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Telecom: सभी के मोबाइल में आएगा अलर्ट वाला मैसेज, नहीं है घबराने की जरुरत; इस वजह से सरकार कर रही है 'सचेत'
Wed, 02 Jul 2025 05:08 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Wed, 02 Jul 2025 05:08 PM IST
सार
हाल ही में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एक नया इंटीग्रेटेड अलर्ट सिस्टम (सचेत) शुरू किया है, जिसे सी-डीओटी ने तैयार किया है। इस सिस्टम को इंटरनेशनल टेलिकॉम यूनियन की गाइडलाइन के हिसाब से बनाया गया है। इसे देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जा चुका है।
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इंटीग्रेटेड अलर्ट सिस्टम (सचेत)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आने वाले दिनों में आपके मोबाइल में भी कोई अलर्ट का मैसेज आए। जिसमें लिखा हो कि ये एक टेस्ट मैसेज है, तो आपको परेशान होने की जरुरत नहीं है। दरअसल, ये मैसेज भारत सरकार के टेलीकॉम मंत्रालय की एक तैयारी का हिस्सा है ताकि सरकार समय रहते आम लोगों को किसी आपदा या इमजेंसी की सूचना लोगों तक पहुंचा सके। दूरसंचार विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मिलकर देशभर में मोबाइल के जरिए अलर्ट सिस्टम को मजबूत बना रहे हैं।
हाल ही में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एक नया इंटीग्रेटेड अलर्ट सिस्टम (सचेत) शुरू किया है, जिसे सी-डीओटी ने तैयार किया है। इस सिस्टम को इंटरनेशनल टेलिकॉम यूनियन की गाइडलाइन के हिसाब से बनाया गया है। इसे देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जा चुका है। इसके जरिए अब तक 6,899 करोड़ से भी ज्यादा एसएमएस अलर्ट 19 से अधिक भाषाओं में भेजे जा चुके हैं, जिनका इस्तेमाल तूफान, भारी बारिश, भूकंप जैसी आपदाओं में किया गया है।
जानकारी के अनुसार, सरकार आने वाले दिनों में एसएमएस के अलावा सेल ब्रॉडकास्ट टेक्नोलॉजी भी लागू कर रही है। इसमें अलर्ट सीधे पूरे मोबाइल नेटवर्क में ब्रॉडकास्ट होंगे और कुछ ही सेकंड में पूरे इलाके के मोबाइल फोन तक पहुंच जाएंगे। उदाहरण के लिए किसी एक क्षेत्र में बिजली गिरने,बाढ़ आने, गैस लिक होने या भूकंप समेत कोई इमरजेंसी घटना होती है तो इसकी सूचना तुरंत ही सभी को मिल जाएगी। सरकार अभी इस टेक्नोलॉजी को शुरू करने से पहले देशभर में इसकी टेस्टिंग कर रही है। इसकी टेस्टिंग दो से चार हफ्ते तक चलेगी। इस दौरान लोगों को फोन पर अंग्रेजी या हिंदी में मैसेज मिल सकते हैं। इन मैसेज में साफ तौर पर लिखा होगा कि ये सिर्फ एक टेस्ट मैसेज है और इसे इग्नोर किया जा सकता है। इस टेस्टिंग पर दूरसंचार विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से अपील भी की है कि वे इस टेस्टिंग में सहयोग करें और किसी भी टेस्ट मैसेज को लेकर घबराएं नहीं। ये सभी मैसेज सिर्फ सिस्टम की जांच के लिए भेजे जा रहे हैं और इन पर किसी एक्शन की जरूरत नहीं है।
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बार बार मैसेज मिलने पर नहीं घबराएं
