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ताउते का कहर: गुजरात में 13 की मौत, दो बार्ज में फंसे 317 लोगों को बचाया गया
Wed, 19 May 2021 12:38 AM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, अहमदाबाद/मुंबई
पीटीआई, अहमदाबाद/मुंबई
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 19 May 2021 12:38 AM IST
सार
गुजरात में चक्रवाती तूफान के कारण राज्य को भारी बारिश का सामना करना पड़ा तथा इस दौरान चली तेज रफ्तार आंधी के कारण कई खंभे व पेड़ उखड़ गए तथा घरों व सड़कों को भी नुकसान पहुंचा।
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cyclone tauktae
- फोटो : PTI
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विस्तार
गुजरात में चक्रवात ‘ताउते’ के कारण कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई जबकि तूफान की वजह से कई इलाकों में भारी बारिश तथा नुकसान की खबर है, वहीं भारतीय नौसेना व तटरक्षक बलों ने मुंबई के निकट अरब सागर में फंसे दो बार्ज में मौजूद 317 लोगों को सुरक्षित बचा लिया। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
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मौसम विभाग ने कहा कि ताउते गुजरात के तट से बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान के तौर पर आधी रात के करीब गुजरा और धीरे-धीरे कमजोर होकर गंभीर चक्रवाती तूफान तथा बाद में और कमजोर होकर अब चक्रवाती तूफान में बदल गया है।
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प्रदेश के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कहा कि 16000 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा, 40 हजार से ज्यादा पेड़ और 70 हजार से ज्यादा बिजली के खंभे उखड़ गए जबकि 5951 गांवों में बिजली चली गई।
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मीडिया को जानकारी देते हुए रुपाणी ने कहा कि चक्रवात के कारण मरने वालों का आधिकारिक आंकड़ा 13 का है। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह राज्य में आया अब तक का सबसे बुरा चक्रवात था। ताउते के कारण सौराष्ट्र से लेकर उत्तरी गुजरात के तट तक भारी बारिश देखने को मिली और कम से कम 46 तालुका में 100 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हुई जबकि 12 में 150 से 175 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई।
चक्रवात ताउते दोपहर बाद अहमदाबाद जिले की सीमा से लगते हुए उत्तर की तरफ बढ़ गया और इससे पहले और इस दौरान भी यहां लगातार भारी बारिश हुई जिससे शहर के कई इलाकों में घुटनों तक जलभराव हो गया। नगर आयुक्त मुकेश कुमार ने बताया कि शहर में सुबह छह बजे से शाम चार बजे के बीच 75.69 मिलीमीटर बारिश हुई।
अधिकारियों ने कहा कि ताउते की तीव्रता भले ही कमजोर हो गई हो लेकिन यह अपने पीछे विनाश के चिन्ह छोड़ गया जिसमें भावनगर,राजकोट, पाटण, अमरेली और वलसाड समेत गुजरात के विभिन्न इलाकों में कम से कम 13 लोगों की जान चली गई।
राज्य आपात अभियान केंद्र (एसईओसी) के एक अधिकारी ने चक्रवात की वजह से तीन मौत की पुष्टि की है जिनमें राजकोट, वलसाड और भावनगर में एक-एक व्यक्ति के मरने की बात कही गई है। पाटण ए-संभाग पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार रात तेज हवाएं चलने से, घर में सो रही एक महिला पर बिजली का खंभा गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
