{"_id":"649e6e3678d4cd746e04f27f","slug":"tamil-nadu-some-are-upset-with-the-governor-s-decision-on-balaji-s-ministerial-post-some-said-it-right-2023-06-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Tamil Nadu: बालाजी के मंत्री पद पर राज्यपाल के फैसले से कोई खफा तो किसी ने बताया सही, जानें कौन-क्या बोला","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Tamil Nadu: बालाजी के मंत्री पद पर राज्यपाल के फैसले से कोई खफा तो किसी ने बताया सही, जानें कौन-क्या बोला
Fri, 30 Jun 2023 11:25 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Fri, 30 Jun 2023 11:25 AM IST
सार
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने राष्ट्रपति से तमिलनाडु के राज्यपाल को हटाने की मांग की है। उन्होंने संवाददाता से कहा कि तमिलनाडु के राज्यपाल अपनी सीमा नहीं जानते हैं। राज्यपाल कभी भी ऐसी गैर संवैधानिक कदम नहीं लेते हैं।
विज्ञापन
RN Ravi
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि द्वारा राज्य सरकार के मंत्री वी सेंथिल बालाजी को पद से हटाने के फैसले से कई नेता भड़क गए है। हालांकि उन्होंने इसके बाद अपना फैसला बदल लिया था, लेकिन मुख्यमंत्री से बिना सलाह लिए मंत्री को हटाना असंवैधानिक है। ऐसे में उद्धव ठाकरे गुट वाली शिवसेना नेता संजय राउत ने राज्यपाल के फैसले पर अपनी नारीजगी जताते हुए इसे गलत बताया है। डीएमके नेता टीकेएस ईलनगोवन भी राज्यपाल की इस हरकत पर भड़क गए।
राज्यपाल पर भड़के शिवसेना (यूबीटी) नेता
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने संवाददाताओं से राज्यपाल के फैसले को गलत बताते हुए भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, 'यह गलत है। किसी को सरकार से बर्खास्त करना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। महाराष्ट्र में भी नवाब मलिक पर आरोप लगे लेकिन सरकार ने उनका इस्तीफा नहीं लिया। लेकिन जिस तरह से तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने काम किया, वह भगत सिंह कोश्यारी से एक कदम आगे नजर आते हैं। भाजपा अपने शासन वाले राज्यों में संविधान का उल्लंघन कर रही है।'
डीएमके और केंग्रेस ने भी जताई नाराजगी
तमिलनाडु राज्यपाल के फैसले पर भड़के डीएमके नेता टीकेएस ईलनगोवन ने उनके ऊपर संविधान का बार बार उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, 'संविधान के अनुसार मुख्यमंत्री के जानकारी के बिना राज्यपाल किसी भी मंत्री को बर्खास्त नहीं कर सकता है। लेकिन इस राज्यपाल ने कभी भी संविधान का सम्मान नहीं किया, हमेशा उसका उल्लंखन ही किया है। केवल एक अपराध का आरोप लगने से वह मंत्री के रूप में अयोग्य नहीं हो जाता है।'
विज्ञापन
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने राष्ट्रपति से तमिलनाडु के राज्यपाल को हटाने की मांग की है। उन्होंने संवाददाता से कहा, 'तमिलनाडु के राज्यपाल अपनी सीमा नहीं जानते हैं। राज्यपाल कभी भी ऐसी गैर संवैधानिक कदम नहीं लेते हैं। इससे साफ पता चलता है कि उन्हें संविधान का बिलकुल भी ज्ञान नहीं है और वे अपनी जिम्मेदारियों से भी अनभिज्ञ है।'
राज्यपाल के पक्ष में बोले अन्नाद्रमुक पार्टी के प्रवक्ता
