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9वीं की छात्रा को टीचरों ने महीनों से क्लासरूम में नहीं दिया प्रवेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Updated Fri, 23 Feb 2018 09:47 PM IST
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छात्रा
पश्चिम बंगाल के हुगली से हैरान कर देना वाला मामला सामने आया है। जहां कक्षा 9वीं की एक छात्र तनुजा खातून कई महिनों से स्कूल जा रही है लेकिन उसे टीचर क्लास में नहीं बैठने दे रहे हैं। दरअसल टीचरों का मानना है कि छात्रा को टीबी की बीमारी है। उनका मानना है कि अगर छात्रा क्लास में बैठेगी तो उससे कक्षा के और छात्रों के बीमार होने का खतरा है। हालांकि लड़की के परिवार का कहना है कि उन्होंने तनुजा खातून की मेडिकल रिपोर्ट कराई है जिसमें उसे कोई बीमारी नहीं है लेकिन शिक्षक इसके बावजूद भी छात्रा को क्लासरूम में बैठने नहीं दे रहे हैं।
तनुजा हुगली जिले के चंडीताला में बरिझाती गर्ल्स हाई स्कूल में 9वीं की छात्रा है। खातून के परिजन इस पूरे मामले की स्थानीय अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं। इसके बावजूद भी छात्रा को न्याय नहीं मिल रहा है। बता दें कि हाल ही में छात्रा की मां की बीमारी से मौत हो गई थी। अब वह अपने पिता के साथ रहती है। स्कूल वालों का कहना है कि छात्रा को खांसी की बीमारी है। जब तक डॉक्टर सही नहीं बता देते तब तक स्कूल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
जबकि चंडीताला स्थित अस्पताल में इलाज कराने गई पीड़िता को डाक्टरों ने दावई देने के बाद स्वस्थ बताया है। इसका प्रमाण देने के बाद भी स्कूल वाले छात्रा को स्कूल में प्रवेश नहीं दे रहे हैं। तनूजा को अपनी पढ़ाई का डर सता रहा है उसको परीक्षा भी देनी है। वह कहती है कि जब पढ़ाई ही नहीं होगी तो परीक्षा में क्या करेगी। फिलहाल छात्रा का परिवार परेशान है और स्थानीय अधिकारियों से मदद की गुहार लगा रहा है।
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तनुजा हुगली जिले के चंडीताला में बरिझाती गर्ल्स हाई स्कूल में 9वीं की छात्रा है। खातून के परिजन इस पूरे मामले की स्थानीय अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं। इसके बावजूद भी छात्रा को न्याय नहीं मिल रहा है। बता दें कि हाल ही में छात्रा की मां की बीमारी से मौत हो गई थी। अब वह अपने पिता के साथ रहती है। स्कूल वालों का कहना है कि छात्रा को खांसी की बीमारी है। जब तक डॉक्टर सही नहीं बता देते तब तक स्कूल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
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जबकि चंडीताला स्थित अस्पताल में इलाज कराने गई पीड़िता को डाक्टरों ने दावई देने के बाद स्वस्थ बताया है। इसका प्रमाण देने के बाद भी स्कूल वाले छात्रा को स्कूल में प्रवेश नहीं दे रहे हैं। तनूजा को अपनी पढ़ाई का डर सता रहा है उसको परीक्षा भी देनी है। वह कहती है कि जब पढ़ाई ही नहीं होगी तो परीक्षा में क्या करेगी। फिलहाल छात्रा का परिवार परेशान है और स्थानीय अधिकारियों से मदद की गुहार लगा रहा है।
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