एक स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी ने कहा कि भावनगर के पलिताना तालुका के बादेली गांव में घर की दीवार गिरने से एक महिला व उसकी बेटी की मौत हो गई।
पुलिस ने कहा कि एक अन्य घटना में अमरेली जिले के राजुला में सोमवार रात एक मकान की छत ढहने से एक लड़की की मौत हो गई। अहमदाबाद के साणंद में बिजली का खंभा गिरने के कारण करंट लगने से एक व्यक्ति तथा एक महिला की मौत हो गई। खेड़ा जिले के नाडियाड में भी करंट लगने से एक महिला और उसकी बेटी की मौत हो गई।
अधिकारियों ने बताया कि गुजरात के वेरावल बंदरगाह के निकट चक्रवात के कारण समुद्र में फंसी मछली पकड़ने वाली नौका में सवार आठ मछुआरों को मंगलवार को तटरक्षक बल ने एक अभियान चलाकर सुरक्षित बचाया।
एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि इसके अलावा तटरक्षक बल के दो चेतक हेलीकॉप्टरों ने बेहद खराब मौसम के बीच (पड़ोसी महाराष्ट्र) के सतपति तट के निकट समुद्र में फंसे 'गल कंस्ट्रक्टर' जहाज के चालक दल के आठ सदस्यों को भी बचा लिया।
इसबीच एक अधिकारी ने बताया कि विपरीत मौसम से जूझते हुए भारतीय नौसेना और तटरक्षक बलों ने ताउते के दस्तक देने से पहले मुंबई के निकट अरब सागर में फंसे दो बार्ज में मौजूद 317 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है, लेकिन 390 और लोग अब भी अब भी फंसे हुए हैं या लापता बताए जा रहे हैं।
नौसेना के अधिकारी ने कहा कि 707 कर्मियों को ले जा रहे तीन बजरे और एक ऑयल रिग सोमवार समुद्र में फंस गया था। इनमें 273 लोगों को ले जा रहा 'पी305' बजरा, 137 कर्मियों को ले जा रहा गल कंस्ट्रक्टर और एसएस-3 बार्ज शामिल है, जिसमें 196 कर्मी मौजूद थे। साथ ही 'सागर भूषण' ऑयल रिग भी समुद्र में फंस गया था, जिसमें 101 कर्मी मौजूद थे।
अधिकारी ने कहा कि अब तक ‘गल कन्स्ट्रक्टर’ में मौजूद सभी 137 जबकि पी305 में मौजूद 273 में से 180 लोगों को बचा लिया गया है। उन्होंने कहा कि दमन के तटरक्षक वायु स्टेशन से संचालित दो चेतक हेलीकॉप्टरों ने गल कन्स्ट्रक्टर में मौजूद कर्मियों के बचाया। एक और चेतक हेलीकॉप्टर को भी बचाव अभियान में शामिल किया गया है।
नौसेना के प्रवक्ता ने कहा कि मुंबई अपतटीय विकास क्षेत्र में मुंबई से 35 समुद्री मील की दूरी पर डूबे बार्ज पी-305 के लिये तलाशी व राहत (एसएआर) अभियान में भारतीय नौसेना के पोत आईएनएस कोलकाता और आईएनएस कोचि्च की मदद के लिये तीन और पोत आईएनएस ब्यास, आईएनएस बेतवा तथा आईएनएस तेग को शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि एक अन्य अभियान में नौसेना के सीकिंग हेलीकॉप्टर ने जीएल कंस्ट्रक्टर के चालक दल के लिये बचाव अभियान शुरू किया और चालक दल के 35 सदस्यों को बचाया।
उन्होंने कहा कि तीन पोतों सपोर्ट स्टेशन-3, ग्रेट शिप अदिति और ड्रिल शिप सागर भूषण के लिए गुजरात के तट पर तलाश एवं राहत अभियान प्रगति पर है जो गुजरात तट (पीपावाह) से 15-20 समुद्री मील की दूरी पर दक्षिण-पूर्व में हैं।
नौसेना द्वारा दी गई तस्वीरों में दिख रहा है कि आईएनएस कोलकाता बजरा पी 305 से रात में दो लोगों को ले रहा है। नौसेना ने मंगलवार को कहा कि बार्ज डूब गया है। टीवी पर प्रसारित दृश्यों में दिख रहा है कि एक रिंग सरीखा पोत डूबता रहा है जिसपर मौजूद कर्मियों को बचाया जा रहा है। इसकी नौसेना के अधिकारियों ने पोत की पहचान की पुष्टि नहीं की।