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शिक्षक भर्ती घोटाला: अभिषेक बनर्जी को ईडी का समन, 15 जून को पूछताछ के लिए बुलाया
Wed, 03 Jun 2026 06:27 PM IST
अमन तिवारी
एएनआई, कोलकाता
एएनआई, कोलकाता
Published by: अमन तिवारी
Updated Wed, 03 Jun 2026 06:27 PM IST
सार
प्रवर्तन निदेशालय ने प्राइमरी टीचर भर्ती घोटाले में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को समन भेजा है। ईडी की टीम ने कोलकाता स्थित उनके घर जाकर यह नोटिस दिया। उन्हें 15 जून को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इस कार्रवाई से बंगाल की राजनीति में हलचल मच गई है।
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अभिषेक बनर्जी, सांसद, टीएमसी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक टीम कोलकाता में अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची। ईडी के अधिकारियों ने उन्हें प्राइमरी टीचर भर्ती घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में समन दिया है।
अभिषेक बनर्जी को 15 जून को पूछतांछ के लिए बुलाया गया
अधिकारियों ने बताया कि अभिषेक बनर्जी को 15 जून को जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। इस दिन उन्हें जांच एजेंसी के सामने पेश होकर सवालों के जवाब देने होंगे। यह पूरा मामला प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती में हुई कथित गड़बड़ियों और अवैध लेनदेन से जुड़ा है।
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ईडी की कार्रवाई से राजनीतिक सरगर्मी तेज
ईडी की इस कार्रवाई के साथ ही राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। गौरतलब है कि, अभिषेक बनर्जी पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं और लंबे समय से केंद्रीय जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। इस नई कार्रवाई ने बंगाल की सियासत में एक नई बहस छेड़ दी है।
फिलहाल इस मामले में बहुत विस्तार से जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन समन मिलने के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अभिषेक बनर्जी का अगला कदम क्या होगा। टीएमसी नेतृत्व और खुद अभिषेक बनर्जी इस नए नोटिस पर क्या रुख अपनाते हैं, यह देखना काफी अहम होगा।
ये भी पढ़ें: कोलकाता: ममता बनर्जी को लगा एक और झटका, फिरहाद हकीम ने कोलकाता के मेयर पद से दे दिया इस्तीफा
अवैध निर्माण मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट
इस बीच कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के घर और उनकी कंपनी 'लीप्स एंड बॉन्ड्स' के परिसरों में कथित अवैध निर्माण को लेकर रिपोर्ट मांगी है। न्यायमूर्ति स्मिता दास डे ने कोलकाता नगर निगम (केएमसी) को निर्देश दिया कि वह सात दिनों के भीतर दस्तावेजी सबूतों के साथ पूरी जानकारी दे। निगम को यह बताना होगा कि स्वीकृत नक्शे से हटकर निर्माण कहां-कहां हुआ है।
अदालत ने साफ किया कि निगम अपनी रिपोर्ट में अनियमितताओं का विस्तार से जिक्र करे। इसमें यह बताना जरूरी है कि अवैध निर्माण संपत्ति के किस हिस्से में है और उसका कुल दायरा कितना है। इसके साथ ही अदालत ने संपत्ति के मालिकों को भी दो हफ्ते के भीतर अपना पक्ष रखने को कहा है। उन्हें यह स्पष्ट करना होगा कि क्या संपत्ति में कोई अवैध निर्माण है। मामले की अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद होगी।
अभिषेक बनर्जी के माता-पिता, अमित और लता बनर्जी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उनका दावा है कि हरिश चटर्जी स्ट्रीट स्थित मकान का निर्माण पूरी तरह कानूनी है। उन्होंने निगम के नोटिस को रद्द करने की मांग की है। उनका कहना है कि वैध मकान को लेकर निगम ने गलत नोटिस जारी किया है।
नगर निगम ने हाल ही में कालीघाट रोड और हरिश मुखर्जी रोड स्थित संपत्तियों को लेकर कई नोटिस जारी किए थे। निगम ने केएमसी एक्ट की धारा 401 के तहत भवन का नक्शा और निर्माण से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। आरोप है कि कुछ जगहों पर नक्शे के खिलाफ जाकर निर्माण किया गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, करीब 17 संपत्तियों को लेकर नोटिस दिए गए हैं। कंपनी ने इन जानकारियों को देने के लिए निगम से 10 दिन का अतिरिक्त समय मांगा है।
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The Enforcement Directorate today issued summons to Trinamool Congress leader Abhishek Banerjee in connection with the Primary Teacher Recruitment scam. Abhishek is summoned on June 15 to join investigation in the case: Officials
— ANI (@ANI) June 3, 2026विज्ञापन
अभिषेक बनर्जी को 15 जून को पूछतांछ के लिए बुलाया गया
अधिकारियों ने बताया कि अभिषेक बनर्जी को 15 जून को जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। इस दिन उन्हें जांच एजेंसी के सामने पेश होकर सवालों के जवाब देने होंगे। यह पूरा मामला प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती में हुई कथित गड़बड़ियों और अवैध लेनदेन से जुड़ा है।
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ईडी की कार्रवाई से राजनीतिक सरगर्मी तेज
ईडी की इस कार्रवाई के साथ ही राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। गौरतलब है कि, अभिषेक बनर्जी पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं और लंबे समय से केंद्रीय जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। इस नई कार्रवाई ने बंगाल की सियासत में एक नई बहस छेड़ दी है।
फिलहाल इस मामले में बहुत विस्तार से जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन समन मिलने के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अभिषेक बनर्जी का अगला कदम क्या होगा। टीएमसी नेतृत्व और खुद अभिषेक बनर्जी इस नए नोटिस पर क्या रुख अपनाते हैं, यह देखना काफी अहम होगा।
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अवैध निर्माण मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट
इस बीच कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के घर और उनकी कंपनी 'लीप्स एंड बॉन्ड्स' के परिसरों में कथित अवैध निर्माण को लेकर रिपोर्ट मांगी है। न्यायमूर्ति स्मिता दास डे ने कोलकाता नगर निगम (केएमसी) को निर्देश दिया कि वह सात दिनों के भीतर दस्तावेजी सबूतों के साथ पूरी जानकारी दे। निगम को यह बताना होगा कि स्वीकृत नक्शे से हटकर निर्माण कहां-कहां हुआ है।
अदालत ने साफ किया कि निगम अपनी रिपोर्ट में अनियमितताओं का विस्तार से जिक्र करे। इसमें यह बताना जरूरी है कि अवैध निर्माण संपत्ति के किस हिस्से में है और उसका कुल दायरा कितना है। इसके साथ ही अदालत ने संपत्ति के मालिकों को भी दो हफ्ते के भीतर अपना पक्ष रखने को कहा है। उन्हें यह स्पष्ट करना होगा कि क्या संपत्ति में कोई अवैध निर्माण है। मामले की अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद होगी।
अभिषेक बनर्जी के माता-पिता, अमित और लता बनर्जी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उनका दावा है कि हरिश चटर्जी स्ट्रीट स्थित मकान का निर्माण पूरी तरह कानूनी है। उन्होंने निगम के नोटिस को रद्द करने की मांग की है। उनका कहना है कि वैध मकान को लेकर निगम ने गलत नोटिस जारी किया है।
नगर निगम ने हाल ही में कालीघाट रोड और हरिश मुखर्जी रोड स्थित संपत्तियों को लेकर कई नोटिस जारी किए थे। निगम ने केएमसी एक्ट की धारा 401 के तहत भवन का नक्शा और निर्माण से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। आरोप है कि कुछ जगहों पर नक्शे के खिलाफ जाकर निर्माण किया गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, करीब 17 संपत्तियों को लेकर नोटिस दिए गए हैं। कंपनी ने इन जानकारियों को देने के लिए निगम से 10 दिन का अतिरिक्त समय मांगा है।