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Telecom: मोबाइल पर बात करना होगा महंगा, कमाई बढ़ाने के टैरिफ में इजाफा करने की तैयारी में कंपनियां

Wed, 17 Dec 2025 04:28 AM IST
नितिन गौतम अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Wed, 17 Dec 2025 04:28 AM IST
सार

कमाई और निवेश बढ़ाने के लिए दूरसंचार कंपनियां टैरिफ बढ़ाने की तैयारी में हैं और इसके चलते मोबाइल पर बात करना महंगा हो सकता है। अनुमान है कि 2026 में प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों तरह के 4जी एवं 5जी प्लान की कीमतों में तेज वृद्धि होगी।

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Telecom Talking on mobile will be expensive companies are preparing to increase tariffs
मोबाइल पर बात करना होगा महंगा - फोटो : Freepik

विस्तार

नए साल से मोबाइल पर बात करना महंगा हो जाएगा। कमाई और निवेश बढ़ाने के लिए दूरसंचार कंपनियां मोबाइल टैरिफ की दरों में इजाफा कर सकती हैं। मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है कि कंपनियां अप्रैल-जून तिमाही से 4जी और 5जी प्लान की कीमतों में 16 से 20 फीसदी तक बढ़ोतरी करेंगी। यह पहले के अनुमान से कहीं अधिक तेजी से और जल्द बढ़ोतरी है। इसके पहले 15 फीसदी की वृद्धि का अनुमान लगाया था।
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5जी प्लान की कीमतों में होगी तेज वृद्धि
मॉर्गन स्टेनली के विश्लेषकों ने 15 दिसंबर की एक रिपोर्ट में कहा, हमारा अनुमान है कि 2026 में प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों तरह के 4जी एवं 5जी प्लान की कीमतों में तेज वृद्धि होगी। सस्ते प्लान को बंद करने और स्ट्रीमिंग सेवाओं को केवल प्रीमियम प्लान के साथ ही जोड़ने जैसे हालिया कदम यह संकेत देते हैं कि कंपनियां ग्राहकों को बढ़ी कीमतों के लिए तैयार कर रही हैं। आठ वर्षों में यह चौथी बड़ी मूल्य वृद्धि होगी। इससे पहले कंपनियों ने 2024 में 15 फीसदी, 2021 में 20 फीसदी व 2019 में 30 फीसदी वृद्धि की थी। मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, हर बार जब एयरटेल जैसी मजबूत कंपनियों ने अधिक राजस्व अर्जित किया, तो कमजोर प्रतियोगी पीछे रह गए।
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कम कीमत वाले प्लान हुए बंद
हाल में दूरसंचार कंपनियों ने कम कीमत वाले प्लान हटा दिए हैं या ओवर-द-टॉप (ओटीटी) जैसी कुछ सुविधाओं को अधिक कीमत वाले प्लान में स्थानांतरित कर दिया है। इससे ग्राहकों को अपग्रेड करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है और प्रभावी रूप से प्रति ग्राहक औसत राजस्व (एआरपीयू) में वृद्धि हो रही है। विश्लेषकों ने कहा, हमने देखा है कि अतीत में जब भी टैरिफ में वृद्धि हुई है, भारती एयरटेल प्रमुख लाभार्थियों में से एक रही है। इसने कमजोर कंपनियों की तुलना में राजस्व में असमान रूप से अधिक वृद्धि दिखाया है।
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7 वर्षों में हर ग्राहक से कंपनियां कमाएंगी 390 रुपये
एयरटेल, जियो और वोडाफोन आइडिया ने हाल के वर्षों में तीन बार प्रीपेड टैरिफ बढ़ाए हैं। ब्रोकरेज फर्म के मध्यम अवधि के संभावित अनुमानों से संकेत मिलता है कि 2031-32 तक एआरपीयू 370 और 390 के बीच रहेगा। ब्रोकरेज फर्म ने एयरटेल के संदर्भ में कहा, तीन से पांच वर्षों में कंपनी के एआरपीयू में 5-6 फीसदी की वृद्धि के लिए डाटा मोनेटाइजेशन महत्वपूर्ण कारक होगा। वह 2026 के बाद बिना टैरिफ वृद्धि के भी 400 रुपये तक कमाएगी।

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