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उपलब्धि: आज लॉन्च होगा कीटनाशकों से बचाने वाला स्वदेशी किसान कवच, 10 चूहों पर अध्ययन के बाद बना खास कपड़ा
Tue, 17 Dec 2024 06:04 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Tue, 17 Dec 2024 06:04 AM IST
सार
जानकारी के अनुसार, बंगलूरू के स्टेम सेल बायोलॉजी, रीजेनरेटिव मेडिसिन संस्थान (इनस्टेम) और सेपियो हेल्थ प्रालि के वैज्ञानिकों ने मिलकर किसान कवच के लिए इस खास किस्म के कपड़े की खोज की है। इस कपड़े पर एक वैज्ञानिक अध्ययन भी हुआ है जिसे नेचर कम्युनिकेशंस जर्नल में प्रकाशित किया गया।
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स्वदेशी किसान कवच
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
देश के किसानों को कीटनाशकों से बचाने के लिए सरकार पहले स्वदेशी किसान कवच को लॉन्च करेगी। मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह सूती कपड़े से बने इस कवच को लॉन्च करेंगे जिसे बनाने में एक ऐसे अणु का इस्तेमाल किया गया है जो संपर्क में आते ही कीटनाशकों को निष्क्रिय करने में सक्षम है।
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जानकारी के अनुसार, बंगलूरू के स्टेम सेल बायोलॉजी, रीजेनरेटिव मेडिसिन संस्थान (इनस्टेम) और सेपियो हेल्थ प्रालि के वैज्ञानिकों ने मिलकर किसान कवच के लिए इस खास किस्म के कपड़े की खोज की है। इस कपड़े पर एक वैज्ञानिक अध्ययन भी हुआ है जिसे नेचर कम्युनिकेशंस जर्नल में प्रकाशित किया गया।
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कपड़े का असर जानने के लिए वैज्ञानिकों ने 10 चूहों पर अध्ययन किया। इसमें पाया कि इसे पहनने से किसानों के लिए कीटनाशक से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम काफी कम हो सकता है। इसलिए वैज्ञानिकों ने इसे किसान कवच का नाम दिया।
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शोधकर्ता डॉ. प्रवीण कुमार वेमुला ने बताया कि यह कपड़ा न्यूक्लियोफाइल अणु से बना है। कम से कम एक साल तक इसे धोकर उपयोग में ला सकते हैं। उन्होंने बताया कि किसान अक्सर फसलों पर छिड़काव करते समय कीटनाशकों के संपर्क में आते हैं। इनमें ऐसे रसायन होते हैं, जिनके संपर्क में आने से इंसान को कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। इससे बुखार, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी, सांस लेने में समस्या, कंपन के अलावा कुछ मामलों में दृष्टि हानि भी हो सकती है। देश में हर साल करीब 30 करोड़ किसानों पर इससे प्रभावित होने का जोखिम रहता है। वर्तमान में किसानों को नुकसान पहुंचाने से पहले कीटनाशकों को बेअसर करने की कोई तकनीक उपलब्ध नहीं है।