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तेलंगाना सुरंग हादसा: फंसे लोगों को लेकर उम्मीदें कायम, राज्य सरकार ने कहा- दो दिन में पूरा होगा बचाव अभियान
Wed, 26 Feb 2025 09:49 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नगरकुर्नूल।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नगरकुर्नूल।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 26 Feb 2025 09:49 PM IST
सार
तेलंगाना के नगरकुर्नूल जिले में फंसे आठ लोगों को बचाने के प्रयास लगातार जारी हैं, हालांकि चार दिनों से संपर्क नहीं हो पाया है। राज्य सरकार ने कहा कि सुरंग में पानी और गाद भरने से बचाव कार्य में कठिनाई आ रही है, लेकिन उम्मीद है कि अगले दो दिन में यह पूरा हो जाएगा।
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तेलंगाना टनल हादसे में बड़ा अपडेट
- फोटो : PTI
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विस्तार
तेलंगाना के नगरकुर्नूल जिले में आंशिक रूप से धंसी श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (एसएलबीसी) सुरंग में फंसे आठ लोगों को लेकर उम्मीद अभी कायम हैं। हालांकि, पिछले चार दिनों से फंसे लोगों से अब तक कोई संपर्क नहीं हो सका है। सेना और एनडीआरएफ समेत विभिन्न एजेंसियों की टीमें लगातार लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास कर रही हैं, डॉग स्क्वायड की भी मदद ली जा रही है। लेकिन सुरंग में पानी और गाद भरे होने से बचाव कार्य में कठिनाई आ रही है। राज्य सरकार का कहना कि अगले दो दिन में बचाव कार्य पूरा हो जाएगा।
राज्य के सिंचाई मंत्री उत्तर कुमार रेड्डी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह तय किया गया है कि बचाव दल सुरंग में फंसे लोगों की तलाश में गाद में उतरेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बचाव दल के जान की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंगलवार को बचाव अभियान की गति धीमी कर दी गई थी। लेकिन अब इसमें तेजी लाई जा रही है। एनडीआरएफ और सेना समेत सभी एजेंसियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने पूरे बचाव अभियान की समीक्षा की है। इसके बाद ही गाद में बचाव दल को उतारने का फैसला किया गया है। उम्मीद की जा रही है कि यह अभियान दो दिन में पूरा हो जाएगा।
वैकल्पिक मार्ग पर विचार
टनल बोरिंग मशीन तक दूसरे मार्ग से पहुंचने के विकल्प पर भी विचार किया गया है। सुरंग से पानी और गाद को निकालने के लिए अत्याधुनिक मशीनों का प्रयोग किया जा रहा है। आधुनिक तकनीक की मदद से सुरंग की वर्तमान स्थिति का आकलन किया गया है। विशेष लगातार सुरंग के ढांचे की स्थिरता का आकलन कर रहे हैं, ताकि बचाव दल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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लोगों को सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी
उन्होंने कहा कि मलबे में दबी टनल बोरिंग मशीन को टुकड़ों में काटकर बाहर निकाला जाएगा। उसके बाद सेना, नौसेना, रैट माइनर और एनडीआरएफ का बचाव दल फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास करेगा। बचाव अभियान में मैरीन कमांडों (मारकोस) और सीमा सड़क संगठन को भी लगाया गया है। एक सवाल पर मंत्री ने कहा कि हमने अभी उम्मीद नहीं छोड़ी है। हम सभी लोगों को सुरक्षित निकालने की अपनी योजना पर आगे बढ़ रहे हैं। सुरंग में 22 फरवरी से आठ लोग फंसे हुए हैं।
घटना स्थल तक पहुंची टीम
जिला कलेक्टर बी संतोष ने कहा कि सुरंग के अंदर कीचड़ जमना शुरू हो गया है, बचाव दल फंसे हुए लोगों का पता लगाने के लिए खोजी कुत्तों का उपयोग करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंगलवार की रात दुर्घटनास्थल पर पहुंची टीम ने फंसे हुए व्यक्तियों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। एसपी वैभव गायकवाड ने बताया कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और रैट माइनरों की 20 सदस्यीय टीम सुरंग के अंतिम बिंदु तक पहुंचने में सफल रही थी।
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राज्य के सिंचाई मंत्री उत्तर कुमार रेड्डी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह तय किया गया है कि बचाव दल सुरंग में फंसे लोगों की तलाश में गाद में उतरेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बचाव दल के जान की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंगलवार को बचाव अभियान की गति धीमी कर दी गई थी। लेकिन अब इसमें तेजी लाई जा रही है। एनडीआरएफ और सेना समेत सभी एजेंसियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने पूरे बचाव अभियान की समीक्षा की है। इसके बाद ही गाद में बचाव दल को उतारने का फैसला किया गया है। उम्मीद की जा रही है कि यह अभियान दो दिन में पूरा हो जाएगा।
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वैकल्पिक मार्ग पर विचार
टनल बोरिंग मशीन तक दूसरे मार्ग से पहुंचने के विकल्प पर भी विचार किया गया है। सुरंग से पानी और गाद को निकालने के लिए अत्याधुनिक मशीनों का प्रयोग किया जा रहा है। आधुनिक तकनीक की मदद से सुरंग की वर्तमान स्थिति का आकलन किया गया है। विशेष लगातार सुरंग के ढांचे की स्थिरता का आकलन कर रहे हैं, ताकि बचाव दल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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लोगों को सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी
उन्होंने कहा कि मलबे में दबी टनल बोरिंग मशीन को टुकड़ों में काटकर बाहर निकाला जाएगा। उसके बाद सेना, नौसेना, रैट माइनर और एनडीआरएफ का बचाव दल फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास करेगा। बचाव अभियान में मैरीन कमांडों (मारकोस) और सीमा सड़क संगठन को भी लगाया गया है। एक सवाल पर मंत्री ने कहा कि हमने अभी उम्मीद नहीं छोड़ी है। हम सभी लोगों को सुरक्षित निकालने की अपनी योजना पर आगे बढ़ रहे हैं। सुरंग में 22 फरवरी से आठ लोग फंसे हुए हैं।
घटना स्थल तक पहुंची टीम
जिला कलेक्टर बी संतोष ने कहा कि सुरंग के अंदर कीचड़ जमना शुरू हो गया है, बचाव दल फंसे हुए लोगों का पता लगाने के लिए खोजी कुत्तों का उपयोग करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंगलवार की रात दुर्घटनास्थल पर पहुंची टीम ने फंसे हुए व्यक्तियों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। एसपी वैभव गायकवाड ने बताया कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और रैट माइनरों की 20 सदस्यीय टीम सुरंग के अंतिम बिंदु तक पहुंचने में सफल रही थी।
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