सांप्रदायिक टिप्पणी मामला: टी राजा ने नोटिस का दिया जवाब, बोले- ऐसा कुछ नहीं करूंगा जिससे पार्टी का अपमान हो
पैगंबर मोहम्मद पर भाजपा नेता टी राजा द्वारा विवादित बयान देने के मामले में निलंबित करने के बाद भाजपा की केंद्रीय अनुशासन समिति ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। अब टी राजा ने इस नोटिस का जवाब दिया है।
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भाजपा नेता टी राजा सिंह ने पैगंबर मोहम्मद पर उनकी कथित अपमानजनक टिप्पणी के लिए निलंबित होने के बाद कारण बताओ नोटिस पर भाजपा की केंद्रीय अनुशासन समिति को जवाब दिया है। टी राजा ने अपने जवाब में कहा है कि अब तक अपने आठ सालों के विधानसभा कार्यकाल में उन्होंने कभी पार्टी के अनुशासन को भंग नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि वे पार्टी के हर कार्यक्रम में हिस्सा लेते हैं। साथ ही उन्होंने निलंबन को वापस लेने और एक और मौका देने की मांग करते हुए यह भी कहा है कि मैं एक भाजपा कार्यकर्ता के रूप में ऐसा कुछ भी नहीं करूंगा जिससे पार्टी का अपमान हो।
भाजपा ने मांगा था जवाब
गौरतलब है कि विवादित बयान मामले में भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा कदम उठाते हुए तेलंगाना से विधायक टी राजा सिंह को निलंबित कर दिया था। इसके साथ ही उनको कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। भाजपा की केंद्रीय अनुशासन समिति ने तेलंगाना विधायक से पूछा था कि क्यों न उन्हें पार्टी से बर्खास्त कर दिया जाए? इसके अलावा उनके खिलाफ जांच भी बैठाई गई थी। इतना ही नहीं हैदराबाद पुलिस ने उनको इस मामले में गिरफ्तार भी किया था। अब उन्होंने अपना जवाब भाजपा को दिया है।
टी राजा सिंह ने दिया ये जवाब
निलंबित विधायक टी राजा ने भाजपा की केंद्रीय अनुशासन समिति के अध्यक्ष ओम पाठक को एक पत्र भेजकर अपना जवाब दिया है। इसमें उन्होंने दो बार पार्टी से चुनाव लड़ने का मौका देने के लिए भाजपा का धन्यवाद भी ज्ञापित किया है। उन्होंने अपने जवाब में कहा कि वो 2014 में तेलंगाना में चुने गए भाजपा के 5 विधायकों में से एक थे। इसके अलावा 2018 में भाजपा की तरफ से जीत दर्ज करने वाले वे तेलंगाना में एकमात्र भाजपा उम्मीदवार थे। इसके बाद 2020-21 के उपचुनावों में पार्टी के दो अन्य उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने कहा कि तब से वे और उनके अन्य दोनों सहयोगी विधायक पार्टी हितों को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कभी कोई ऐसा काम नहीं किया जिससे पार्टी का अनुशासन भंग हो।
किसी कठोर शब्द का प्रयोग नहीं किया
उन्होंने अपने विवादित वायरल वीडियो के बारे में जवाब देते हुए कहा कि उस वीडियो में उन्होंने ना तो कोई अपशब्द बोला है और ना ही किसी कठोर शब्द का प्रयोग किया है। इसके अलावा उन्होंने तो किसी का नाम भी नहीं लिया है। किसी समाज के लोगों की भावनाएं आहत हों ऐसा भी कुछ उस वीडियो में नहीं है। उन्होंने अपने जवाब में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM पर भी आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि AIMIM के इशारे पर ही पुलिस ने उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कर जेल भी भेज दिया। इतना ही नहीं जब अदालत ने उनके खिलाफ मामले को खारिज कर दिया उसके बाद पीडी एक्ट लगाकर उन्हें जेल में रखा गया।
टी राजा ने कहा कि उन्होंने तो बस कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी की नक़ल की थी। उन्होंने ना तो किसी मजहब की आलोचना की थी और ना ही उनकी ऐसी कोई मंशा थी। उन्होंने अपने जवाब में पार्टी से एक और मौका दिए जाने की मांग भी की है।
क्या है वीडियो में?
पूरा विवाद छह मिनट तैंतीस सेकंड के वीडियो से जुड़ा है। उन्होंने विवादों में रहने वाले कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी को निशाना बनाते हुए टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा, ''एक कॉमेडियन है जो थर्ड क्लास कॉमेडी करता है और हिंदुओं, भाजपा के बड़े अधिकारियों को टारगेट करता है। भगवान रामचंद्र और सीता मैया के बारे में अपशब्द कहता है...।''
आरोप है कि इस वीडियो में उन्होंने अपमानजनक टिप्पणियां भी कीं। बाद में वे वीडियो में कह रहे हैं, ''जो जिस भाषा में सुनेगा, उसे टी राजा सिंह उसी भाषा में जवाब देगा। मेरा ऐसा कोई उद्देश्य नहीं था, लेकिन इसकी वजह है कि एक व्यक्ति ने मेरे राम और मेरी सीता माता के बारे में अपशब्द कहे और हमारे भगवानों पर कॉमेडी की। इसलिए आज मजबूरन मुझे भी ये कॉमेडी करनी पड़ रही है। ...विचार करें।''