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Maharashtra: जन्म देने वाली मां को ढूंढने स्वीडन से नागपुर पहुंची महिला, वकील ने लोगों से की मदद की अपील
Wed, 03 Apr 2024 09:51 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: श्वेता महतो
Updated Wed, 03 Apr 2024 09:51 AM IST
सार
नागपुर में वकील अंजलि पवार ने कहा कि हम सभी पेट्रीसिया की मदद कर रहे हैं। जो भी 1983 में शांतिनगर में रहते थे या शांता और रामदास को पहचानते हैं तो उनसे गुजारिश है कि वे सामने आकर हमारी मदद करें।
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स्वीडीश नागरिक पेट्रीसिया एरिक्सन
- फोटो : ANI
विस्तार
स्वीडीश नागरिक पेट्रीसिया एरिक्सन अपनी जन्म देने वाली मां को ढूंढने के लिए महाराष्ट्र पहुंची है। पेट्रीसिया फिलहाल नागपुर में है। वकील अंजलि पवार पेट्रीसिया की मदद के लिए सामने आई है।
मां को ढूंढने नागपुर पहुंची पेट्रीसिया एरिक्सन
मीडिया से बात करते हुए पेट्रीसिया एरिक्सन ने कहा, स्कूल में बच्चे यह कहते थे कि उनके बाल उनकी मां जैसे है और नाक पिता जैसे हैं। तब मुझे एहसास हुआ कि मैं वैसा नहीं कर सकती। एक बच्चे के दृष्टिकोण से आप खुद की तुलना अपनी मां से नहीं कर सकते हैं। आपको ऐसी स्थिति में रखा जाता है जहां आप किसी और की तरह नहीं दिखते हैं। यहां से मेर सोच शुरू होती है। मुझे उम्मीद है कि इससे कुछ हासिल हो सकता है।
वकील ने की अपील
नागपुर में वकील अंजलि पवार ने कहा, हम पेट्रीसिया की मदद कर रहे हैं। जो भी 1983 में शांतिनगर में रहते थे या शांता और रामदास को पहचानते हैं तो मेरी उनसे गुजारिश है कि वे सामने आकर हमारी मदद करें। उन्होंने कहा कि पेट्रीसिया एक बार अपनी मां से मिलना चाहती है।
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मां को ढूंढने नागपुर पहुंची पेट्रीसिया एरिक्सन
मीडिया से बात करते हुए पेट्रीसिया एरिक्सन ने कहा, स्कूल में बच्चे यह कहते थे कि उनके बाल उनकी मां जैसे है और नाक पिता जैसे हैं। तब मुझे एहसास हुआ कि मैं वैसा नहीं कर सकती। एक बच्चे के दृष्टिकोण से आप खुद की तुलना अपनी मां से नहीं कर सकते हैं। आपको ऐसी स्थिति में रखा जाता है जहां आप किसी और की तरह नहीं दिखते हैं। यहां से मेर सोच शुरू होती है। मुझे उम्मीद है कि इससे कुछ हासिल हो सकता है।
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#WATCH | Nagpur, Maharashtra: Swedish National Patricia Eriksson comes to Nagpur to search for her biological mother.
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She says, "The kids in school started to explain that they have their mother's hair and father's nose. Then I realised I couldn't do the same... From a child's… pic.twitter.com/bcyXL4se6o— ANI (@ANI) April 3, 2024
वकील ने की अपील
नागपुर में वकील अंजलि पवार ने कहा, हम पेट्रीसिया की मदद कर रहे हैं। जो भी 1983 में शांतिनगर में रहते थे या शांता और रामदास को पहचानते हैं तो मेरी उनसे गुजारिश है कि वे सामने आकर हमारी मदद करें। उन्होंने कहा कि पेट्रीसिया एक बार अपनी मां से मिलना चाहती है।
#WATCH | Nagpur, Maharashtra: Advocate Anjali Pawar says, "We are helping Patricia in her search... Anyone who used to live in Shantinagar in 1983 and knows her or knows about Shanta and Ramdas, we appeal to them to come forward and help us... Patricia wants to meet her mother… pic.twitter.com/w8VwRuAYBr
— ANI (@ANI) April 3, 2024