तेलंगाना में 80 हजार करोड़ रुपये की कालेश्वरम सिंचाई परियोजना का उद्घाटन
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तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने शुक्रवार को 80 हजार करोड़ रुपये की कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना का उद्घाटन किया। इस परियोजना को विश्व की सबसे बड़ी बहुउद्देश्यीय योजना कहा जा रहा है। राज्य सरकार का कहना है कि इस दक्षिणी राज्य के लिए वरदान मानी जाने वाली यह परियोजना एक साल में 45 लाख एकड़ जमीन पर दो फसलों की सिंचाई में मददगार साबित होगी।
A few more glimpses from #KaleshwaramProject inaugural ceremony. pic.twitter.com/ZSvrsiSjIc
— TRS Party (@trspartyonline) June 21, 2019विज्ञापन
राज्य सरकार ने कहा कि इससे ‘मिशन भागीरथ’ पेयजल आपूर्ति परियोजना को 40 टीएमसी जल की आपूर्ति की जाएगी। इसमें कहा गया कि यह परियोजना ग्रेटर हैदराबाद की एक करोड़ लोगों को पेयजल की आपूर्ति में मदद करेगी। इसके अलावा, परियोजना से राज्य में हजारों उद्योगों को 16 टीएमसी जल की व्यवस्था होगी।
Hon'ble CM Sri K. Chandrashekar Rao inaugurated the #KaleshwaramProject at Medigadda Barrage today. Hon'ble Governor Sri ESL Narasimhan, Hon'ble Maharashtra CM Sri @Dev_Fadnavis and Hon'ble Andhra Pradesh CM Sri @ysjagan were also present during the inaugural ceremony. pic.twitter.com/qIrAKCUtqX
— TRS Party (@trspartyonline) June 21, 2019
इस परियोजना ने राज्य में पनबिजली उत्पादन के लिए भी अवसर खोल दिए हैं। जयशंकर-भुपालपल्ली जिले के मेदिगगड्डा में बैराज खोले जाने के समय तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के राज्यपाल ई एस एल नरसिम्हा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी मौजूद थे।
उद्घाटन समारोह के दौरान राव और उनकी पत्नी शोभा ने मेदिगड्डा में यज्ञ में भाग लिया जहां श्रंगेरी पीठम के वैदिक पंडितों ने विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान पूरे किए। राव ने कन्नेपल्ली में परियोजना के तहत एक पंप हाउस का भी उद्घाटन किया जहां महाराष्ट्र से निकलने वाली नदी गोदावरी का जल तेलंगाना से होता हुआ आंध्र प्रदेश में समुद्र में जाकर मिल जाता है।
फडणवीस ने कहा कि यह (परियोजना) तेलंगाना का चेहरा बदल देगी। यह (परियोजना) महाराष्ट्र की जनता द्वारा तेलंगाना की जनता को उपहार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमें निर्देश दिया है कि सहभागी संघवाद होना चाहिए और दोनों राज्यों तेलंगाना और महाराष्ट्र ने सहयोग किया है। मैं बहुत खुश हूं कि तेलंगाना ने रिकार्ड रफ्तार से इसे पूरा किया।
CM @Dev_Fadnavis , Telangana Governor E.S.L. Narasimhan, CM K. Chandrasekhar Rao & Andhra Pradesh CM Jagan Mohan Reddy performs Homa, Yagna & Havan and also visited the site. pic.twitter.com/QvoW87zKs8
— CMO Maharashtra (@CMOMaharashtra) June 21, 2019
चंद्रशेखर राव नीत सरकार ने आठ मार्च 2016 को महाराष्ट्र सरकार के साथ समझौता किया था और इस मुद्दे पर दशकों के मतभेदों को दूर करते हुए मेदिगड्डा में परियोजना निर्माण का रास्ता साफ किया था। राव ने दो मई 2016 को परियोजना के लिए कन्नेपल्ली में आधारशिला रखी थी।
जानिए इस परियोजना के बारे में
परियोजना मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमईआईएल) और भेल के सहयोग से 82000 करोड़ रुपये की लागत से महज तीन साल में तैयार हुई है। एमईआईएल के निदेशक श्रीनिवास रेड्डी के मुताबिक तेलंगाना में गोदावरी सहित कई नदियों के होने के बावजूद इसके जल का लाभ नहीं मिला पाता था। कारण गोदावरी नहीं समुद्र तल से सौ मीटर ऊपर बहती है तो तेलंगाना गोदावरी से करीब 650 मीटर ऊपर स्थित है।इस कारण तेलंगाना के किसान लगातार सूखे का सामना कर आत्महत्या की राह चुनते थे। इसके निदान के लिए गोदावरी नदी के पानी को लिफ्ट करने की योजना बनी। इसके लिए सतह से 330 मीटर नीचे 139 मेगावाट की क्षमता वाले दुनिया का सबसे बड़ा पंपिंग स्टेशन बनाया गया।
इसके जरिये गोदावरी के पानी को पंप के उपयोग से प्रतिदिन 13 टीएमसी पानी को दुनिया की सबसे लंबी 14.09 किलोमीटर की सुरंग के जरिये मेडिगड्डा बैराज पहुंचाया जाएगा। यहां से नहरों के जरिए इसे विभिन्न सूखाग्रस्त इलाकों और शहरों को पानी भेजा जाएगा। इस परियोजना के तहत 13 जिलों में 145 टीएमसी क्षमता वाले 20 जलाशयों की खुदाई की गई है। इन्हें सुरंगों केनेटवर्क से जोड़ा गया है।