Tahawwur Rana: भाजपा बोली- कांग्रेस माफी मांगे, सफल प्रत्यर्पण आतंक के खिलाफ मोदी सरकार की सख्त नीति का प्रमाण
Tahawwur Rana Extradition News Live: 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ता तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण को लेकर देश में राजनीति भी शुरू हो गई है। पूर्व में सत्ताधारी गठबंधन यूपीए के नेता और मौजूदा सत्ताधारी गठबंधन एनडीए की तरफ से इसका श्रेय लेने की होड़ मची हुई है।
विस्तार
यूपीए सरकार पर निशाना
इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपीए शासन में आतंकवाद पर सख्त कार्रवाई की बजाय वोट बैंक की राजनीति की जाती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपीए के कार्यकाल में कुछ आतंकियों को सिर्फ इसलिए छोड़ दिया गया क्योंकि वे एक खास धर्म से थे। उस दौर में पाकिस्तान को 'मोस्ट फेवर्ड नेशन' का दर्जा दिया जाता था, जबकि आज ऐसे देश को 'मुंहतोड़ जवाब' (एमर्ज) की नीति अपनाई जाती है।
कांग्रेस नेताओं के पुराने बयानों पर उठाए सवाल26/11 आतंकी हमले के साजिशकर्ता तहव्वुर राणा को आज भारत लाया जा रहा है। तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण कोई आम प्रत्यर्पण नहीं है, ये नए भारत के संकल्प का प्रतिबिंब है।
जिसे 2019 में पीएम श्री @narendramodi जी ने परिभाषित करते हुए कहा था कि अगर कोई भारत की अखंडता, एकता, सुरक्षा,… pic.twitter.com/dTmLa4rkPM — BJP (@BJP4India) April 10, 2025
भाजपा नेता ने कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार के उस कथित बयान की आलोचना की जिसमें उन्होंने शहीद हेमंत करकरे की मौत के लिए आतंकियों की बजाय पुलिसवालों को दोषी ठहराया था। उन्होंने पूछा कि क्या अब वे लोग माफी मांगेंगे जिन्होंने 26/11 को संघ या हिंदुओं की साजिश बताया था? उन्होंने यह भी कहा कि 2004 से 2014 के बीच हुए आतंकवादी हमलों की लंबी सूची इस बात का प्रमाण है कि उस समय राजनीतिक इच्छाशक्ति की भारी कमी थी। वहीं, अब मोदी सरकार के नेतृत्व में एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे ठोस कदम उठाए गए हैं।
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति मजबूत
शहजाद पूनावाला ने कहा कि आज भारत 17 से 18 देशों से अपराधियों और आतंकियों को प्रत्यर्पित करवा रहा है। यह भारत की कूटनीतिक सफलता और वैश्विक मंचों पर प्रभावशाली उपस्थिति का संकेत है। उन्होंने कहा, 'आज भारत न्याय की भीख नहीं मांगता, बल्कि आतंक फैलाने वाले देश भारत से डरते हैं।'
कड़े कानूनों पर विपक्ष का विरोध दुर्भाग्यपूर्ण
यूएपीए, पीएफआई बैन, नए बीएनएस कानून और एनआईए कानून पर विपक्ष के विरोध को पूनावाला ने वोट बैंक की राजनीति बताया। उन्होंने कहा कि जब भी आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई होती है, कुछ लोग सहानुभूति जताते हैं, जो शहीदों के अपमान के समान है।
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कांग्रेस ने मोदी सरकार पर लगाया था आरोप
वहीं इससे पहले कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण को लेकर कई दावे किए थे। उन्होंने कहा कि- मोदी सरकार इस घटनाक्रम का श्रेय लेने के लिए होड़ में लगी है, जबकि सच्चाई उनके दावों से कोसों दूर है। यूपीए सरकार में 2011 के दौरान एनआईए की एक तीन सदस्यीय टीम ने अमेरिका जाकर मुंबई हमलों के मुख्य आरोपियों में से एक हेडली से पूछताछ की थी। इस मामले में पहली बड़ी कार्रवाई 11 नवंबर 2009 को हुई, जब एनआईए ने नई दिल्ली में डेविड कोलमैन हेडली (अमेरिकी नागरिक), तहव्वुर राणा (कनाडाई नागरिक) और अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया था। उसी महीने कनाडा के विदेश मंत्री ने भारत को खुफिया मदद देने की पुष्टि की। पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री चिदंबरम ने कहा, वह यूपीए सरकार की कुशल विदेश नीति का सीधा परिणाम था।