H-1B Visa: 'अमेरिका हिचकेगा तो बंगलूरू तैयार', एच-1बी वीजा पर शुल्क को अकबरुद्दीन ने बताया प्रतिभा पर टैक्स
H-1B वीजा शुल्क में बढ़ोतरी पर भारत के पूर्व यूएन प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि यह भारत-अमेरिका के बीच प्रतिभा के पुल पर 88 लाख का टोल टैक्स है। उन्होंने इसे दोनों देशों के लिए नुकसानदायक बताया। साथ ही कहा कि अगर अमेरिका भारतीय टैलेंट को रोकेगा, तो काम भारत आएगा और बंगलूरू इसके लिए तैयार है।
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से एच-1बी वीजा शुल्क में भारी बढ़ोतरी को लेकर दुनियाभर में चर्चा तेज है। ऐसे में अब इस मामले में संयुक्त राष्ट्र में भारत के पूर्व स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे भारत और अमेरिका के बीच प्रतिभा के पुल पर 88 लाख रुपये का टोल टैक्स बताया है। सात ही कहा कि इससे दोनों देशों को नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि एच-1बी वीजा पहले भारत और अमेरिका के बीच एक पुल था, लेकिन अब इसे एक मौके की सीढ़ी की बजाय फायदा उठाने वाला रास्ता (लूपहोल) माना जा रहा है।
न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत के दौरान सैयद अकबरुद्दीन ने इस बात पर जोर दिया कि प्रतिभा पर टैक्स लगाना ऐसा दौड़ है जिसमें दोनों देश हारेंगे। साझेदार देश प्रतिभा को दबाते नहीं, उसे दिशा देते हैं। उन्होंने कहा कि अगर टैरिफ वस्तुओं पर टैक्स है, तो एच-1बी वीजा पर ये भारी टैक्स भरोसे पर टैक्स है। हमें युवाओं के सपनों को बहुत सोच-समझकर संभालना होगा।
ये भी पढ़ें:- H-1B Visa Row: ट्रंप की सख्ती से खतरे में भारतीय युवाओं का 'US ड्रीम'; जर्मनी बोला- कुशल पेशेवरों का स्वागत...
'अगर अमेरिका हिचक रहा है, तो बंगलूरू तैयार'
सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि अमेरिका के इस कदम से जो हमारे देश के होनहार लोग विदेश में काम करने चले जाते थे अब वहां से भारत में आकर काम करेंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर अमेरिका में भारतीय प्रतिभा को जगह नहीं मिलेगी, तो वैश्विक कंपनियों के ‘ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर’ भारत में ही आएंगे और काम भारत आ जाएगा। अकबरुद्दीन ने आगे कहा कि हर चुनौती एक मौका लेकर आती है। अगर अमेरिका टैलेंट लेने में हिचक रहा है, तो बंगलूरू उसे लेगा, या फिर कनाडा ले जाएगा। जहां अवसर होंगे वहीं प्रतिभा जाएगी।
ये भी पढ़ें:- UNGA: संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस देश के राष्ट्रपति ने की ट्रंप के खिलाफ आपराधिक जांच की मांग की, जानें वजह
टैरिफ और अमेरिका से व्यापार वार्ता पर क्या बोले अकबरुद्दीन?
इसके साथ ही अतरिक्त टैरिफ को लेकर भी सैयद अकबरुद्दीन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। अमेरिका और भारत के बीच चल रही व्यापार वार्ताओं अकबरुद्दीन ने कहा कि भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है ताकि वह कुछ मामलों में झुके, लेकिन भारत के पास भी मजबूत विकल्प हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे वाणिज्य मंत्री वॉशिंगटन में हैं, विदेश मंत्री न्यूयॉर्क में हम कमजोर नहीं हैं, लेकिन जरूरी है कि हम बहुस्तरीय बाजार और रास्तों पर काम करें, तभी हम दबाव से बच पाएंगे। इसके अलावा अंत में उन्होंने ये भी जोड़ा कि अब यह केवल व्यापार वार्ता नहीं रह गई है, बल्कि इसमें राजनीतिक मुद्दे और भारत की वैश्विक भूमिका की दिशा भी शामिल हो गई है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.