13 मिनट में 26 किलोमीटर का सफर तय कर मरीज को मिला दिल
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बीते दिनों सड़क हादसे में घायल 16 वर्षीय लड़के की इलाज के दौरान अस्पताल में जान चली गई, लेकिन दुनिया से जाने के बाद भी वह एक शख्स को जिंदगी का वरदान दे गया। बात हैदराबाद में रिकॉड वक्त में किए गए सफल हार्ट ट्रांसप्लांट की है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक हार्ट ट्रांसप्लांट के वक्त दिल को एक अस्पताल से दूसरी जगह ले जाने में 26 किलोमीटर का सफर तय करना था, जिसके लिए महज 13 मिनट का समय लगा और दिल मरीज के पास पहुंच गया।
दिल को 29 वर्षीय इंजीनियर संतोष सुधीर सांगविकर को लगाया गया। सफल ऑफरेशन रिकॉर्ड 75 मिनट में पूरा कर लिया गया। सांगविकर पिछले डेढ़ साल से दिल की बीमारी से जूझ रहे थे और उन्हें हार्ट अटैक भी आ चुका था।
लेकिन उन्हें और उनके चाहने वालों को शुक्रगुजार होना चाहिए उन मां-बाप का जिन्होंने अपने 16 साल के लड़के को हमेशा के लिए खो दिया।
बीती सात मई को निजामाबाद सड़क पर वो लड़का हादसे का शिकार हो गया था। शरीर पर काफी जख्म आए थे, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके, और उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया।
किशोर बेटे को खोने वाले मां-बाप की हिम्मत और समाज के प्रति नजरिए की दाद देनी होगी कि उन्होंने फैसला किया कि बेटे के जो भी अंग दूसरों के काम आ सकें, वो सब दान करेंगे। डॉक्टरों ने उस बच्चे का दिल को इंजियर पर ट्राई किया और सफल ट्रांसप्लांट करने में कामयाब हो गए।
ट्रांसप्लाइंट कराने वाले संतोष की हालत में सुधार हो रहा है। वहीं ट्रांसप्लांट करने वाले अस्पताल 'केयर' ने बताया कि उनके यहां ये दूसरा सफल हॉर्ट ट्रांसप्लांट था।