{"_id":"66810097a4c51192bd02674e","slug":"telangana-weavers-in-telangana-s-textile-hub-are-troubled-by-lack-of-livelihood-and-debt-2024-06-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Telangana: तेलंगाना के टेक्सटाइल हब में बुनकर आजीविका के अभाव और कर्ज से परेशान; मजबूरी में उठा रहे खौफनाक कदम","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Telangana: तेलंगाना के टेक्सटाइल हब में बुनकर आजीविका के अभाव और कर्ज से परेशान; मजबूरी में उठा रहे खौफनाक कदम
Sun, 30 Jun 2024 12:22 PM IST
मेघा झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करीमनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करीमनगर
Published by: मेघा झा
Updated Sun, 30 Jun 2024 12:22 PM IST
सार
तेलंगाना के टेक्सटाइल हब में आजीविका की कमी के कारण बुनकर आत्महत्या कर रहे हैं।
विज्ञापन
इंदौर में एक युवती ने आत्महत्या की।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आजीविका का अभाव और कर्ज में फंसे लोगों ने आत्महत्या करना आसान समझा। ऐसे ही तेलंगाना के कुछ बुनकर ने कर्ज न चुका पाने के कारण आत्महत्या की है। हाल ही में एक बुनकर की आत्महत्या के बाद विपक्ष ने इस मुद्दे को उठाया है। अब इस मामले पर सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी बीआरएस एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
कुडीक्याला में 47 वर्षीय बुनकर नागराजू ने हाल ही में तेजाब पीकर आत्महत्या कर ली। उस पर काफी कर्ज हो गया, जिसे वह चुका नहीं पा रहा था। इस घटना के बाद से पिछले दिनों बुनकरों के आत्महत्या के सभी मामलों याद किए जा रहे हैं। विपक्ष का दावा किया गया है कि अब तक इस साल में 10 बुनकरों ने आत्महत्या की है। हालांकि सरकारी आंकड़ों में यह संख्या छह है। बीआरएस ने इस मामले को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस पर हमला किया है।
वहीं अपने पति की मौत के बाद लावण्या ने कहा, "मेरे पति ने कुछ पैसे उधार लिए और वे उधार पैसे नहीं चुका पा रहे थे। उसने रोते रोते बताया कि उनके पास मेरा और दो बेटों का पालन-पोषण करने कोई जरिया नहीं था।"
विज्ञापन
ठीक ऐसी ही कहानी 25 वर्षीय आदिचेरला साई कुमार की है। उसने भी इस साल अप्रैल में आत्महत्या कर ली। क्योंकि वह उधार लिए गए पैसे चुकाने में असमर्थ था। मृतक के भाई महेंद्र ने बताया, "मेरा भाई सिरसिला में एक पावरलूम में काम करता था। इलाके में पावरलूम बंद होने के कारण उसके पास कुछ समय से कोई काम नहीं था। उसने अपनी जरूरतों के लिए पैसे उधार लिए लेकिन काम न मिलने कारण आमदनी नहीं हुई और वह उधार पैसे नहीं चुका सका।"
आधे से भी कम हो गई पावरलूम की संख्या
बता दें कि तेलंगाना के करीमनगर में स्थित सिरसिला में अब लगभग 10,000 पावरलूम हैं, जिनकी संख्या पहले 27,000 हुआ करती थी। सीआईटीयू के पावरलूम वर्कर्स यूनियन के राज्य अध्यक्ष मुशा रमेश ने कहा कि लगभग 9,000 से 10,000 परिवार आजीविका के लिए उन पर निर्भर हैं। पिछली सरकार के दौरान मजदूरों को साड़ियां और स्कूल यूनिफॉर्म बनाने के ऑर्डर मिले थे। जिन्हें गरीबों में मुफ्त में बांटा जाता था। उन्होंने दावा किया कि पावरलूम मजदूर अब बिना काम के हैं। रमेश ने कहा कि मजदूर अपने खर्चों को पूरा करने के लिए कर्ज लेते हैं। जब वे कर्ज नहीं चुका पाते हैं तो मानसिक रूप से परेशान हो जाते हैं। रमेश के अनुसार, इस साल सिरसिला जिले में 10 बुनकरों ने यह कदम उठाया।
सरकार मौत के लिए कर रही प्रेरित- बीआरएस अध्यक्ष
कुडिक्याला नागराजू की आत्महत्या के कारण बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव और तेलंगाना के कपड़ा मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव के लंबी बहस चल रही है। मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी को केटी रामा राव ने खुला पत्र लिखा। उन्होंने लिखा कि काम की कमी के कारण बुनकरों की कथित आत्महत्याओं के लिए सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि बुनकरों की मौत महज आत्महत्या नहीं है, बल्कि सरकार उन्हें मौत के लिए प्रेरित कर रही है। उन्होंने भी दावा किया कि हाल के दिनों में काम और आय की कमी के कारण लगभग 10 बुनकरों ने अपनी जान दे दी है।
