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शिंदे धड़े को झटका: शिवसेना के उद्धव गुट को शिवाजी पार्क में दशहरा रैली की अनुमति, बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला
Fri, 23 Sep 2022 11:15 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Fri, 23 Sep 2022 11:15 PM IST
सार
हाईकोर्ट का फैसला आने से पहले बीएमसी के वकील ने सुप्रीम कोर्ट के 2004 के एक आदेश का हवाला दिया था। इसमें कहा गया था कि कोर्ट को कानून-व्यवस्था के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
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बॉम्बे हाईकोर्ट
- फोटो : ANI
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विस्तार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शिवाजी पार्क में दशहरा रैली की अनुमति मांगने वाली शिवसेना के गुटों की याचिकाओं पर शुक्रवार को सुनवाई की। मामले में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट के विधायक सदा सर्वंकर के हस्तक्षेप के आवेदन को बॉम्बे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।
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बॉम्बे हाईकोर्ट ने शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट को मुंबई के शिवाजी पार्क में दशहरा रैली की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने पाया कि नगर परिषद ने याचिकाकर्ताओं के आवेदन पर निर्णय लेने में अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया। शिवसेना को दो-छह अक्तूबर से तैयारियों के लिए मैदान दिया जाएगा।
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बीएमसी की दलील
हाईकोर्ट का फैसला आने से पहले बीएमसी के वकील ने सुप्रीम कोर्ट के 2004 के एक आदेश का हवाला दिया था। इसमें कहा गया था कि कोर्ट को कानून-व्यवस्था के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। यह प्रशासन के नियंत्रण में रहनी चाहिए। शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान शिवसेना (ठाकरे गुट) की तरफ से बॉम्बे हाईकोर्ट में एडवोकेट एसपी चिनॉय ने पैरवी की।
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उद्धव गुट के वकील की दलील
उन्होंने कहा कि शिवसेना 1966 से शिवाजी पार्क मे दशहरा रैली का आयोजन करता आया है। सिर्फ कोरोना काल में ऐसा नहीं हो सका। अब जब कोरोना के तहत कोई पाबंदियां नहीं हैं, सारे त्योहार मनाए जा रहे हैं, ऐसे में इस साल दशहरा रैली भी पारंपरिक स्थल पर ही होनी चाहिए।
शिंदे गुट के वकील ने कही यह बात
बहस के दौरान शिंदे गुट के वकील मिलिंद साल्वे ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि शिवाजी पार्क एक खेलने का मैदान है। 2016 के शासन निर्णय (GR) में कहा गया है कि दशहरा मेले के लिए शिवाजी पार्क में इजाजत है, लेकिन उसी GR में यह भी कहा गया है कि अगर कोई लॉ एंड ऑडर की समस्या होगी, तो वहां कोई भी आयोजन नहीं किया जा सकता है।
पूरे समारोह की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाए: कोर्ट
इसके बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि पूरे समारोह की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाए। अगर यह पाया जाता है कि याचिकाकर्ता किसी भी तरह से कानून और व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाली स्थिति पैदा करने के लिए जिम्मेदार हैं, तो यह भविष्य में उनकी अनुमति को प्रभावित करेगा। बॉम्बे हाईकोर्ट ने शिवसेना को इस आदेश के साथ बीएमसी वार्ड अधिकारी से संपर्क करने और 2016 के जीआर के अनुसार नए सिरे से अनुमति लेने के लिए कहा है।
#WATCH | Shiv Sena workers celebrate after Bombay High Court permitted the Thackeray faction of Shiv Sena to hold Dussehra rally at Shivaji Park in Mumbai. pic.twitter.com/askbWuNUnC
— ANI (@ANI) September 23, 2022
उद्धव ठाकरे ने फैसले का स्वागत किया
महाराष्ट्र में शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि न्यायपालिका में उसका भरोसा और मजबूत हुआ है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने भी फैसले का स्वागत किया है। ठाकरे ने कहा कि पांच अक्तूबर की रैली के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी महाराष्ट्र सरकार की है। आशा है कि राज्य प्रशासन अपनी जिम्मेदारी को पूरी तरह निभाएगा। पार्टी की प्रवक्ता मनीषा कायान्डे ने कहा कि कोविड के कारण दो साल बाद आयोजित हो रही इस साल की दशहरा रैली भव्य होगी। उन्होंने दावा किया कि बृहन्नमुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) पर निश्चित ही कुछ दबाव रहा होगा, जिसके कारण उनसे अनुमति नहीं दी।
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