जहां तमिलनाडु के राज्यपाल के फैसले पर कई नेता आपत्ति जताते दिखे तो वहीं अन्नाद्रमुक पार्टी के प्रवक्ता कोवई सत्यम ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को अक्षम मुख्यमंत्री बताया है। उन्होंने कहा, 'एमके स्टालिन तमिलनाडु के अब तक के सबसे अक्षम मुख्यमंत्री रहे हैं।राज्यपाल ने चिट्ठी भेजकर कहा था कि बालाजी सेंथिल मंत्री पद पर बने नहीं रह सकते हैं। एमके स्टालिन का दोहरा चरित्र अब उजागर हो रहा है। जब वह विपक्ष में थे तो उनका रुख अलग था और अब जब सत्ता पक्ष में हैं तो उनका रुख अलग है।'
वी सेंथिल बालाजी नौकरी के बदले नकदी मामले में जांच का सामना कर रहे हैं। ईडी ने सेंथिल बालाजी को इस मामले में गिरफ्तार किया था, लेकिन उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में शिफ्ट कराया गया।
विज्ञापन
राज्यपाल पर भड़के शिवसेना (यूबीटी) नेता
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने संवाददाताओं से राज्यपाल के फैसले को गलत बताते हुए भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, 'यह गलत है। किसी को सरकार से बर्खास्त करना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। महाराष्ट्र में भी नवाब मलिक पर आरोप लगे लेकिन सरकार ने उनका इस्तीफा नहीं लिया। लेकिन जिस तरह से तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने काम किया, वह भगत सिंह कोश्यारी से एक कदम आगे नजर आते हैं। भाजपा अपने शासन वाले राज्यों में संविधान का उल्लंघन कर रही है।'
विज्ञापन
डीएमके और केंग्रेस ने भी जताई नाराजगी
तमिलनाडु राज्यपाल के फैसले पर भड़के डीएमके नेता टीकेएस ईलनगोवन ने उनके ऊपर संविधान का बार बार उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, 'संविधान के अनुसार मुख्यमंत्री के जानकारी के बिना राज्यपाल किसी भी मंत्री को बर्खास्त नहीं कर सकता है। लेकिन इस राज्यपाल ने कभी भी संविधान का सम्मान नहीं किया, हमेशा उसका उल्लंखन ही किया है। केवल एक अपराध का आरोप लगने से वह मंत्री के रूप में अयोग्य नहीं हो जाता है।'
विज्ञापन
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने राष्ट्रपति से तमिलनाडु के राज्यपाल को हटाने की मांग की है। उन्होंने संवाददाता से कहा, 'तमिलनाडु के राज्यपाल अपनी सीमा नहीं जानते हैं। राज्यपाल कभी भी ऐसी गैर संवैधानिक कदम नहीं लेते हैं। इससे साफ पता चलता है कि उन्हें संविधान का बिलकुल भी ज्ञान नहीं है और वे अपनी जिम्मेदारियों से भी अनभिज्ञ है।'
राज्यपाल के पक्ष में बोले अन्नाद्रमुक पार्टी के प्रवक्ता
जहां तमिलनाडु के राज्यपाल के फैसले पर कई नेता आपत्ति जताते दिखे तो वहीं अन्नाद्रमुक पार्टी के प्रवक्ता कोवई सत्यम ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को अक्षम मुख्यमंत्री बताया है। उन्होंने कहा, 'एमके स्टालिन तमिलनाडु के अब तक के सबसे अक्षम मुख्यमंत्री रहे हैं।राज्यपाल ने चिट्ठी भेजकर कहा था कि बालाजी सेंथिल मंत्री पद पर बने नहीं रह सकते हैं। एमके स्टालिन का दोहरा चरित्र अब उजागर हो रहा है। जब वह विपक्ष में थे तो उनका रुख अलग था और अब जब सत्ता पक्ष में हैं तो उनका रुख अलग है।'
वी सेंथिल बालाजी नौकरी के बदले नकदी मामले में जांच का सामना कर रहे हैं। ईडी ने सेंथिल बालाजी को इस मामले में गिरफ्तार किया था, लेकिन उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में शिफ्ट कराया गया।