित किया। वार्ता के दैरान ही मोदी ने ऑस्ट्रेलिया में खालिस्तानी कट्टरपंथियों द्वारा मंदिरों की तोड़फोड़ के मुद्दे को सार्वजनिक रूप से उठाया।
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Temple Attacks: PM Modi raised issue of attack on temples in Australia, here is timeline of incidents
पीएम मोदी - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज भारत की चार दिवसीय यात्रा पर हैं। शुक्रवार को हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री मोदी और अल्बानीज के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। इसके बाद पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष के साथ एक प्रेस वार्ता की। इसी दौरान प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया में खालिस्तानी कट्टरपंथियों द्वारा मंदिरों की तोड़फोड़ का मुद्दा उठाया। मोदी ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि ये घटनाएं हमारे मन को व्यथित करती हैं।


आइए जानते हैं ऑस्ट्रेलिया में मंदिरों में तोड़फोड़ के मुद्दे पर पीएम मोदी क्या बोले? आखिर मंदिरों में तोड़फोड़ का मुद्दा क्या है? ऑस्ट्रेलिया में अब तक ऐसी कितनी घटनाएं हुईं हैं? ऑस्ट्रेलिया का इन मामलों में क्या कहना है? 

पीएम मोदी
पीएम मोदी - फोटो : SOCIAL MEDIA
ऑस्ट्रेलिया में मंदिरों में तोड़फोड़ के मुद्दे पर पीएम मोदी क्या बोले?
पिछले साल मई में शपथ लेने के बाद ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज का ये पहला भारत दौरा है। चार दिवसीय यात्रा के तीसरे दिन शुक्रवार को हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री मोदी और अल्बानीज के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई जिसके बाद पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष के साथ एक प्रेस को संबोधित किया। सबसे पहले तो उन्होंने प्रधानमंत्री एल्बनीज का भारत में उनके पहले दौरे पर स्वागत किया। वार्ता के दैरान ही मोदी ने ऑस्ट्रेलिया में खालिस्तानी कट्टरपंथियों द्वारा मंदिरों की तोड़फोड़ के मुद्दे को सार्वजनिक रूप से उठाया। 

घटनाओं पर दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, 'यह खेद का विषय है कि पिछले कुछ सप्ताह से ऑस्ट्रेलिया में मंदिरों पर हमलों की खबरें नियमित रूप से आ रहीं हैं। स्वाभाविक है कि ऐसे समाचार भारत में सभी लोगों को चिंतित करते हैं, हमारे मन को व्यथित करते हैं। हमारी इन भावनाओं और चिंताओं को मैंने प्रधानमंत्री एल्बनीज के समक्ष रखा। उन्होंने मुझे आश्वस्त किया है कि भारतीय समुदाय की सुरक्षा उनके लिए विशेष प्राथमिकता है।'

ऑस्ट्रेलिया में हिंदू मंदिर पर हमला।
ऑस्ट्रेलिया में हिंदू मंदिर पर हमला। - फोटो : सोशल मीडिया
मंदिरों में तोड़फोड़ का मुद्दा क्या है, अब तक ऐसी कितनी घटनाएं हुईं हैं?
पिछले कुछ समय से ऑस्ट्रेलिया समेत दुनियाभर में हिंदू मंदिर कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं। हालिया घटनाक्रम की बात करें तो ब्रिस्बेन स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में तोड़फोड़ की घटना सामने आई। बीते शनिवार को श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में खालिस्तान समर्थकों ने तोड़फोड़ की। मंदिर के अध्यक्ष सतिंदर शुक्ला ने स्थानीय मीडिया से बात करते हुए बताया कि सुबह के समय श्रद्धालु मंदिर में पूजा-पाठ के लिए पहुंचे थे, इसी दौरान उन्होंने देखा कि मंदिर की दीवार को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। 

इस घटना पर मानवाधिकार विशेषज्ञों ने नाराजगी व्यक्त की। हिंदू ह्युमन राइट्स की निदेशक सारा गेट्स ने एक बयान में कहा कि सिख फॉर जस्टिस की तर्ज पर इस घृणा अपराध को अंजाम दिया गया है। यह ऑस्ट्रेलिया में रह रहे हिंदुओं को भयभीत करने के लिए किया गया है।

