फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Tariff War: India can become a reliable alternative to Chinese products in America

Tariff War: अमेरिका में चीन के उत्पादों का भरोसेमंद विकल्प बन सकता है भारत, चाइनीज उत्पादों पर 145% तक टैरिफ

Wed, 16 Apr 2025 07:20 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Wed, 16 Apr 2025 07:20 PM IST
सार

चांदनी चौक से सांसद और कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल का मानना है कि भारत, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां पहले से ही प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त है, अमेरिका में चीन के उत्पादों का एक भरोसेमंद और लोकतांत्रिक विकल्प बन सकता है।

विज्ञापन
Tariff War: India can become a reliable alternative to Chinese products in America
अमेरिका चीन टैरिफ युद्ध - फोटो : फ्रीपिक AI

विस्तार

अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते टैरिफ युद्ध ने भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार में भारत के व्यापार को एक नया आयाम देने का मौका मिला है। अमेरिका द्वारा चीन के कई उत्पादों पर लगभग 145% तक के भारी शुल्क लगाए जाने से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में जो बदलाव आयेगा, उसे भरने के लिए भारतीय व्यापारिक संगठनों और उद्योग जगत को तुरंत कदम उठाने की आवश्यकता है। भारत, अमेरिका में चीन के उत्पादों का एक विश्वसनीय और लोकतांत्रिक विकल्प बन सकता है।
विज्ञापन


चांदनी चौक से सांसद और कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल का मानना है कि भारत, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां पहले से ही प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त है, अमेरिका में चीन के उत्पादों का एक भरोसेमंद और लोकतांत्रिक विकल्प बन सकता है। यह भारत के लिए एक पीढ़ी में एक बार मिलने वाला अवसर है कि वह खुद को एक वैश्विक विनिर्माण और निर्यात केंद्र के रूप में पुनः स्थापित करे। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियां, अमेरिका को विश्वसनीय भागीदारों की तलाश करने को मजबूर करेंगी। ऐसे में भारतीय व्यापार और उद्योग को इस रणनीतिक मौके का लाभ उठाना चाहिए।
विज्ञापन


खंडेलवाल ने बताया, ऊंचे टैरिफ के चलते अमेरिकी कंपनियां अब चीनी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता कम करना चाहेंगी। ऐसे में भारत का कम लागत और उच्च कौशल वाला विनिर्माण तंत्र एक बेहतर विकल्प के रूप में उभर सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वैश्विक प्रभाव, भारत का लोकतांत्रिक ढांचा, कानून का शासन और लगातार बेहतर होती संरचना, अमेरिका के लिए भारत को एक भरोसेमंद व्यापारिक साझेदार के रूप में स्थापित कर सकती है। इसके अलावा, फार्मास्युटिकल्स, वस्त्र, रसायन, एफएमसीजी, इंजीनियरिंग वस्तुएं, इलेक्ट्रॉनिक्स असेंबली और ऑटो पार्ट्स जैसे क्षेत्रों में भारतीय निर्यातकों की पहले से ही मजबूत उपस्थिति है। अब चीन से आयात पर अमेरिकी शुल्क के चलते वह और भी प्रासंगिक हो गई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


खंडेलवाल ने यह भी कहा कि व्यापार और उद्योग जगत को अमेरिका की मांगों के अनुरूप खुद को तेजी से ढालने की रणनीति बनानी चाहिए। विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स, खिलौने, मशीनरी, फर्नीचर और कंज्यूमर गुड्स जैसे क्षेत्रों को लक्षित करना चाहिए, जहां चीन की पकड़ अब कमजोर हो रही है। इसके साथ ही सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव योजना जैसे प्रयासों से विनिर्माण क्षमता का विस्तार और उन्नयन जरूरी है। खंडेलवाल ने 'ब्रांड इंडिया' को विश्व बाजार में एक विश्वसनीय, टिकाऊ और नवाचार-समर्थ उत्पादक देश के रूप में प्रस्तुत करने की बात कही, जो केवल कम कीमत पर नहीं बल्कि गुणवत्ता और नवाचार में भी अग्रणी हो।


हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह अवसर स्थायी नहीं है। वियतनाम, मेक्सिको और बांग्लादेश जैसे देश भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। भारत को इस मौके को भुनाने के लिए नीतिगत समर्थन, अधोसंरचना में सुधार और निजी क्षेत्र की भागीदारी को एक साथ लाना होगा। बदलती वैश्विक व्यापारिक परिस्थितियों के बीच, भारत के पास अपने निर्यात की एक नई कहानी लिखने का अवसर है। खंडेलवाल ने कहा। हमें अभी—सुनियोजित और सामूहिक रूप से कदम उठाना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed