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तमिलनाडु की सियासत में बड़ा उलटफेर: मुख्यमंत्री विजय की कैबिनेट में शामिल होगी VCK, वन्नी अरासु बनेंगे मंत्री

Thu, 21 May 2026 11:31 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Thu, 21 May 2026 11:31 PM IST
सार

तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर हुआ है। डीएमके की पुरानी सहयोगी पार्टी वीसीके ने अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके (TVK) के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होने का फैसला किया है। वीसीके प्रमुख थिरुमावलवन ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी के विधायक वन्नी अरासु को मंत्री पद दिया जाएगा। पहले वीसीके ने बाहर से समर्थन देने की बात कही थी, लेकिन टीवीके के खुले न्योते के बाद पार्टी ने कैबिनेट में जाने का निर्णय लिया।

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Tamil Nadu Politics VCK to Join CM Vijays Cabinet Vanni Arasu to Become Minister
वीसीके को भी मिलेगा मंत्री पद - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

तमिलनाडु की राजनीति में एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव देखने को मिला है। राज्य में दलितों की मजबूत आवाज़ मानी जाने वाली राजनीतिक पार्टी विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। वीसीके के प्रमुख तोल थिरुमावलवन ने गुरुवार को इस बात का ऐलान किया है कि उनकी पार्टी अब अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार (कैबिनेट) में शामिल होगी।

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तमिलनाडु में हाल ही में विधानसभा चुनाव खत्म हुए हैं। चुनाव के नतीजों में किसी भी एक पार्टी को सरकार बनाने के लिए स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था। ऐसे में राज्य में राष्ट्रपति शासन लगने का पूरा खतरा पैदा हो गया था। इस राजनीतिक संकट को टालने के लिए पहले वीसीके ने बाहर से टीवीके को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने का फैसला किया था। लेकिन अब पार्टी ने सरकार के अंदर बकायदा शामिल होकर सत्ता में भागीदारी करने का मन बना लिया है। चेन्नई में अपनी पार्टी के मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए थिरुमावलवन ने बताया कि इस नई सरकार में वीसीके की तरफ से उनके विधायक वन्नी अरासु को मंत्री पद के लिए नामित किया जाएगा।
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वीसीके ने बाहर से समर्थन देने का अपना पुराना फैसला क्यों बदला?
थिरुमावलवन ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआत में उनकी पार्टी ने टीवीके सरकार को बाहर से समर्थन देने का फैसला किया था और इसका समर्थन पत्र भी सौंप दिया था। लेकिन पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि वीसीके को केवल बाहर से समर्थन देने के बजाय कैबिनेट में शामिल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले पार्टी अपने रुख पर कायम थी, लेकिन जब टीवीके के शीर्ष नेतृत्व (आधव अर्जुन) की तरफ से सरकार में शामिल होने का एक खुला निमंत्रण आया, तो वीसीके को अपने फैसले पर दोबारा विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

पार्टी की अंदरूनी और उच्च स्तरीय बैठक में क्या बातचीत हुई थी?
वीसीके प्रमुख ने पर्दे के पीछे की कहानी बताते हुए कहा कि 8 मई को पार्टी की एक उच्च स्तरीय समिति की वर्चुअल बैठक आयोजित की गई थी। इस बेहद अहम बैठक में पार्टी के 32 शीर्ष नेताओं ने हिस्सा लिया था। बैठक के दौरान ज्यादातर नेताओं ने इस बात की पुरजोर वकालत की थी कि पार्टी को सरकार में कैबिनेट प्रतिनिधित्व मिलना ही चाहिए। हालांकि, अंतिम फैसला लेने का अधिकार पार्टी प्रमुख यानी थिरुमावलवन पर छोड़ दिया गया था। 9 मई की सुबह महासचिवों (सिंथनई सेलवन और डी रविकुमार) के साथ हुई बातचीत के बाद बाहर से बिना शर्त समर्थन देने का फैसला हुआ था, लेकिन निमंत्रण मिलने से हालात बदल गए।

सत्ता में हिस्सेदारी को लेकर वीसीके की राजनीतिक सोच क्या है?
थिरुमावलवन ने अपनी पार्टी की विचारधारा को बहुत ही स्पष्ट करते हुए कहा कि 'सत्ता में हिस्सेदारी' करना उनकी राजनीतिक सोच का एक बहुत ही अहम और बुनियादी स्तंभ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि साल 1999 में चुनावी राजनीति में कदम रखने के बाद से ही उनका यह मुख्य लक्ष्य रहा है। उन्होंने बताया कि वीसीके तमिलनाडु का पहला ऐसा राजनीतिक आंदोलन है जिसने "आत्चियिलुम पंगु, अधिकारथिलुम पंगु" के सिद्धांत की मांग की थी। इसका सीधा हिंदी मतलब है- शासन में भी हिस्सेदारी और सत्ता में भी हिस्सेदारी होनी चाहिए।


हालिया विधानसभा चुनाव में वीसीके का प्रदर्शन कैसा रहा?
इस राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़े चुनावी तथ्यों पर नजर डालें तो, वीसीके को मुख्य रूप से राज्य के दलित समुदाय का भारी समर्थन प्राप्त है। हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में वीसीके ने डीएमके के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन के एक हिस्से के रूप में चुनाव लड़ा था। पार्टी ने कुल आठ सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से पार्टी को दो सीटों पर शानदार जीत हासिल हुई। कैबिनेट मंत्री के लिए नामित किए गए नेता वन्नी अरासु तिंडीवनम विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुनकर आए हैं।

क्या वीसीके ने डीएमके गठबंधन को पूरी तरह से छोड़ दिया है?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पत्रकारों ने थिरुमावलवन से यह सीधा और तीखा सवाल पूछा कि क्या उनकी पार्टी ने अब डीएमके गठबंधन को औपचारिक रूप से छोड़ दिया है, तो उन्होंने इस पर चुप्पी साध ली। उन्होंने इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। थिरुमावलवन ने केवल इतना कहा कि आज वे सिर्फ कैबिनेट में शामिल होने के अपने फैसले की घोषणा कर रहे हैं। बाकी सभी राजनीतिक मामलों और गठबंधनों पर आने वाले दिनों में विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके लिए जल्द ही एक आधिकारिक प्रेस वार्ता बुलाई जाएगी। इस बात पर भी गौर किया जाना चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में ट्रंप मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति हैं।

 

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