मुरूगन टेंपल, ऑस्ट्रेलिया
मुरूगन टेंपल, ऑस्ट्रेलिया - फोटो : SOCIAL MEDIA
ऑस्ट्रेलिया में क्या पहले भी इस तरह के हमले हुए हैं?
विदेशी धरती पर हिंदू आस्था पर चोट करने का यह पहला मामला नहीं था। इससे पहले फरवरी मध्य में ऑस्ट्रेलिया में दो हिंदू मंदिरों को धमकियां दी गईं थीं। पहला मामला ब्रिस्बेन स्थित गायत्री मंदिर का था। रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर के अध्यक्ष जय राम और उपाध्यक्ष धर्मेश प्रसाद को शुक्रवार को अलग-अलग फोन आए, फोन करने वाले ने खुद की पहचान 'गुरुवादेश सिंह' के रूप में बताई। फोन करने वाले ने शिवरात्रि पर मंदिर में खालिस्तान समर्थक नारे लगवाने का दबाव डाला। बाद में मंदिर की जनसंपर्क अधिकारी नीलिमा ने भी कहा कि उन्हें एक अमेरिकी नंबर से कई फोन आए। वहीं इन फोन कॉल के बाद मंदिर प्रबंधन ने वहां सुरक्षा बढ़ा दी थी। 

दूसरा मामला ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में काली माता मंदिर का था जिसके पुजारी को फोन पर धमकी दी गई। पुजारी भावना को फोन कॉल करके धमकी में दी गई थी कि यदि भजन कार्यक्रम रद्द नहीं हुए तो नतीजे गंभीर होंगे। उस वक्त मंदिर का प्रबंधन आगामी धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारी कर रहा था।

23 जनवरी को सामने आईं रिपोर्ट्स के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य में इस्कॉन मंदिर में खालिस्तानी समर्थकों ने कथित तौर पर तोड़फोड़ की थी। इतना ही नहीं, मंदिर में भारत विरोधी नारे भी लिखे गए थे।  

इससे पहले 16 जनवरी को कैरम डाउन इलाके में स्थित श्री शिवा विष्णु मंदिर पर भी भारत विरोधी नारे लिख दिए गए थे। मंदिर में जब भारत विरोधी नारे लिखे गए, उस वक्त मंदिर में तमिल हिंदुओं द्वारा तीन दिन का थाई पोंगल त्योहार मनाया जा रहा था। 15 जनवरी को खालिस्तान समर्थकों ने मेलबर्न में एक कार रैली निकालकर खालिस्तान पर जनमत के लिए समर्थन जुटाने का प्रयास किया था लेकिन उन्हें समर्थन नहीं मिल सका और मेलबर्न में भारतीय मूल की करीब 60 हजार आबादी रहती है लेकिन रैली के दौरान कुछ सौ लोग ही मौजूद रहे। माना जा रहा है कि इसी गुस्से में हिंदू मंदिर को निशाना बनाया गया था। 

वहीं, 12 जनवरी को, मेलबर्न में स्वामीनारायण मंदिर में 'असामाजिक तत्वों' द्वारा भारत विरोधी चित्र और नारे लिखे गए थे। 

मंदिर क्यों बन रहे हैं निशाना?
विदेश मामलों के जानकार डॉ. आदित्य पटेल कहते हैं, 'ऑस्ट्रेलिया-कनाडा में तोड़फोड़ करने वाले खालिस्तान समर्थक हैं। ये स्पष्ट हो चुका है। इस तरह की हरकत करके यह लोग दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचना चाहते हैं। वह अपनी नाजायज मांगों के समर्थन में बाकी देशों में भी समर्थन चाहते हैं।'

इसके पीछे पाकिस्तान जैसे देशों की शह भी शामिल है। ये भारत में अस्थिरता लाने के लिए लंबे समय से काम कर रहे हैं। जब कश्मीर में आतंकी घटनाओं पर सरकार ने सख्त कदम उठाना शुरू किया तो इन लोगों ने दूसरे तरह से अपनी मुहिम को तेज करना शुरू कर दिया है। अब ये खालिस्तानी समर्थकों का सहारा ले रहे हैं।

भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त बैरी ओ'फारेल
भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त बैरी ओ'फारेल - फोटो : SOCIAL MEDIA
ऑस्ट्रेलिया का इन मामलों में क्या कहना है? 
 पिछले दिनों भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त बैरी ओ'फारेल ने एक बयान में कहा था कि तथाकथित खालिस्तान जनमत संग्रह के आह्वान का ऑस्ट्रेलिया में कोई कानूनी आधार नहीं है। उन्होंने कहा था कि ऑस्ट्रेलिया भारतीय संप्रभुता का अटूट सम्मान करता है। मंदिरों पर हमले को लेकर नई दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त ने कहा था कि ऑस्ट्रेलिया में हमने तोड़फोड़ की घटनाएं देखी हैं। लोग इससे भयभीत हैं। असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए कार्रवाई की जा रही है।
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