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तालिबान से बातचीत : विदेश मंत्रालय की दो टूक- हमारा मकसद सिर्फ इतना कि अफगान सरजमीं का इस्तेमाल आतंक के लिए न हो

Thu, 02 Sep 2021 05:07 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Thu, 02 Sep 2021 05:07 PM IST
सार

दोहा में भारतीय राजदूत दीपक मित्तल की तालिबान के नेता शेर मोहम्मद अब्बास स्टानेकजई से मुलाकात पर उठ रहे सवालों के बीच विदेश मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट की है। मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा कि हमारा मकसद इतना है कि अफगानी सरजमीं का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए नहीं होना चाहिए। 
 

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Talks with Taliban: Foreign Ministry bluntly - Our aim is only that Afghan soil shouldnt be used for terror activity of any kind
अरिंदम बागची - फोटो : ANI

विस्तार

कतर की राजधानी दोहा में भारतीय राजदूत दीपक मित्तल की तालिबान के नेता शेर मोहम्मद अब्बास स्टानेकजई से हाल ही में हुई मुलाकात को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस बीच, गुरुवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने स्पष्ट किया कि तालिबान से आगे बातचीत होगी या नहीं, इसका हां या ना में उत्तर नहीं दिया जा सकता। हमारा उद्देश्य इतना है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी भी तरह की आतंकी गतिविधियों के लिए नहीं होना चाहिए। 

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बता दें, गुरुवार को एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने दोहा में भारतीय राजदूत की तालिबान के नेता से बातचीत को लेकर केंद्र से पूछा है कि तालिबान को लेकर वह अपना रवैया स्पष्ट करे। सरकार बताए कि वह तालिबान को आतंकी संगठन मानती है या नहीं? 

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दोहा में बातचीत को लेकर इन सवालों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि तालिबान के साथ बातचीत को लेकर उन्हें कोई जानकारी नहीं है। आगे बातचीत होगी या नहीं इसे लेकर भी हां या ना में जवाब नहीं दिया जा सकता। हमारा मकसद सिर्फ यह है कि अफगानिस्तान का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए नहीं होना चाहिए। अरिंदम बागची ने यह भी कहा कि हमें इस बात की भी जानकारी नहीं है कि अफगानिस्तान में किसी तरह की सरकार बन सकती है। 


काबुल एयरपोर्ट चालू होते ही लोगों को निकालेंगे
बागची ने बताया कि अभी काबुल एयरपोर्ट चालू नहीं है। जैसे ही इस हवाई अड्डे से उड़ानें फिर शुरू होंगी, हम काबुल से अपने लोगों को लाने का काम पुन: चालू करेंगे। उन्होंने कहा कि अधिकांश भारतीय अफगानिस्तान छोड़ चुके हैं, लेकिन एयरपोर्ट चालू होते ही हम एक बार फिर इस मामले को देखेंगे और बचे लोगों को भी लाया जाएगा। 


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