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Swavlamban 2024: भारत-चीन पेट्रोलिंग पर बोले उप नौसेना प्रमुख- आसान नहीं होता इस तरह के समझौतों पर पहुंचना
Tue, 22 Oct 2024 08:58 PM IST
बशु जैन
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Tue, 22 Oct 2024 08:58 PM IST
सार
भारतीय नौसेना की तरफ यह टिप्पणी विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद आई है, जिसमें पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गश्त को लेकर भारत और चीन के बीच समझौता हो गया है।
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कृष्णा स्वामीनाथन, उप प्रमुख नौ सेना
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने मंगलवार को कहा कि भारतीय नौसेना यह जानकर खुश है कि भारत और चीन पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर पेट्रोलिंग करने के समझौते पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर इस तरह के समझौतों पर पहुंचना आसान नहीं है। इससे पहले भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्दिवेदी ने भी इस मुद्दे पर पहली बार अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि इस पूरी कवायद का उद्देश्य एक शांतिपूर्ण हल निकालना है, ताकी बॉर्डर पर भरोसा और स्थिरता बनी रहे।
भारतीय नौसेना की तरफ यह आधिकारिक टिप्पणी विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद आई है, जिसमें पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गश्त को लेकर भारत और चीन के बीच समझौता हो गया है। मंगलवार को नई दिल्ली के कोटा हाउस में आयोजित दो दिवसीय सेमीनार 'स्वावलंबन 2024' की तीसरे संस्करण में बोलते हुए वाइस चीफ ऑफ नेवल स्टाफ वीएडएम कृष्णा स्वामीनाथन ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों में किसी भी तरह के समझौते पर पहुंचना आसान नहीं होता है। यह इतना आसान नहीं है, क्योंकि इसमें विचार होते हैं, धारणाएं होती हैं, भावनात्मक मुद्दे होते हैं। भूमि संबंधी मुद्दे होते हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी विचार होते हैं। इसलिए, एक समय में आप राष्ट्रीय चेतना के कई तत्वों पर विचार करते हैं। आप जाते हैं और बात करते हैं, समझौता करते हैं।
वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने कहा कि उन्हें समझौते के ब्योरे को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं है और वे जानना भी नहीं चाहते हैं। लेकिन वे इतना जानते हैं कि किसी प्रकार का समझौता हो गया है, और हम सभी खुश हैं। उन्होंने 'स्वावलंबन 2024' के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इंडियन नेवी नेवल इनोवेशन और इंडीजिनाइजेशन ऑर्गेनाइजेशन (NIIO) की तरफ से भारत मंडपम में 28 और 29 अक्तूबर को स्वावलंबन 2024 सेमीनार आयोजित की जाएगी। यह इसका तीसरा एडिशन होगा, जिसमें डिफेंस टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर भारत के प्रयासों को प्रमुखता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस साल का कार्यक्रम पहले के आयोजित कार्यक्रमों की तुलना में बड़ा होगा। इसमें तकनीकी प्रगति पर फोकस किया जाएगा, जो भारत की रक्षा क्षमताओं को काफी मजबूत करेगा।
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नौसेना के उप प्रमुख ने बताया कि भारतीय नौसेना ने डिफेंस टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भरता का मुकाम हासिल करने के लिए कई कदम उठाए हैं। स्वावलंबन 2024 की थीम, "इनोवेशंस और स्वदेशीकरण के माध्यम से शक्ति और सामर्थ्य" रखी गई है। यह थीन बताती है कि मॉर्डन वारफेयर में आने वाले ऑपरेशनल चुनौतियां का अत्याधुनिक समाधान खोजने के लिए नौसेना ने किस तरह से इनोवेशंस को बढ़ावा दिया है।