पिछली योजनाओं को बंद करने के कारण हुआ बुनकरों को नुकसान
बीआरएस सरकार ने स्कूली वर्दी और साड़ियों के निर्माण के लिए ऑर्डर देकर बुनकरों की आजीविका सुनिश्चित की थी। जो त्योहारों के अवसर पर गरीबों को दी जाती थीं। रामा राव ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार द्वारा शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं और काम के लिए ऑर्डर दिए गए थे। लेकिन सत्तारूढ़ कांग्रेस ने पिछली सरकार के ऑर्डर को जारी नहीं रखा, इस कारण बुनकरों की आजीविका चली गई। वे गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने मृतक बुनकरों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की मांग की। रामा राव ने सरकार से पिछली बीआरएस सरकार द्वारा लागू की गई कल्याणकारी योजनाओं और सहायता कार्यक्रमों, पावरलूम सब्सिडी और स्कूली वर्दी के ऑर्डर को तुरंत फिर से शुरू करने और लागू करने का आग्रह किया, ताकि बुनकरों के रोजगार को बढ़ावा दिया जा सके।
कांग्रेस ने बचाव में कहा बीआरएस ने नहीं किया था ऑर्डर का भुगतान
राज्य मंत्री नागेश्वर राव ने बीआरएस नेता केटी रामा राव पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली बीआरएस सरकार ने दिए गए ऑर्डर का भुगतान न करके बुनकरों को संकट में डाल दिया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार बीआरएस सरकार के लंबित बकाए का भुगतान कर रही है। बुनकरों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए योजनाबद्ध कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार बुनकरों को काम सुनिश्चित करने के लिए ऑर्डर भी दे रही है। उन्होंने कहा कि इस साल जनवरी से आत्महत्या करने वाले छह बुनकरों की आत्महत्या की जांच करने और उन्हें अनुग्रह राशि देने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
पावरलूम के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट होगा उपयोग
राज्य मंत्री नागेश्वर राव ने बताया कि सरकार ने हथकरघा और पावरलूम के आधुनिकीकरण के लिए 400 करोड़ रुपये के बजट का उपयोग करने का निर्णय किया। उन्होंने कहा कि पिछले साल दिसंबर में सत्ता संभालने के बाद से सरकार ने प्राथमिक हथकरघा सहकारी समिति के सदस्यों से कपड़े खरीदने के लिए अब तक 53 करोड़ रुपये जारी किए हैं। मंत्री ने कहा कि सत्ता में आने के बाद से सरकार ने बुनकरों को 10 प्रतिशत यार्न सब्सिडी के रूप में 33.23 करोड़ रुपये भी जारी किए हैं। सिरसिला से पहले भी बड़ी संख्या में बुनकरों की आत्महत्या की खबरें आई थीं।
विज्ञापन
कुडीक्याला में 47 वर्षीय बुनकर नागराजू ने हाल ही में तेजाब पीकर आत्महत्या कर ली। उस पर काफी कर्ज हो गया, जिसे वह चुका नहीं पा रहा था। इस घटना के बाद से पिछले दिनों बुनकरों के आत्महत्या के सभी मामलों याद किए जा रहे हैं। विपक्ष का दावा किया गया है कि अब तक इस साल में 10 बुनकरों ने आत्महत्या की है। हालांकि सरकारी आंकड़ों में यह संख्या छह है। बीआरएस ने इस मामले को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस पर हमला किया है।
विज्ञापन
वहीं अपने पति की मौत के बाद लावण्या ने कहा, "मेरे पति ने कुछ पैसे उधार लिए और वे उधार पैसे नहीं चुका पा रहे थे। उसने रोते रोते बताया कि उनके पास मेरा और दो बेटों का पालन-पोषण करने कोई जरिया नहीं था।"
विज्ञापन
ठीक ऐसी ही कहानी 25 वर्षीय आदिचेरला साई कुमार की है। उसने भी इस साल अप्रैल में आत्महत्या कर ली। क्योंकि वह उधार लिए गए पैसे चुकाने में असमर्थ था। मृतक के भाई महेंद्र ने बताया, "मेरा भाई सिरसिला में एक पावरलूम में काम करता था। इलाके में पावरलूम बंद होने के कारण उसके पास कुछ समय से कोई काम नहीं था। उसने अपनी जरूरतों के लिए पैसे उधार लिए लेकिन काम न मिलने कारण आमदनी नहीं हुई और वह उधार पैसे नहीं चुका सका।"
आधे से भी कम हो गई पावरलूम की संख्या