अगर आपके फोन में सेल ब्रॉडकास्ट का टेस्ट चैनल ऑन है, तो ये मैसेज आपको कई बार मिल सकता है। ये इसलिए किया जा रहा है ताकि पूरे देश के मोबाइल टावरों पर सिस्टम की टेस्टिंग सही से हो सके। ये सभी मैसेज पूरी तरह से सेफ हैं और किसी भी तरह की इमरजेंसी को नहीं दर्शाते। इन मैसेज में लिखा होगा- यह एक टेस्ट सेल ब्रॉडकास्ट संदेश है, जिसे राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने दूरसंचार विभाग के साथ मिलकर सेल ब्रॉडकास्ट समाधान के परीक्षण के तहत भेजा है। दूरसंचार विभाग का कहना है कि, एक बार ये सिस्टम सफलतापूर्वक टेस्ट हो गया, तो भविष्य में किसी भी आपदा की स्थिति में पूरे देश में किसी भी फोन पर – चाहे टेस्ट चैनल ऑन हो या न हो – अलर्ट मैसेज पहुंचेंगे। इस सिस्टम से अलग-अलग भारतीय भाषाओं में अलर्ट भेजेगा जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग समय रहते सावधान हो सकें।
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हाल ही में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एक नया इंटीग्रेटेड अलर्ट सिस्टम (सचेत) शुरू किया है, जिसे सी-डीओटी ने तैयार किया है। इस सिस्टम को इंटरनेशनल टेलिकॉम यूनियन की गाइडलाइन के हिसाब से बनाया गया है। इसे देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जा चुका है। इसके जरिए अब तक 6,899 करोड़ से भी ज्यादा एसएमएस अलर्ट 19 से अधिक भाषाओं में भेजे जा चुके हैं, जिनका इस्तेमाल तूफान, भारी बारिश, भूकंप जैसी आपदाओं में किया गया है।
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जानकारी के अनुसार, सरकार आने वाले दिनों में एसएमएस के अलावा सेल ब्रॉडकास्ट टेक्नोलॉजी भी लागू कर रही है। इसमें अलर्ट सीधे पूरे मोबाइल नेटवर्क में ब्रॉडकास्ट होंगे और कुछ ही सेकंड में पूरे इलाके के मोबाइल फोन तक पहुंच जाएंगे। उदाहरण के लिए किसी एक क्षेत्र में बिजली गिरने,बाढ़ आने, गैस लिक होने या भूकंप समेत कोई इमरजेंसी घटना होती है तो इसकी सूचना तुरंत ही सभी को मिल जाएगी। सरकार अभी इस टेक्नोलॉजी को शुरू करने से पहले देशभर में इसकी टेस्टिंग कर रही है। इसकी टेस्टिंग दो से चार हफ्ते तक चलेगी। इस दौरान लोगों को फोन पर अंग्रेजी या हिंदी में मैसेज मिल सकते हैं। इन मैसेज में साफ तौर पर लिखा होगा कि ये सिर्फ एक टेस्ट मैसेज है और इसे इग्नोर किया जा सकता है। इस टेस्टिंग पर दूरसंचार विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से अपील भी की है कि वे इस टेस्टिंग में सहयोग करें और किसी भी टेस्ट मैसेज को लेकर घबराएं नहीं। ये सभी मैसेज सिर्फ सिस्टम की जांच के लिए भेजे जा रहे हैं और इन पर किसी एक्शन की जरूरत नहीं है।
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बार बार मैसेज मिलने पर नहीं घबराएं
अगर आपके फोन में सेल ब्रॉडकास्ट का टेस्ट चैनल ऑन है, तो ये मैसेज आपको कई बार मिल सकता है। ये इसलिए किया जा रहा है ताकि पूरे देश के मोबाइल टावरों पर सिस्टम की टेस्टिंग सही से हो सके। ये सभी मैसेज पूरी तरह से सेफ हैं और किसी भी तरह की इमरजेंसी को नहीं दर्शाते। इन मैसेज में लिखा होगा- यह एक टेस्ट सेल ब्रॉडकास्ट संदेश है, जिसे राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने दूरसंचार विभाग के साथ मिलकर सेल ब्रॉडकास्ट समाधान के परीक्षण के तहत भेजा है। दूरसंचार विभाग का कहना है कि, एक बार ये सिस्टम सफलतापूर्वक टेस्ट हो गया, तो भविष्य में किसी भी आपदा की स्थिति में पूरे देश में किसी भी फोन पर – चाहे टेस्ट चैनल ऑन हो या न हो – अलर्ट मैसेज पहुंचेंगे। इस सिस्टम से अलग-अलग भारतीय भाषाओं में अलर्ट भेजेगा जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग समय रहते सावधान हो सकें।