इस साल के एडिशन में भावी चुनौतियों पर तो चर्चा होगी ही, साथ ही स्वावलंबन 3.0 दस्तावेज भी जारी किया जाएगा। इस दौरान नौसेना उप प्रमुख ने स्वावलंबन सेमीनार के लिए हैकथॉन चैलेंज भी लॉन्च किया। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में रियल वर्ल्ड ऑपरेशनल चैलेंज का समाधान ऩई तकनीक की मदद से खोजने का चैलेंज रखा गया है। इसमें प्रतिभागियों को कई तकनीकी डोमेन में सहयोग, इनोवेशन करने और समाधान ढूंढने का मौका मिलेगा। हैकथॉन के रिजल्ट स्वावलंबन 2024 के दौरान घोषित किए जाएंगे।
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भारतीय नौसेना की तरफ यह आधिकारिक टिप्पणी विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद आई है, जिसमें पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गश्त को लेकर भारत और चीन के बीच समझौता हो गया है। मंगलवार को नई दिल्ली के कोटा हाउस में आयोजित दो दिवसीय सेमीनार 'स्वावलंबन 2024' की तीसरे संस्करण में बोलते हुए वाइस चीफ ऑफ नेवल स्टाफ वीएडएम कृष्णा स्वामीनाथन ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों में किसी भी तरह के समझौते पर पहुंचना आसान नहीं होता है। यह इतना आसान नहीं है, क्योंकि इसमें विचार होते हैं, धारणाएं होती हैं, भावनात्मक मुद्दे होते हैं। भूमि संबंधी मुद्दे होते हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी विचार होते हैं। इसलिए, एक समय में आप राष्ट्रीय चेतना के कई तत्वों पर विचार करते हैं। आप जाते हैं और बात करते हैं, समझौता करते हैं।
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वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने कहा कि उन्हें समझौते के ब्योरे को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं है और वे जानना भी नहीं चाहते हैं। लेकिन वे इतना जानते हैं कि किसी प्रकार का समझौता हो गया है, और हम सभी खुश हैं। उन्होंने 'स्वावलंबन 2024' के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इंडियन नेवी नेवल इनोवेशन और इंडीजिनाइजेशन ऑर्गेनाइजेशन (NIIO) की तरफ से भारत मंडपम में 28 और 29 अक्तूबर को स्वावलंबन 2024 सेमीनार आयोजित की जाएगी। यह इसका तीसरा एडिशन होगा, जिसमें डिफेंस टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर भारत के प्रयासों को प्रमुखता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस साल का कार्यक्रम पहले के आयोजित कार्यक्रमों की तुलना में बड़ा होगा। इसमें तकनीकी प्रगति पर फोकस किया जाएगा, जो भारत की रक्षा क्षमताओं को काफी मजबूत करेगा।
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नौसेना के उप प्रमुख ने बताया कि भारतीय नौसेना ने डिफेंस टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भरता का मुकाम हासिल करने के लिए कई कदम उठाए हैं। स्वावलंबन 2024 की थीम, "इनोवेशंस और स्वदेशीकरण के माध्यम से शक्ति और सामर्थ्य" रखी गई है। यह थीन बताती है कि मॉर्डन वारफेयर में आने वाले ऑपरेशनल चुनौतियां का अत्याधुनिक समाधान खोजने के लिए नौसेना ने किस तरह से इनोवेशंस को बढ़ावा दिया है।
इस साल के एडिशन में भावी चुनौतियों पर तो चर्चा होगी ही, साथ ही स्वावलंबन 3.0 दस्तावेज भी जारी किया जाएगा। इस दौरान नौसेना उप प्रमुख ने स्वावलंबन सेमीनार के लिए हैकथॉन चैलेंज भी लॉन्च किया। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में रियल वर्ल्ड ऑपरेशनल चैलेंज का समाधान ऩई तकनीक की मदद से खोजने का चैलेंज रखा गया है। इसमें प्रतिभागियों को कई तकनीकी डोमेन में सहयोग, इनोवेशन करने और समाधान ढूंढने का मौका मिलेगा। हैकथॉन के रिजल्ट स्वावलंबन 2024 के दौरान घोषित किए जाएंगे।