बता दें कि तेलंगाना के करीमनगर में स्थित सिरसिला में अब लगभग 10,000 पावरलूम हैं, जिनकी संख्या पहले 27,000 हुआ करती थी। सीआईटीयू के पावरलूम वर्कर्स यूनियन के राज्य अध्यक्ष मुशा रमेश ने कहा कि लगभग 9,000 से 10,000 परिवार आजीविका के लिए उन पर निर्भर हैं। पिछली सरकार के दौरान मजदूरों को साड़ियां और स्कूल यूनिफॉर्म बनाने के ऑर्डर मिले थे। जिन्हें गरीबों में मुफ्त में बांटा जाता था। उन्होंने दावा किया कि पावरलूम मजदूर अब बिना काम के हैं। रमेश ने कहा कि मजदूर अपने खर्चों को पूरा करने के लिए कर्ज लेते हैं। जब वे कर्ज नहीं चुका पाते हैं तो मानसिक रूप से परेशान हो जाते हैं। रमेश के अनुसार, इस साल सिरसिला जिले में 10 बुनकरों ने यह कदम उठाया।
सरकार मौत के लिए कर रही प्रेरित- बीआरएस अध्यक्ष
कुडिक्याला नागराजू की आत्महत्या के कारण बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव और तेलंगाना के कपड़ा मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव के लंबी बहस चल रही है। मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी को केटी रामा राव ने खुला पत्र लिखा। उन्होंने लिखा कि काम की कमी के कारण बुनकरों की कथित आत्महत्याओं के लिए सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि बुनकरों की मौत महज आत्महत्या नहीं है, बल्कि सरकार उन्हें मौत के लिए प्रेरित कर रही है। उन्होंने भी दावा किया कि हाल के दिनों में काम और आय की कमी के कारण लगभग 10 बुनकरों ने अपनी जान दे दी है।
पिछली योजनाओं को बंद करने के कारण हुआ बुनकरों को नुकसान
बीआरएस सरकार ने स्कूली वर्दी और साड़ियों के निर्माण के लिए ऑर्डर देकर बुनकरों की आजीविका सुनिश्चित की थी। जो त्योहारों के अवसर पर गरीबों को दी जाती थीं। रामा राव ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार द्वारा शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं और काम के लिए ऑर्डर दिए गए थे। लेकिन सत्तारूढ़ कांग्रेस ने पिछली सरकार के ऑर्डर को जारी नहीं रखा, इस कारण बुनकरों की आजीविका चली गई। वे गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने मृतक बुनकरों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की मांग की। रामा राव ने सरकार से पिछली बीआरएस सरकार द्वारा लागू की गई कल्याणकारी योजनाओं और सहायता कार्यक्रमों, पावरलूम सब्सिडी और स्कूली वर्दी के ऑर्डर को तुरंत फिर से शुरू करने और लागू करने का आग्रह किया, ताकि बुनकरों के रोजगार को बढ़ावा दिया जा सके।
कांग्रेस ने बचाव में कहा बीआरएस ने नहीं किया था ऑर्डर का भुगतान
राज्य मंत्री नागेश्वर राव ने बीआरएस नेता केटी रामा राव पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली बीआरएस सरकार ने दिए गए ऑर्डर का भुगतान न करके बुनकरों को संकट में डाल दिया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार बीआरएस सरकार के लंबित बकाए का भुगतान कर रही है। बुनकरों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए योजनाबद्ध कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार बुनकरों को काम सुनिश्चित करने के लिए ऑर्डर भी दे रही है। उन्होंने कहा कि इस साल जनवरी से आत्महत्या करने वाले छह बुनकरों की आत्महत्या की जांच करने और उन्हें अनुग्रह राशि देने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
पावरलूम के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट होगा उपयोग
राज्य मंत्री नागेश्वर राव ने बताया कि सरकार ने हथकरघा और पावरलूम के आधुनिकीकरण के लिए 400 करोड़ रुपये के बजट का उपयोग करने का निर्णय किया। उन्होंने कहा कि पिछले साल दिसंबर में सत्ता संभालने के बाद से सरकार ने प्राथमिक हथकरघा सहकारी समिति के सदस्यों से कपड़े खरीदने के लिए अब तक 53 करोड़ रुपये जारी किए हैं। मंत्री ने कहा कि सत्ता में आने के बाद से सरकार ने बुनकरों को 10 प्रतिशत यार्न सब्सिडी के रूप में 33.23 करोड़ रुपये भी जारी किए हैं। सिरसिला से पहले भी बड़ी संख्या में बुनकरों की आत्महत्या की खबरें आई थीं।