Gachibowli Land Issue: कांची गचीबौली जमीन विवाद पर तेलंगाना सरकार का फैसला, मंत्रियों की समिति सुलझाएगी मुद्दा
तेलंगाना के गाचीबोवली जंगल में पेड़ों की कटाई के मामले में राज्य सरकार ने एक कमेटी गठित की है। सीएम रेवंत रेड्डी ने ट्वीट कर लिखा- इस मुद्दे पर सभी संबंधित पक्षों से बातचीत करने के लिए मंत्रियों की एक समिति गठित की गई है। जिसमें डिप्टी सीएम भट्टी विक्रमार्का, मंत्री श्रीधर बाबू, मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी शामिल हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यह भी पढ़ें - Waqf Bill: खरगे की गृह मंत्री से अपील- गलतियों को सुधारने में हर्ज नहीं, प्रतिष्ठा का विषय न बनाए सरकार
समिति में शामिल मंत्री
- भट्टी विक्रमार्का, डिप्टी सीएम
- श्रीधर बाबू, मंत्री
- पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, मंत्री
सरकार ने तय किया है कि यह समिति निम्नलिखित पक्षों से चर्चा करेगी—
- हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी की कार्यकारी समिति
- संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) और सिविल सोसाइटी समूह
- छात्र प्रतिनिधि मंडल
- अन्य सभी संबंधित पक्ष
Telangana Government has decided to constitute a committee with group of ministers,
— Revanth Reddy (@revanth_anumula) April 3, 2025
1. Shri. Bhatti Vikramarka garu
2.Shri. Sridhar Babu Garu and
3.Shri. Ponguleti Srinivas Reddy garu
to consult with -
a. Hyderabad Central…
क्या है विवाद?
कांची गचीबौली क्षेत्र में जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इसमें यूनिवर्सिटी, स्थानीय लोग, सिविल सोसायटी और अन्य पक्ष जुड़े हुए हैं। छात्रों और सिविल सोसायटी ने इस मुद्दे को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं।
यह भी पढ़ें - Gachibowli Forest: वनों में पेड़ कटाई की खबर पर केंद्र सख्त; तेलंगाना सरकार से सुप्रीम कोर्ट ने भी मांगा जवाब
तेलंगाना सरकार का उद्देश्य
सरकार चाहती है कि इस विवाद का सही समाधान निकाला जाए, जिससे सभी पक्षों के हितों की रक्षा हो सके। इसके लिए मंत्रियों की यह समिति चर्चा करेगी और आगे की कार्ययोजना तैयार करेगी।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का बयान
सीएम रेवंत रेड्डी ने ट्वीट कर कहा, 'तेलंगाना सरकार ने कांची गचीबौली भूमि विवाद को हल करने के लिए मंत्रियों की एक समिति गठित की है, जो सभी संबंधित पक्षों से चर्चा कर इस मुद्दे का समाधान निकालेगी।'